04:06 PM | 01-11-2019

I m 32 year old and unmarried. I m suffering from fibroids in uterus. All doctor suggested surgery. At a time I got a homeopathic treatment done for 4 months. So pls give me right suggestion. What to do?

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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5 Answers

06:19 PM | 02-11-2019

hello pushpa, fibroid is the benign growth on uterine wall usually the reason is difficult to define. change your lifestyle, workout. i am just going to prescribe you a simple treatment - take a cotton cloth dip in castor oil and place it over your tummy till naval region, its called castor oil pack. this pack is very effective in uterine fibroids.balance your carbohydrate intake, avoid too much of sugar. join some yoga classes. yoga brings the balance between your body and mind which inturn balances the hormones. all the best.

06:22 PM | 02-11-2019

नमस्ते ,

गर्भाशय के फाइब्रॉएड में सर्जरी सर्वोत्तम है आपको वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेेेना सर्वोत्तम रहेगा।


 फाइब्रॉएड एस्ट्रोजन एवं प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन के अधिक मात्रा में रहने, विटामिन डी की कमी एवं आयरन की अधिकता, अनियमित मासिक धर्म, मोटापा ,अधिक जंक फूड सेवन करने ,तनाव इत्यादि अवस्थाओं में देखने को मिलता है।


आपको निम्नलिखित उपाय करने चाहिए-


  • नींद -रात्रि में 7 से 8 घंटे की नींद अवश्य लें, इससे शरीर से दूषित पदार्थ बाहर निकल जाते हैं ।


  • प्रतिदिन गुनगुने पानी ,नींबू एवं शहद का सेवन करें इससे आंतों से दूषित पदार्थ बाहर निकलते हैं ।


  • भोजन में ताजे मौसमी फल एवं हरी पत्तेदार सब्जियों का प्रयोग करें इससे शरीर में अम्ल एवं क्षार का संतुलन बना रहता है ,शरीर के सभी अंग सुचारू रूप से कार्य करते हैं ।


  • प्यास लगने पर मिट्टी के घड़े में रखे हुए जल को बैठकर धीरे-धीरे सेवन करें, इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में जल की आपूर्ति होती रहती है ।


  • प्रारंभ 2 से 3 दिन तक हरी पत्तेदार सब्जी या किसी मौसमी फल पर उपवास रहे उसके पश्चात सप्ताह में 2 दिन उपवास रखें ।


  •  1 लीटर जल में दो चम्मच हल्दी डालकर 15 मिनट तक गर्म करें फिर उसे उतारकर पीने योग्य हो जाने पर दिन में दो से तीन बार सेवन करें इसमें एंटीऑक्सीडेंट एवं anti-inflammatory गुण होते हैं जो कोशिकाओं के अनियमित विकास को रोकने में सहायक हैं।


  • प्रतिदिन 5-6 बादाम को सायंकाल पानी में भीगा दे प्रातःकाल ऊपर की भूरे परत को हटाकर सफेद मांसल भाग को चबा चबा कर खाएं इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड एवं कई खनिज खनिज पदार्थ होते हैं!


  • प्रसन्न चित्त रहें, खुलकर हंसे, सकारात्मक सोचें ।


निषेध- जानवरों से प्राप्त भोज्य पदार्थ, चीनी, नमक, वसा से बनी हुई चीजें, डिब्बाबंद भोज्य पदार्थ, जंक फूड्स ,रात्रि जागरण, सोने से 2 घंटे पहले मोबाइल, टेलीविजन, कंप्यूटर का प्रयोग।


06:22 PM | 02-11-2019

Many conditions like fibroids are also another form of abnormal growth. Nature of the growths can be anything, but the growth is abnormal. This is not an autoimmune issue where body’s estrogen is attacking the body only. It’s trying to protect you from other complications. 

