Q&A
01:18 PM | 05-10-2019

Hello, My age is 62 F , since many years I am suffering from Varicose Veins problem on left leg and also I had tried every medicine but it's not affecting me since long. Can, any one pls suggest me the solution for the problem?


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5 Answers

06:28 PM | 07-10-2019
  • There are stockings known as compression stockings which gives enough pressure on the leg to increase the blood flow.
  • Whenever you sleep keep your leg on the pillows so that the blood flow becomes rich in the area.
  • Eat food which are rich in citrus like lemons, oranges, berries, onions etc these fooditems help in increasing blood circulation.

Thank you

 



01:25 PM | 07-10-2019

Spider veins / varicose veins / varicocele - such similar issues such as the veins bulging inside the scrotum are majorly because of a high toxicity being carried in the blood. When the body has been fed with fats for all the three meals of the day, the blood eventually becomes toxic and viscous. Heart has to really work harder to pump that soup / jelly into the veins and arteries and suffers to pull it from lower extremities . That’s why people have it more in the legs and not in the hands. Typically such blood is usually dehydrated. Water component ( not H2O) tends to expand and make space when blood flows. But due to high amount of fat, lack of oxygen the toxins fill up the spaces. So however such slow work from the heart cannot continue to keep the person alive and body has been designed to be alive. So we have multiple such backup systems where the body finds a way to improve the blood rate to critical areas such as the brain. So the body tends to grow new cells/nerves to make up for the lack of speed. That’s when you see more and more mutations happening to make up for the situation. So it’s a temporary step the body takes and it must serve as a wake-up call to the person to start looking at a life that detoxifies their body and blood. This eventually stops further growth and might reduce existing ones over time. Atleast what will first happen is pain reduction over time 

Best is to first go off all forms of fats such as animal foods from dairy, meat, fish, eggs, wheat, maida and packaged foods coffee, tea 

Drink only lemon water cucumber juice, green juice made from greens lime, ginger and veggies, veggie juices like ashgourd in the morning till 12

Have fruits for lunch and vegetables for the rest of the day and a millet-based, oilfree ( no oil in tadka ) dinner for the rest of your life if you want to see relief with this over time.

Sleep for a period that makes u feel rested 

Exercise as much as possible and as ur body heals exercise more 

Practice pranayama and meditating to improve the oxygen supply to ur cells 

Be blessed 

Smitha Hemadri (educator of natural healing practices)

01:01 PM | 09-10-2019

Thank you & stay blessed for the awareness.

Reply
Smitha Hemadri

01:25 PM | 09-10-2019

Sure sir. Thanks . Be blessed




11:11 AM | 09-10-2019

Namaste,

Vericose Veins: There's no way to completely prevent varicose veins. But improving your circulation and muscle tone may reduce your risk of developing varicose veins or getting additional ones. The same measures you can take to treat the discomfort from varicose veins at home can help prevent varicose veins, including:

Exercising
Watching your weight
Eating a high-fiber, low-salt diet
Avoiding high heels and tight hosiery
Elevating your legs
Changing your sitting or standing position regularly

Also you can massaging  with warm seasame oil towards vein area will see some improvement.

Exercise also helps to lower a person's blood pressure, which is another contributing factor to varicose veins.

When it comes to diet, salty  or sodium-rich foods can cause the body to retain water, so cutting down on salty food can minimize water retention. Foods high in potassium can help to reduce water retention.

vegetables, including onions, bell peppers, spinach, and broccoli, citrus fruits and grapes, cherries, apples, and blueberries are recommended.

work it out and see for improvement.

Takecare.



01:26 PM | 07-10-2019

हेलो,

कारण - वैरिकोज वेन्स आमतौर पर त्वचा की सतह के नीचे उभरती हुई नीली नसें दिखती हैं। यह लगभग हमेशा पैर और पंजों को प्रभावित करती हैं। सूजी और मुड़ी हुई नसों को कभी-कभी स्पाइडर वेन्स कहा जाता है।

कई लोगों के लिए, वैरिकोज वेन्स और स्पाइडर वेन्स सामान्य समस्या होती है, लेकिन कुछ लोगों को इससे दर्द और असुविधा हो सकती है। कभी-कभी यह गंभीर समस्याओं का रूप ले लेती है। यह अन्य परिसंचारी समस्याओं (circulatory problems)   है। रक्त संचार में दोष शरीर में अम्ल की अधिकता के कारण हो रहा है।

समाधान -  फल, कच्चे सब्ज़ी के जूस और कच्चे सब्ज़ी का सलाद लें। आहार में परिवर्तन आयु के हिसाब से करना चाहिए। 9 साल के बाद दुध या दुध से बना सामान नहीं पचता है। 20 साल के बाद प्रोटीन के बाहरी स्रोतों से परहेज़ ज़रूरी है। 30 साल के बाद अनाज, तेल घी से परहेज़ ज़रूरी है।

