Q&A
10:29 AM | 09-10-2019

Gall bladder stone ka oprate na krwana chahe uske ilawa koi aur ilaaz hai kya?


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5 Answers

09:52 AM | 10-10-2019

Hi there, 

 

Gallstones are stones or hardened deposits in the gall bladder usually formed when there is an excess of undissolved cholesterol.

Chances of redevelopment of gallstones are high even after the surgical removal of gallstones.

 

• The best way to prevent gallstone development is to adopt a plant-based diet which includes fruits, vegetables and whole plant based diet such as whole grains, cereals, oats, beans, legumes and lentils.

 

• Never skip your meals and eat in smaller quantity which will help your guts to easily digest and absorb the nutrients.

 

• Avoid oily fried foods, sugary foods and drinks and maida products.

 

• An anti-inflammatory diet such as dark leafy greens, berries, cherries, almonds and walnuts to mention a few are highly recommended.

 

• Avoid foods high in saturates fats such as butter, cheese and refined oil as they are the major factors responsible for gall stones.

 

• Exercises and physical activities are very important in order to prevent gall stones. Go for morning walk, jog, running or any other physical activities that will improve your body metabolic activity. Physical activities can also reduce your weight and control your blood sugar which are some of the major contributing factors for gallstones development.



05:47 PM | 09-10-2019

Hi. Please work with a Nature Cure expert. Gall bladder stones are accumulated toxic material in the body which it hasn't been able to throw out for XYZ reasons. But it's totally capable of doing so if you allow it digestive rest. Diet with lots of fruits, fruit juices, veggies salads and juices, lemon, coconut water. No or less cooked food, no dairy, no non veg, avoid oil, avoid white sugar.

But please do it with an expert's help and not just by reading here. If you want to consult an expert, let me know you are in which city.

Best wishes.



05:45 PM | 09-10-2019

हेलो,

कारण - शरीर में मौजूद toxins पित्त दोष को बढ़ाती

है।सुचारू रूप से निष्कासन ना होने पर ये पित्त stone के रूप में बदल जाता है है। पित्त को कम कर ने के लिए आहार परिवर्तन करना ज़रूरी है।

समाधान - हरे पत्ते और कच्चे सब्ज़ी का जूस लें।

सलाद बिना नमक के लें दुध या दुध से बनी हुई कोई चीज़ ना लें। पित्त की थैली पेट पर right साइड होता है। दर्द वाले जगह पर धनिया + खीरा का पेस्ट लगाएँ 20 मिनट के लिए। दिन में दो बार तिल के तेल से घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में

और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें। सूर्य का सेक लगाएँ।

दर्द वाले भाग पर गीली मिट्टी लगाएँ या खीरा + धनिया + तिल पीस कर पेस्ट बना लें। लगाएँ 20 मिनट के लिए और फिर साफ़ कर लें। इससे दर्द में तुरन्त आराम मिलेगा।

जीवन शैली - पृथ्वी और शरीर का बनावट एक जैसा 70% पानी से भरा हुआ। पानी जो कि फल, सब्ज़ी से मिलता है।

1 आकाश तत्व- एक खाने से दूसरे खाने के बीच में विराम दें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें।

2 वायु तत्व- लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें रुकें फिर स्वाँस अंदर भरें ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक टाइम पर करना है। ये दिन में चार बार करें।I

दौड़ लगाएँ। सूर्य नमस्कार 5 बार करें।

3 अग्नि तत्व- सूरर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।

4 जल तत्व- खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें और खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा करना है।

नीम के पत्ते का पेस्ट अपने नाभि पर रखें। 20मिनट तक रख कर साफ़ कर लें।

मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें।

पेट पर खीरा का पेस्ट 20 मिनट लगाएँ। फिर साफ़ कर लें। पैरों को 20 मिनट के लिए सादे पानी से भरे किसी बाल्टी या टब में डूबो कर रखें।

5. पृथ्वी तत्व- कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है।  सुबह ख़ाली पेट इनमे से कोई भी हरा जूस लें।पेठे (ashguard ) का जूस लें और  नारियल पानी भी ले सकते हैं। बेल का पत्ता 8 से 10 पीस कर 100ml पानी में मिला कर छान कर पीएँ। खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ।