When you continue to lead a lifestyle that far away from normal the body will work extra to keep cleaning you and get fatigued over time. That’s when things start to accumulate. Your uterus is a weak point and hence the toxins are accumulated there. 

The extra estrogen potentially could be coming from animal products that are pumped with female hormones - dairy, eggs, meat, plastics, medications that you are taking to control this issue. Wherever there is toxins, there are pathogens scavengers attacking the body to feed it. Unless we remove the root cause and remove the toxins from building more, pathogens won’t die and will inflammate the uterus even more and cause all complications.

What accumulated, can be melted too. It needs a lifestyle that’s full of foods with life in it to scrub you. Not dead food from animals and cooked. 

Lead a lifestyle with low fat high raw all day and gluten-free oilfree cooked in the night ( can be raw for dinner too ) . 

Drink only veg juices all morning, have fruits and 3-4 cups of greens all afternoon and have veggies most of the evening only few spoons of cooked if hungry only at night. Have an early dinner by 7pm

Put a wet cloth and rest for 30 mins twice a day on the abdomen 

Expose the abdomen to the sun and ask for blessings and express gratitude for 1 hr daily morning.

The more the raw, the sooner u heal and less painful it gets. It will get corrected in few months. Raw is our true way of living. Adapt that lifestyle of living to feed yourself and you will heal in no time. 

Become plant based and avoid all animal products such as dairy meat eggs fish and any packed foods. Everything must be made at home and eaten raw or juiced. Avoid oil, grease , wheat , refined flour, sugar etc

Let us know if you have any questions

Be blessed

Smitha Hemadri (educator of natural healing practices)

06:20 PM | 02-11-2019



कारण - बच्चेदानी या गर्भाशय में रसोली (फाइब्रॉएड) एक प्रकार के मांसल ट्यूमर होते हैं जो गर्भाशय (गर्भ) की दीवार में बनते हैं। रसौली को चिकित्सकीय भाषा में लिओम्योमा (Leiomyoma) या म्योमा (Myoma) कहते हैं। फाइब्रॉएड हमेशा कैंसरजनक नहीं होते। फाइब्रॉएड एक या कई ट्यूमर के रूप में विकसित हो सकते हैं। यह सेब के बीज के समान छोटे और अंगूर के समान बड़े भी हो सकते हैं।

फाइब्रॉएड विकसित हो जाता है तो, यह रजोनिवृत्ति के बाद तक बढ़ता रहता है। 

अधिक वजन या मोटापे में गर्भाशय फाइब्रॉएड से पीड़ित होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

रसौली 35 वर्ष की आयु की लगभग 30 प्रतिशत महिलाओं को और 50 की उम्र की लगभग 20 से 80 प्रतिशत महिलाओं को प्रभावित करता है।

ये आमतौर पर 16 से 50 वर्ष की उम्र में (प्रजनन के समय) विकसित होते हैं जब एस्ट्रोजन का स्तर अधिक होता है। ऐसा ख़राब पाचन तंत्र के कारण हो जाता है। दोष पुर्ण आहार, अनिद्रा, तनाव से ऐसा हो सकता है।

समाधान - सुप्त मत्स्येन्द्रासन, धनुरासन

पश्चिमोत्तानासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, शवासन करें।

10% कच्चे हरे पत्ते और सब्ज़ी का जूस बिना नमक निम्बू के लेना है।30% कच्चे सब्ज़ी का सलाद बिना नमक निम्बू के लेना है।10% ताज़ा नारियल सलाद में मिला कर लेना है। 20% फल को लें। पके हुए खाने को केवल एक बार खाएँ नमक भी केवल एक बार पके हुए खाने लें। पके हुए खाने में सब्ज़ी भाँप में पके हों और तेल घी रहित होना चाहिए सब्ज़ी की मात्रा 20% और millet या अनाज की मात्रा 10% हो।  वर्षों से जमी टॉक्सिन को निकालना ज़रूरी है। किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में पहली बार लें। एनिमा किट मँगा लें । यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 100ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में एक बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में उपस्थित विषाणु निष्कासित हो जाये।

