Q&A
09:55 AM | 07-11-2019

Can you tell healing process for body to reduce stress, anxiety & acidity?

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5 Answers

05:49 PM | 09-11-2019

Acidity is a result of stress and anxiety.

Underlying toxaemia or accumulation of toxins are some of the major reasons for anxiety attacks depression, insomnia , fear and similar issues. Correcting the food habits and living conditions is very important to bring improvement in these areas and also address acidity.Remove all kinds of dead animal products from your life such as dairy from the food; that is meant for the calf and not for humans, meat and fish that is dead and lifeless, Eggs that attract viral activity in the body, refined sugar refined salt, excessive consumption of grains in the entire day, Consumption of excessive oil in cooking, eating fried food can lead to accumulation of debris in the body which putrefies and rots giving rise to all kinds of viral and bacterial activity that can impact the sleep cycles and cause nervous issues such as anxiety. Everything in the body is based on electrical signals. If there are inflammations then short circuiting can happen and messages can be misinterpreted by the brain.

  • Start your day with a big glass of cucumber juice made with two cucumbers,
  • followed by a big bowl of fruits,
  • followed by a big bowl of vegetable salads until dinner. You can have any number of servings of fruits in a day without worrying about the sugar content in it. For dinner have 30% milletsAnd 70% grains cooked without any cooking oil.
  • Consumption of leafy greens in all forms is essential along with fruits which will help clean your system.
  • Bring yoga pranayama and meditation in your day. Connect yourself with nature by showing gratitude to the Sun by exposing yourself to the sun for about 30 minutes in a day in the morning.
  • Practice happiness from within rather than expecting happiness from external sources.

Following these will help improve your Anxiety attacks, stress and in turn the acidity issue

 

let us know if you have any questions

Be blessed

Smitha Hemadri (educator of natural healing practices)



05:49 PM | 09-11-2019

Stress: Stress is a feeling of emotional tension or speed of mind.
Type: it has two types.
(1) Eustress (positive stress)
(2) Distress (Negative stree)

Anxiety:Anxiety is a feeling of nervousness, Fear, or worry.

Acidity: Inflammation of Lower part of esophagus Due to abnormal reflux of gastric
contents into the esophagus.

Note: stress, anxiety and acidity are connected to each other.if stress, anxiety reduced then 
A acidity will maintain.

Managment through by Yoga and Naturopathy
 
Asaan
Standing pose
-Suryanamakara
-Katichakrasana
-Chakrasana
Sitting pose 
- Vajrasana
-Bhunamanasana
Supine pose
-pawanmuktasana
-uttanpadsana
Prone pose
-bhujanasana
-Sabhanana
Pranayam
- Nadi shodhan (15min)
-bhramari (10 min)

Food advised
- tender coconut water
-papaya
-apple
-boiled green sabji
-salad

Avoid: smoking,alcohal, fried food.





 



05:49 PM | 09-11-2019

Hi,

All problems first start either in the mind or the gut. The gut is sometimes even known as the " second mind".Acidity also happens when a person is under constant pressure and stress and is eating food very fast without thorough chewing. It is therefore important to eat healthy and maintain a healthy gut. Lets briefly understand this concept and how it impacts your mind.

When we are under stress the body produces the stress hormone called adrenaline, also known as the " fight or flight " hormone. Constant stress releases the production of cortisol, another stress hormone. This constant stress always puts the body in sympathetic mode, wherein the body is unable to repair and heal itself. These hormones are not only produced when under stress, but also when we consume too much caffeine. All this in turn effects the functioning of all your body organs, hormones, sleep, digestion etc. Therefore lifestyle changes are important.

  • It is extremely important that you consume a healthy diet rich in fruits and raw vegetables. Fruits and vegetables contain essential vitamins and minerals which are required for the normal functioning of many hormones, neurotransmitters and a whole lot of other bodily functions.
  • Stay away from all sugary foods, animal foods and processed foods. They all on digestion produce free radicals which in turn disturb the hormonal cycle. Sugary foods produce sudden spikes in blood sugar levels, which in turn affect the homeostasis of the body.
  • Proper sleep and physical activity are equally important. They induce the production of "happy hormones", melatonin and serotonin. This allows the body to repair and heal naturally.
  • Spending time in nature, like gardening, exposure to sunlight is also helpful. All these activities induce the production of serotonin.

Apart from this meditation and deep breathing, focus on your breath are important tools to help you overcome anxiety, negative thoughts and depression. When you are in a relaxed state you can think clearly whether it is regarding your career or anything else.

You could also read this blog to help you understand furtherhttps://www.wellcure.com/body-wisdom/182/tension-anxiety-and-depression-deal-with-it-naturally

Get in touch with any of Natural healers on this platform to help you underNature Nurtures.

Wishing you Good Health Always!

