Q&A
06:55 PM | 11-09-2019

I've been married for 5 years but do not have a child. What can I do?


Post as Anonymous User
5 Answers

12:12 PM | 12-09-2019

Reproductive system is a complex set of body parts working in sync to manage a life. Both the partners have to lead a holistic lifestyle to  contribute healthy sperms and eggs. 

We must focus on the natural principles of living 

  • High raw foods - fruits veggies greens 
  • Respecting the circadian rhythm - https://www.wellcure.com/body-wisdom/15/circadian-rhythm-of-the-body
  • Natural Hydration to ensure body has enough to maintain homeostasis - juices from fruits veggies greens 2-3lts
  • Enough exercise 
  • Breathing 
  • Mental poise
  • Resting well
  • Experience natural elements 
  • Not medicating the body to suppress any eliminations 
  • Not overloading the body with toxic foods the body can’t recognise - things unnatural that we can’t chew and digest in its raw state. Man made fake foods - maida sugar packed foods, refined oils, wheat , gluten based foods, processed foods , excess cooked foods, etc
  • Freeing the body off digestion every few days- fasting for 16 hrs (previous dinner onwards)
  • Spending time Connecting with oneself the form of meditation 

If we maintain our lifestyle along these lines as much as possible we will be healthy, body organs will function properly.

 

Be blessed 

Smitha Hemadri (educator of natural healing practices)



04:37 PM | 12-09-2019

Hi. Read this Journey - My Triumph Over Ulcerative Colitis & Infertility for some encouragement. Please adopt a natural lifestyle and it will surely help you. Wellcure’s Buddy Program helps you in making the transition, step by step. If you would like to know more, please let us know.



04:35 PM | 12-09-2019

नमस्ते 

महिलाओं में समस्याएं- फैलोपियन ट्यूब का बंद होना, यूटरस संबंधी समस्या होना मसलन गर्भाशय छोटा होना, इसमें गांठ, रसौली/कैंसर या टीबी होना, एग का नहीं बनना या फर्टाइल न होना, पीसीओडी (पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम), ल्यूकोरिया, डायबीटीज, अनीमिया, मोटापा आदि

पुरुषों में समस्याएं - स्पर्म कम होना (आमतौर पर पुरुष में 15 मिलियन/मिली स्पर्म्स सामान्य माने जाते हैं)।स्पर्म की क्वॉलिटी खराब होना। इजेकुलेट न होना। सिफलिस या गनोरिया जैसी बीमारी होना

 

शरीर में आकाश तत्व की कमी से ऐसा होता है शारीरिक और मानसिक कार्यों का संतुलन बनाएँ। शारीरिक मेहनत ज़रूर करें।

खुराक बदलें। शरीर पाँच तत्व से बना हुआ है प्रकृति की ही तरह।

आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी ये पाँच तत्व आपके शरीर में रोज़ खुराक की तरह जाना चाहिए।

पृथ्वी और शरीर का बनावट एक जैसा 70% पानी से भरा हुआ। पानी जो कि फल, सब्ज़ी से मिलता है।

1 आकाश तत्व- एक खाने से दूसरे खाने के बीच में विराम दें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें।

2 वायु तत्व- लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें रुकें फिर स्वाँस अंदर भरें ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक टाइम पर करना है। ये दिन में चार बार करें। मर्जारी, भुजंगआसन, गोमुख़ासन, सूर्य नमस्कार 5 बार करें।

तैराकी, दौड़, साइकिल चलाएँ।

3 अग्नि तत्व- सूर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।

4 जल तत्व- खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें और खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा करना है।

नीम के पत्ते + खीरा का पेस्ट अपने गर्भाशय पर रखें। 20मिनट तक रख कर साफ़ कर लें।

मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

फल के 3 घंटे का अंतराल (gap) रखें। सलाद के बाद 5 घंटे का अंतराल और पका हुआ खाना के बाद 12 घंटे का अंतराल रखें। इस जीवन शैली को पति पत्नी दोनो अपनाएँ।

कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। अगले सुबह ख़ाली पेट इनमे से कोई भी हरा जूस लें।पेठे (ashguard ) का जूस लें और  नारियल पानी भी ले सकते हैं। बेल का पत्ता 8 से 10 पीस कर 100ml पानी में मिला कर छान कर पीएँ। खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ।

ये जूस सुबह नाश्ते से एक घंटे पहले लें। नाश्ते में फल लें। दोपहर के खाने से एक घंटा पहले हरा जूस लें। खाने में सलाद नमक सेंधा ही प्रयोग करें। नमक की पके हुए खाने में भी बहुत कम लें। सब्ज़ी पकने बाद उसमें नमक डालें। नमक पका कर या अधिक खाने से शरीर में (fluid)  की कमी हो जाती।