1 आकाश तत्व- एक खाने से दूसरे खाने के बीच में विराम दें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें।

2 वायु तत्व- लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें रुकें फिर स्वाँस अंदर भरें ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक टाइम पर करना है। ये दिन में चार बार करें।I

खुली हवा में बैठें या टहलें।

3 अग्नि तत्व- सूरर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।

4 जल तत्व- खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें और खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा करना है।

मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। 

5 पृथ्वी- सब्ज़ी, सलाद, फल, मेवे, आपका मुख्य आहार होगा। आप सुबह सफ़ेद पेठे 20ग्राम पीस कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है।

दोपहर में 12 बजे फिर से इसी जूस को लें। इसके एक घंटे बाद खाना खाएँ।शाम को 5 बजे सफ़ेद पेठे (ashguard) 20 ग्राम पीस कर 100 ml पानी मिला। 2घंटे तक कुछ ना लें। रात के सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurad) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। इसी प्रकार हरा गोभी, बंद गोभी, गाजर, चुकन्दर भी कद्दूकस करके डालें। हर दिन मुख्य सब्ज़ी किसी एक की मात्रा अधिक बाँकि सब थोड़ा थोड़ा डालें। ताज़ा नारियल पीस कर मिलाएँ। कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। इसे बिना नमक के खाएँ। नमक सेंधा ही प्रयोग करें। नमक की मात्रा दोपहर के खाने में भी बहुत कम लें। सब्ज़ी पकने बाद उसमें नमक डालें। नमक पका कर या अधिक खाने से शरीर में (fluid)  की कमी हो जाती है। रात का खाना 8 बजे खाएँ।एक नियम हमेशा याद रखें ठोस (solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल (liquid) को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें। ठोस (solid) भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ (liquid) ले सकते हैं।

ऐसा करने से हाज़मा कभी ख़राब नहीं होगा।

जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ का सेवन करें।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी लें और 2 घंटे बाद सलाद लें।



प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)



06:19 PM | 02-11-2019


I totally understand your worry and concern regarding your health issues. Fibroids occur due to hormonal imbalance which can be corrected by changing your lifestyle. To understand what changes need to be done lets briefly understand the working of the body and reason for fibroids.

In mature females, every month the pituitary gland which is located at the base of the brain produces 2 female sex hormones. These hormones work in such a way to create a balance in the body which leads to either fertilization or if not fertilised leads to the monthly menstrual cycle. Estrogen and progesterone are the hormones that regulate the menstrual cycle. If there is an hormonal imbalance in the body it leads to the formation of fibroids or an abnormal growth in the uterus develops . This happens when over a period of time, the body is unable to eliminate the toxins from the body and they accumulate and form cysts. The cysts can dissolve when the right lifestyle choices are made. Fibroids can be reduced and resolved by following nature's laws. You could read journey's of many people who have reversed this condition successfully.


Apart from this you could also take help from a health coach from this platform on the Nature Nurtures programewho can help you with this.


In the meanwhile you could start making the following changes.

  • That includes removal of all animal products including dairy, removal of packed and processed foods and include lots of raw vegetables, fruits, nuts and seeds. All these foods create a havoc with the hormones and increase toxic load on the system.
  • Include plenty of raw fruits and raw vegetables. These contain phytonutrients and other micronutrients which are helpful for all biochemical actions in the body.
  • Exposure to sunshine and proper rest and sleep are also of prime importance. They help the body rest and repair.
  • Along with the above changes reduce consumption of tea, coffee,smoking and alcoholic beverages if any. They all produce stress hormones which inturn cause harmonal issues.
  • Physical activity is important . It releases hormones which make you "feel good". This also helps the body maintain weight and releases stress and relaxes the mind.

Wishing you Good Health Always!

Thank you


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