Q&A
09:30 AM | 04-11-2019

I am suffering with heaven head ache 24 hours hand and leg numbness hip pain, spinal cord pain, facial pain, right hand numbness and vision problem for last 1. 6 years neurolgist couldn't find the problem. What to do?

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5 Answers

06:10 PM | 07-11-2019

Hi. Please visit our Journeys section to get inspired by natural healing stories of people.

 Adopting a natural lifestyle will help you in reclaiming your health. Wellcure’s Nature-Nurtures Program helps you in making the transition, step by step. You may read more about it here



05:47 PM | 09-11-2019

All are symptoms of toxemia.You will need to go through a cleansing and maintain a healthy lifestyle to starve off the viruses affecting those communications / neurotransmitters. It’s similar to dementia / Alzheimer’s where a similar issue occurs too. All are miscommunications neurologically.

It’s best to be on a grainless whole food plant based diet without any oil. No diary no animal based foods no soy sugar corn outside prepared foods or ready to eats . Exposure to sun for 30 mins. Best to stay on a full raw lifestyle with exceptions being steamed veggies.

Increase intake of fruits leaves and veggies and its juices. Don’t feed anything that will feed the toxaemia to increased and feed that infection. It’s very important to keep ur stress levels to a minimum. We don’t want the adrenaline to mess the other responses in the body. Stay blessed. This can heal.. be disciplined and it will be reversed

Below is a lifestyle that can be followed for your issue which will get better as body starts cleansing. You will gradually see a change

Follow this :-

Morning on empty stomach

- 500ml filtered / ash gourd juice / cucumber juice/ Green juice or fruit / any watery vegetable like ashgourd / cucumber / ridge gourd / bottle gourd / carrot / beet with ginger and lime filtered

 

Afternoon from 12 :-

- A bowl of fruits - don’t mix melons and other fruits. Eat melons alone. Eat citrus alone

- Followed by a bowl of veg salad if needed or more fruits are fine.

 

- Dinner 2-3 hrs before sleep with Gluten free - millets rice quinoa , oilfree unpolished grains or dals 30% and 70% veggies. Avoid wheat and maida. You can replace this meal also with raw for better results

- Include some exercises that involves moving all your parts ( neck , shoulder, elbows, wrist , hip bending twisting , squats, knees, ankles ) . Join a yoga or gym and sweat out.

- See if u can go to the morning sun for sometime in a day 30 mins atleast. It’s v imp for healing

- Ensure that you are deep asleep between 10-2 which is when the body needs deep sleep.

- Place a wet cloth on your tummy for 30 mins daily if time permits to improve the blood circulation in the gut and heal faster

 

What to Avoid :-

- Avoid refined oils, fried food , packaged ready to eat foods, dairy in any form including ghee, refined salt and sugar , gluten , refined oils , coooking with oil

 

- Avoid mental stress by not thinking about things you cannot control. Present is inevitable. Future can be planned. Stay happy. Happiness is only inside yourself . The world around you is a better place if you learn to stay happy inside yourself. Reach us if you need more help in this area. Emotional stress can cascade the effects. Thank your body and love it.

 

Thanks to let me know if you have any questions

Be blessed

Smitha Hemadri (educator of natural healing practices)



05:14 PM | 08-11-2019

Hi. You must do a personal consultation with a naturopath / nature cure practitioner / natural health coach. If you would like us to connect you to one, pls mail us at info@wellcure.com.



05:12 PM | 08-11-2019

नमस्ते ,

आपकी जो समस्याएं हैं  यह पर्याप्त मात्रा में नींद ना लेने, जल का बहुत कम मात्रा में सेवन, संतुलित आहार की कमी , अधिकतर तनावग्रस्त रहने , अनियमित दिनचर्या की वजह से होते हैं, कभी-कभी सिर या रीढ़ की हड्डी में चोट लगने पर ऐसी समस्याएं प्रदर्शित होती है।

  • प्रतिदिन प्रातः गुनगुने पानी में नींबू एवं शहद का सेवन करें इससे आंतों से दूषित पदार्थ बाहर निकलते हैं ।
  • प्रतिदिन आंवला ,एलोवेरा ,अनार या पालक के जूस का सेवन करें इससेसे शरीर में अम्ल एवं क्षार का संतुलन बना रहता है ।
  • भोजन -प्रतिदिन 80% मौसमी फल एवं हरी पत्तेदार सब्जियों से युक्त भोजन को खूब चबा चबाकर सेवन करें इनका पाचन ,अवशोषण एवं मल का निष्कासन आसानी से होता है, शरीर के सभी अंग सुचारू रूप से अपना कार्य करते हैं ।
  • प्यास लगने पर मिट्टी के घड़े में रखे हुए जल को बैठकर धीरे-धीरे सेवन करें इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में जल की आपूर्ति होती है शरीर की तंत्रिकाएं एवं रक्त वाहिनीयां सुचारू रूप से अपना कार्य करती हैं ।
  • सप्ताह में 1 दिन उपवास रहें, शरीर से दूषित पदार्थ बाहर निकलते हैं, शरीर के अंगों को आराम मिलता है ।
  • दोनों हाथों की हथेलियों को आपस में रगड़ कर जब वे गर्म हो जाए आंखों पर लगाएं, आंखों का रक्त संचार बढ़ता है।
  •  प्रतिदिन सूर्योदय के समय जब सूर्य नारंगी रंग का होता है ,आंखें बंद करके 30 सेकंड से 1 मिनट तक खड़े रहें।
  • कपालभाति, अनुलोम विलोम, भस्त्रिका, भ्रामरी ,शीतली एवं शीतकारी प्राणायाम का अभ्यास करें, शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है, मन शांत होता है ।
  • पूरे शरीर का योगिक सूक्ष्म व्यायाम करें अर्थात शरीर के समस्त जोड़ों को धीमी गति से मोड़े फैलाएं दक्षिणावर्त वामावर्त दिशा में घूमाएं।
  • गुनगुने पानी में एप्सम नमक मिलाकर प्रतिदिन स्नान करें ,दर्द में आराम मिलेगा।
  • प्रतिदिन ध्यान एवं योग निद्रा का अभ्यास करें।
  •  प्रसन्न चित्त रहें ,खुलकर हंसे ,सकारात्मक सोचें।
  •  मनपसंद सकारात्मक संगीत को मधुर आवाज में सुनें।