ये जूस सुबह नाश्ते से एक घंटे पहले लें। नाश्ते में फल लें। दोपहर के खाने से एक घंटा पहले हरा जूस लें। खाने में सलाद नमक सेंधा ही प्रयोग करें। नमक की पके हुए खाने में भी बहुत कम लें। सब्ज़ी पकने बाद उसमें नमक डालें। नमक पका कर या अधिक खाने से शरीर में (fluid)  की कमी हो जाती।

सलाद दोपहर 1बजे बिना नमक के खाएँ तो अच्छा होगा क्योंकि नमक सलाद के गुणों को कम कर देता है। सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurad) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी लें।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लें। रात 8 बजे के बाद कुछ ना खाएँ, 12 घंटे का (gap) अंतराल रखें। 8बजे रात से 8 बजे सुबह तक कुछ नहीं खाना है।

एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ  ले सकते हैं।

जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

धन्यवाद।

रूबी

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)



07:33 AM | 14-10-2019

नमस्ते,
 गाल ब्लैडर की पथरी की अवस्था में ऑपरेशन  ही श्रेयस्कर है लेकिन आप नहीं कराना चाहते तो निम्नलिखित उपाय आपको करना चाहिए-
 

  • प्रतिदिन प्रातः 50 ग्राम प्याज के रस को खाली पेट सेवन करें।
  • शाम के समय एक मुट्ठी चने की दाल को भीगा दे प्रातः काल इसमें शहद मिलाकर खूब चबा चबाकर खाएं!
  • प्रतिदिन 250 मिली0 खीरे केेे रस को दिन में तीन बार सेवन करें।
  • निषेध- जानवरों से प्राप्त भोज्य पदार्थ, दूध ,चीनी ,मैदा, वसा से बने भोज्य पदार्थ ,ठंडे पेय पदार्थ।

 



11:19 AM | 13-10-2019

Body can spring back from any condition when it gets the opportunity to get digestive rest. 

My suggestion is that you go on a completely fruit juice diet for few days. Drink 3-5lts as much as you can flood the body and keep peeing. Target 7-10 days. Apply a wet hot cloth for 5 mins on the abdomen and 25 mins of cold wet cloth. Ensure it’s cold. Your pains will reduce in a week and then continue for 3 more days and get it checked with a practitioner . Avoid cooked. 

In future, avoid oil in all forms of food. Follow this lifestyle 

Follow this :-

Morning on empty stomach 

  • Celery juice 500 ml filtered / ash gourd juice / cucumber juice/ green juice with any watery vegetable like ashgourd / cucumber / ridge gourd / bottle gourd / carrot / beet with ginger and lime filtered/ tender coconut water or more pure veggie juice 

Afternoon from 12 :-  

  • A bowl of fruits - don’t mix melons and other fruits. Eat melons alone. Eat citrus alone 
  • Followed by a bowl of veg salad 
  • Dinner -  By 7pm be done with dinner .  Gluten free, oilfree unpolished grains or dals 30% and 70% veggies
  • Please take enema for 30 days with Luke warm water and then slowly reduce the freq. this is not a substitute for daily nature call . Consult an expert as needed 
  • Include some exercises that involves moving all your parts ( neck , shoulder, elbows, wrist , hip bending twisting , squats, knees, ankles ) .
  • See if u can go to the morning sun for sometime in a day 30 mins atleast. 
  • Ensure that you are asleep between 10-2 which is when the body needs deep sleep. 
  • Place a wet cloth on your tummy for 30 mins daily for a month

What to Avoid :- 

  • Avoid refined oils, fried food , packaged ready to eat foods, dairy in any form including ghee, refined salt and sugar , gluten , refined oils coffee tea alcohol .
  • Avoid mental stress by not thinking about things you cannot control. Present is inevitable. Future can be planned. Stay happy. Happiness is only inside yourself . The world around you is a better place if you learn to stay happy inside yourself. Reach us if you need more help in this area. Emotional stress can cascade the effects. Thank your body and love it

Be blessed. 

Smitha Hemadri (educator of natural healing practices)


Wellcure
'Come-In-Unity' Plan