सलाद दोपहर 1बजे बिना नमक के खाएँ तो अच्छा होगा क्योंकि नमक सलाद के गुणों को कम कर देता है। सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurad) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी लें।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लें। रात 8 बजे के बाद कुछ ना खाएँ, 12 घंटे का (gap) अंतराल रखें। 8बजे रात से 8 बजे सुबह तक कुछ नहीं खाना है।

एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ  ले सकते हैं।

जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

धन्यवाद।

रूबी

 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका  मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

 



12:12 PM | 12-09-2019

नमस्ते,

       लंबे समय तक वसायुक्त, तली -भुनी, मांस इत्यादि का अधिक मात्रा में सेवन करने , खराब दिनचर्या , अधिक तनाव गुस्सा, चिंता, आलस्य से शरीर में अम्लीय पदार्थों की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती है जिससे हमारे शरीर के खून का पीएच मान 7 .36 से नीचे चला जाता है, जिससे अंगों की कार्यक्षमता भी कम हो जाती है, मल का निष्कासन भी सुचारू रूप से नहीं हो पाता और शरीर में कई पोषक तत्वों की कमी भी हो जाती है परिणाम स्वरूप कोई ना कोई अंग प्रभावित हो जाता है , बांझपन के साथ भी ऐसा ही है, बच्चेदानी की कार्य क्षमता शिथिल पड़ जाती है - 

 

निम्नलिखित योग व प्राकृतिक चिकित्सा में सहायक सिद्ध होगी -

 

*प्राणायाम -कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका ,भ्रामरी !

 

*क्रिया - जलनेति ,सूत्र नेति , वमन धौति  (सप्ताह में दो बार)

 

*आसन -तितली आसन, पश्चिमोत्तानासन, भुजंगासन ,धनुरासन ,चक्रासन, पवनमुक्तासन ,त्रिकोणासन, मार्जरी आसन , पद्मासन ,सर्वांगासन ,हलासन, सूर्य नमस्कार !

 

*एनिमा - गुनगुने पानी , नींबू और शहद !

 

*मिट्टी की पट्टी- पेट व माथे पर !

 

*पेट लिवर पट्टी(पेट के आगे की तरफ गर्म पानी का थैला और पीछे ठंडे पानी का थैला व सूती  कपड़े से बांध दें उसके ऊपर ऊनी कपड़ा लपेट दें) ,

*किडनी पट्टी -(पीछे की तरफ गर्म व आगे की तरफ ठंडा) उपर्युक्त तरीके से बांध दें !

 

*पूरे शरीर की मालिश व वाष्प स्नान !

 

*पूरे शरीर का मिट्टी स्नान ! 

 

*क्रमिक ठंडा गरम कमर स्नान !

 

*जूस- नींबू/संतरा /अनन्नास /सेव /गेहूं का ज्वारा /एलोवेरा !

 

*सलाद -गाजर ,खीरा, ककड़ी ,प्याज ,लहसुन !

 

*उपवास- सप्ताह में 2 दिन फलों के रस /नारियल पानी /आम पर !

 

*उबली हुई सब्जियां -लौकी, पालक, पात गोभी, नेनुआ !

 

*प्रतिदिन 3- 4 लीटर पानी पिए !

 

*खुलकर तेजी से हंसे !

 

*सूर्योदय के समय व सूर्यास्त से 1 घंटे पहले 45 मिनट धूप में लेटे !

 

*जैविक घड़ी के हिसाब से जीवनशैली अपनाएं !

 

 

 



12:12 PM | 12-09-2019

Hello Balaji,

I understand it becomes a concern when you are trying to have a child, and it doesn't seem to work. I want to ask if your partner is suffering from any kind of physical illnesses such as Hypothyroidism or obesity or even PCOS. These usually are the conditions that challenge the child bearing. If she is struggling with any of these challenges, then it is important for a start for you both to change your diet and lifestyle completely.

You can completely adapt to low carbohydrate, higher protein Plant based diet. Also avoid dairy products for a while. Let your system to detox if there is any kind of issue such as I mentioned earlier.

You both can start regular exercise and mindfulness therapy. Exercise to increase your vitality and strength, and mindfulness to positively envision the future with a baby. Try to think positive and your positive thought will attract your desires. 

Kindly do the above and I am sure you will definitely reap your rewards

Regards 


Wellcure
'Come-In-Unity' Plan