नोट- समस्त योग की क्रियाएं अनुभवी योग एवं नेचुरोपैथी फिजीशियन के निर्देशन में ही करें ।

निषेध -जानवरों से प्राप्त भोज्य पदार्थ, चाय ,चीनी ,चावल ,मिठाईयां, ठंडे पेय पदार्थ ,मसालेदार पदार्थ ,डिब्बाबंद भोज्य पदार्थ, रात्रि जागरण ,सोने से 2 घंटे पहले मोबाइल टेलीविजन कंप्यूटर का प्रयोग।



09:34 AM | 07-11-2019

हेलो,

कारण - शरीर में अम्ल अधिकता ख़राब पाचन क्रिया के कारण शरीर में inflammation हो रहा जो की दर्द का कारण है।

दोष पुर्ण आहार के कारण, ख़राब आसन (posture),

अनिद्रा, तनाव, शारीरिक शिथिलता जो की रक्त संचार को प्रभावित कर रही है।

समाधान - प्राकृतिक जीवन शैली को अपनाने से हाज़मा और क़ब्ज़ की समस्या ठीक होगा। ऐसा होने से दर्द से छुटकारा मिल जाएगा। आइए प्राकृतिक जीवन शैली में हम 5 प्रकार के आहार से अवगत हों।

दर्द वाले जगह पर धनिया + खीरा का पेस्ट लगाएँ 20 मिनट के लिए। दिन में दो बार तिल के तेल से घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में

और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

शारीरिक और मानसिक क्रिया में संतुलन बनाए। दौड़ लगाएँ।सुप्त मत्स्येन्द्रासन, धनुरासन, मकरासान, भुजंग  आसन, पश्चिमोत्तानासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, शवासन करें। अनुलोम विलोम, भ्रामरी प्राणायाम करें।

10% कच्चे हरे पत्ते और सब्ज़ी का जूस बिना नमक निम्बू के लेना है।30% कच्चे सब्ज़ी का सलाद बिना नमक निम्बू के लेना है।10% ताज़ा नारियल सलाद में मिला कर लेना है। 20% फल को लें। पके हुए खाने को केवल एक बार खाएँ नमक भी केवल एक बार पके हुए खाने लें। पके हुए खाने में सब्ज़ी भाँप में पके हों और तेल घी रहित होना चाहिए सब्ज़ी की मात्रा 20% और millet या अनाज की मात्रा 10% हो।

आँखों की समस्या मिनरल की कमी को दर्शाता है।आँखों का व्यायाम करें।

आँखों को दाएँ से बाएँ और बाएँ से दाएँ करें गर्दन हिलाएँ नहीं। 5 बार करें फिर आँख बंद करें। अब आँखों को ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर करें गर्दन को हिलाना नहीं है। 5 बार करें फिर आँख बंद करें।घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में

और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में घुमाएँ फिर आँखों को बंद कर के आराम दें। 5 बार करें फिर आँख बंद करें। जल्दी जल्दी आँखों को खोलें बंद करें 5 बार फिर आँख को बंद कर के खोले अब त्राटक क्रिया करें।अपने नाक के सीधी दिशा में एक मोमबत्ती जलाएँ। एक हाथ की दूरी रखें अब उस लो को देखें 5 मिनट तक फिर देखें फिर आँख बंद करके आराम करें। ऐसा दिन में दो बार करें। उसके आँख पर गुलाब जल की गीली पट्टी रखें। उसके ऊपर खीरा और धनिया पत्ता का पेस्ट रखें। 20मिनट बाद हटा लें। 

खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें। 

सर पर सूती कपड़ा बाँध कर उसके ऊपर खीरा और मेहंदी या करी पत्ते का पेस्ट लगाएँ,नाभि पर खीरा का पेस्ट लगाएँ।पैरों को 20 मिनट के लिए सादे पानी से भरे किसी बाल्टी या टब में डूबो कर रखें।

जीवन शैली - आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है। नारियल तेल से

घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

पृथ्वी - सुबह खीरे का जूस लें, खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। बेल का पत्ता 8 से 10 पीस कर I100ml पानी में मिला कर पीएँ। खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। बेल पत्ता 8 से 10 पीस कर 100 ml पानी में मिला कर लें। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल + सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद + नट्स और अंकुरित अनाज के लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लें। एक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।ओ

सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ  ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

01:41 PM | 07-11-2019

Madam can you please translate in english

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