जीवन शैली - शरीर पाँच तत्व से बना हुआ है प्रकृति की ही तरह।

आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी ये पाँच तत्व आपके शरीर में रोज़ खुराक की तरह लें।

पृथ्वी और शरीर का बनावट एक जैसा 70% पानी से भरा हुआ। पानी जो कि फल, सब्ज़ी से मिलता है।

1 आकाश तत्व- एक खाने से दूसरे खाने के बीच में विराम दें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें।

2 वायु तत्व- लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें रुकें फिर स्वाँस अंदर भरें ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक टाइम पर करना है। ये दिन में चार बार करें।

खुली हवा में बैठें या टहलें।

3 अग्नि तत्व- सूर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।

4 जल तत्व- खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें और खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा करें। खीरा + नीम के पत्ते का पेस्ट दर्द वाले हिस्से पर रखें। 20मिनट तक रख कर साफ़ कर लें। सुर्य की रोशनी उसी जगह पर लगाएँ।

मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। 

5 पृथ्वी- सब्ज़ी, सलाद, फल, मेवे, आपका मुख्य आहार होगा। आप सुबह सफ़ेद पेठे 20ग्राम पीस कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है।

दोपहर में 12 बजे फिर से इसी जूस को लें। इसके एक घंटे बाद खाना खाएँ।शाम को 5 बजे सफ़ेद पेठे (ashguard) 20 ग्राम पीस कर 100 ml पानी मिला। 2घंटे तक कुछ ना लें। रात के सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurad) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें। ताज़ा नारियल पीस कर मिलाएँ। कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। रात का खाना 8 बजे खाएँ।

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। इसे बिना नमक के खाएँ। नमक सेंधा ही प्रयोग करें। नमक की मात्रा dopahar के खाने में भी बहुत कम लें। सब्ज़ी पकने बाद उसमें नमक नमक पका कर या अधिक खाने से शरीर में (fluid)  की कमी हो जाती है। एक नियम हमेशा याद रखें ठोस (solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल (liquid) को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें। ठोस (solid) भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ (liquid) ले सकते हैं।

ऐसा करने से हाज़मा कभी ख़राब नहीं होगा।

जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद। 

धन्यवाद।

रूबी, Ruby

प्राकृतिक जीवनशैली शिक्षिका (Nature Cure Educator)



06:28 PM | 07-10-2019

नमस्ते,

 लंबे समय तक खड़े रहने या यात्रा करने उम्र की वजह से वेरीकोस वेंस हो जाती हैं इनमें रक्त वाहिनी में स्थित वाल्व केवल ऊपर की तरफ रक्त के प्रवाह को ले जाते हैं लेकिन उम्र बढ़ने के साथ वाल्व कमजोर या ढीले पड़ जाते हैं जिससे रक्त वाहिनीयां वहीं पर सिकुड़ जाती हैं या लंबाई में बढ़ जाती हैं जिससे नीले हरे रंग के नशे दिखाई देती है।
 

  •  प्रतिदिन प्रातः गुनगुने पानी , नींबू एवं शहद का सेवन करें बाहर निकलती हैं ।
  • प्रतिदिन पालक, शलजम या संतरे के जूस का सेवन करें।
  • भोजन 80% मौसमी फल व हरी पत्तेदार सब्जियों से युक्तत भोजन को खूब चबा चबाकर केेे सेवन करें ,इससे शरीर में अम्ल व क्षार का संतुलन बनाया जाता हैै रक्त वाहिनीयों  में लचीलापन बना रहता है।
  •  प्रतिदिन 300 मिली 0 गाजर व 200  मिली 0 पालक केेेे जूस को मिलाकर प्रतिदिन सेवन करें।
  •   गेंदा के फूल की एक कप पंखुड़ियों को एक गिलास पानी में उबालें जब आधा रह जाए उसे उतार दें प्रभावित जगह पर गर्मागर्म सीखें सिकाई करें ।
  • लहसुन की 6 कलियों को पीस लें 3 संतरे के जूस को निकाले व जैतून के तेल को मिलाकर एक जार में बंद कर के 12 घंटे के लिए रख दें उसके बाद प्रभावित जगह की मालिश तेल से करें !
  • रात्रि में सोते समय पैरों को ऊपर रखें !
  • आसन -वज्रासन , पद्मासन ,शलभासन सर्वांगासन।

 

 निषेध- लंबी दूरी तक पैदल यात्रा, देर तक खड़े रहना, देर तक पैरों को नीचे करके बैठना।


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