Thank you,

Regards

 

 



05:09 PM | 08-11-2019

Hi. Please refer to the below resources: 

  1. Blogs - 

    1. Understand Your Acidity & Help Yourself Naturally

    2. 5 Practical Tools to Overcome Stress

  2. Real-life natural healing stories of people who cured digestive issues just by following Natural Laws.

Adopting a natural lifestyle will help you in reclaiming your health. You can explore our Nature-Nurtures Program that helps you in making the transition, step by step. 



09:16 AM | 08-11-2019

हेलो,

कारण - तनावपूर्ण घटनाओं का अनुभव से भी ऐसा हो सकता है।अन्य मानसिक स्वास्थ्य विकार जैसे चिंता, डिप्रेशन, मादक द्रव्यों का सेवन से ऐसा हो सकता है। दोषपुर्ण आहार अधिक अम्ल बनने का कारण है। 

समाधान - सुबह खीरे का जूस लें, खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। बेल का पत्ता 8 से 10 पीस कर I100ml पानी में मिला कर पीएँ। खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। बेल पत्ता 8 से 10 पीस कर 100 ml पानी में मिला कर लें। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। जो की आपको ज़बर्दस्त फ़ायदा करेगा। 

10% कच्चे हरे पत्ते और सब्ज़ी का जूस बिना नमक निम्बू के लेना है।30% कच्चे सब्ज़ी का सलाद बिना नमक निम्बू के लेना है।10% ताज़ा नारियल सलाद में मिला कर लेना है। 20% फल को लें। पके हुए खाने को केवल एक बार खाएँ नमक भी केवल एक बार पके हुए खाने लें। पके हुए खाने में सब्ज़ी भाँप में पके हों और तेल घी रहित होना चाहिए सब्ज़ी की मात्रा 20% और millet या अनाज की मात्रा 10% हो।  वर्षों से जमी टॉक्सिन को निकालना ज़रूरी है। किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में पहली बार लें। एनिमा किट मँगा लें । यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 100ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में एक बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में उपस्थित विषाणु निष्कासित हो जाये।

भ्रामरी प्राणायाम,ताड़ासन, नटराजासन

वृक्षासन,हस्तपादासन, सर्वांगासन, हलासन, पवन-मुक्तासन, अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें।

प्रतिदिन आप ख़ुद को प्यार दें अपने बारे में 10 अच्छी बातें कोरे काग़ज़ पर लिख कर और प्रकृति को अपने होने का धन्यवाद दें।

मानसिक समस्या भी इसी शरीर की समस्या है सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि हम किसी भी परिस्थिति में सकारात्मक सोंच रखते हैं या नकारात्मक।

प्राकृतिक जुड़ाव आपको सकारात्मक सोंच प्रदान करेंगी क्योंकि प्राकृतिक जीवन शैली अपने आप में पूर्ण भी है और जीवंत भी है। पाँच तत्व से प्रकृति चल रही है और उसी पाँच तत्व से हमारा शरीर चल रहा है।

जीवन शैली - 1 आकाश तत्व- एक खाने से दूसरे खाने के बीच में विराम दें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें। वाद्य यंत्र शास्त्री संगीत (instrumental classical music)सुनें।

2 वायु तत्व- लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें रुकें फिर स्वाँस अंदर भरें ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक टाइम पर करना है। ये दिन में चार बार करें।

अपने कमरे में ख़ुशबू दार फूलों को रखें।

3 अग्Iनि तत्व- सूर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।

4 जल तत्व- 4 पहर का स्नान करें। सुबह सूर्य उदय से पहले, दोपहर के खाने से पहले, शाम को सूर्यअस्त के बाद, और रात सोने से पहले स्नान करें। नहाने के पानी में ख़ुशबू वाले फूलों का रस मिलाएँ। नींबू या पुदीना का रस मिला सकते हैं।खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें। 

सर पर सूती कपड़ा बाँध कर उसके ऊपर खीरा और मेहंदी या करी पत्ते का पेस्ट लगाएँ,नाभि पर खीरा का पेस्ट लगाएँ।पैरों को 20 मिनट के लिए सादे पानी से भरे किसी बाल्टी या टब में डूबो कर रखें।

5 पृथ्वी- सब्ज़ी, सलाद, फल, मेवे, आपका मुख्य आहार होगा। आप सुबह खीरे का जूस लें, खीरा 1/2 भाग +धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है।

दोपहर में 12 बजे फिर से इसी जूस को लें। इसके एक घंटे बाद खाना खाएँ। शाम को नारियल पानी लें फिर 2 घंटे तक कुछ ना लें। रात के सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें, नारियल की गिरि मिलाएँ।

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ।इसे बिना नमक के खाएँ, बहुत फ़ायदा होगा।सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ  ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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