Q&A
04:34 PM | 08-11-2019

I'm 17 years old. My height has increased very less since I was 12. It's almost negligible. And I'm suffering from allergy. What should I do?

Post as Anonymous User
2 Answers

05:36 PM | 09-11-2019

Something’s come genetically. We must be happy with what we are born with. Unless you have a lifestyle issue, u really can’t fix physical aspects of the body. However, physical fitness can help in contributing to growth in kids during their growing age. You can try swimming, play basket ball, skipping, do yogasana that’s helps in spine stretch such as vrukshasana. I am not sure if this will make you gain few inches. Might add few mm. My advice is to focus your attention on other things that might be more important in ur life. From a lifestyle perspective,

Have fruits till noon

Salads innthe afternoon for lunch

Have whole food plant based Millets cooked oilfree for dinner

Enjoy ur time out admiring the sun and other natural elements, spend time outside doing pranayama and admire the vayu or air. Connect yourself to the earth by doing some gardening .. things like this will divert your mind to other useful things that can really help you stay healthy. Staying positive in life will attract positivity around you. Someone wise said “when you start taking care of yourself , you start to feel better , you start looking better and you start to attract better. It all starts within you. You are the only one with yourself, don’t hate it, enjoy the present and your company as is.”

Be blessed

Himadri (educator of natural healing practices)



12:27 PM | 09-11-2019

हेलो,

 

कारण - लम्बाई कम होने के कई कारण है पोषक तत्व का शरीर में संचार ठीक प्रकार से ना होना। शारीरिक क्रिया में कमी। खुराक में पर्याप्त पोषण की कमी। कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण एलर्जी की समस्या बनी है। शरीर में अम्ल की अधिकता के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर पड़ जाती है। नियमित जीवन शैली और आहार शुद्धि से ये ठीक हो सकता है।

समधान - एक पेड़ को स्वस्थ रहने के लिए अंतराल (gap)सूर्य की रोशनी, हवा का संचार, पानी की सही मात्रा और उपजाऊ मिट्टी चाहिए। इसी तरीक़े शरीर का लम्बाई, ठीक होना, स्वस्थ होना, वज़न ठीक होना इन्हीं बातों निर्भर करता है।

जीवन शैली - आकाश तत्व- एक खाने से दूसरे खाने के बीच में विराम दें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें। 

लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें रुकें फिर स्वाँस अंदर भरें ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक टाइम पर करना है। ये दिन में चार बार करें। कुछ अभ्यास लम्बाई बढ़ाने में उपयोगी साबित होंगी

जैसे साइकलिंग, तैराकी, लटकना, रस्सी कूद, झुलना

कुछ योगा अभ्यास। 

सूर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।

खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। 

आहार शुद्धि जैसे सुबह उठकर ख़ाली पेट सफ़ेद पेठे (ashguard)को 20 ग्राम पीस कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। फल+अंजीर,मुनक्के का नाश्ता लें। दोपहर इसी जूस को लें उसके एक घंटे बाद सलाद लें। बिना नमक और निम्बू के (स्प्राउट) अंकुरित अनाज और मेवे सलाद में मिलायें।अंकुरित मूँगफली टमाटर, शिमला मिर्च, खीरा और बारीक कटा धनिया मिला कर लें।

शाम 5 बजे नारियल पानी लें।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लें। रात 8 बजे के बाद कुछ ना खाएँ, 12 घंटे का (gap) अंतराल रखें। 8बजे रात से 8 बजे सुबह तक कुछ नहीं खाना है।

एक नियम हमेशा याद रखें ठोस (solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल (liquid) को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें। ठोस (solid) भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ (liquid) ले सकते हैं।

ऐसा करने से हाज़मा कभी ख़राब नहीं होगा।

जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

धन्यवाद।

रूबी

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

 


Wellcure
'Come-In-Unity' Plan