Q&A
07:57 PM | 30-11-2019

Does applying coconut oil in belly button helps to clear pimples and makes your skin glowing?

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6 Answers

08:12 PM | 02-12-2019

No its not enough to remove pimples.
all you need to control oily diet. stay hydrated with fruits n salads. take vitamin c rich food. avoid grains n spicy food



09:42 PM | 03-12-2019

Rather than applying coconut oil on the belly button why don't you mix it with aloe vera gel and reap the most benefits out of it? As aloe vera gel and coconut oil have both have antibacterial properties it will not only make your skin healthier but also helps you gain glow.

The skin helps in indicating the status of our health a lot. Skin: Indicator of health

You can read this blog to find more about health.

Thank you



11:42 AM | 03-12-2019

Hi

Suggest you read this article listed in our Body Wisdom section - Skin – An indicator of good health



11:41 AM | 03-12-2019

Hi, 
It is good to apply coconut oil on the belly button to reduce pimples, make your skin glow.  Applying coconut oil on the belly button helps to reduce body heat.  

  • Buts it's not enough to get relieved from pimples and to get skin glow.  You have to follow natural food habits and lifestyle.
  • Take balanced healthy diet,  include more seasonal fruits and vegetables. 
  • Take proper sleep.
  • Regular physical activities and Yoga practices will help. 
  • Avoid non-veg and spicy fatty food items. 
  • Avoid milk and milk products.
  • Avoid tea, coffee and other artificial beverages.
  • Take whole grains cereals and Pulses etc. 
  • Include dry fruits and nuts in your diet.
  • Drink plenty of water and keep your body always hydrated.

These will helps to relieve your pimples and to get a glowing skin.

Namasthe!



08:12 PM | 02-12-2019

नमस्ते,
 भोजन में अधिकतर अम्लीय पदार्थ जैसे- चाय ,चावल, चीनी, अचार ,मिठाईयां ,नमक, नमकीन ,डिब्बाबंद भोज्य पदार्थ ,नशीली वस्तुएं,  इत्यादि के सेवन कम पानी पीने ,आनुवंशिकता, तनाव की वजह से मुहांसे हो जाते हैं ।

 17-21 वर्ष की उम्र में मुँहासों का होना सामान्य है। क्योंकि इस उम्र में हार्मोन्स जैसे- एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन घटते और बढ़ते रहते हैं जिसकी वजह से चेहरे में तेल का स्राव ज्यादा होने लगता है और चेहरे पर मुँहासे होने लगते हैं।

चेहरे पर मुंहासे एवं त्वचा को चमकदार बनाने हेतु नाभि में नारियल तेल लगाने के साथ ही साथ आपको निम्नलिखित चीजों का पालन करना चाहिए-

  •  नींद -रात्रि में 7 से 8 घंटे की नींद अवश्य लें, इससे शरीर से दूषित पदार्थ बाहर निकलता है कोशिकाओं की मरम्मत होती है।
  • सूर्योदय के पश्चात कम से कम  45 मिनट धूप मेंं रहे इससे शरीर में विटामिन डी की आपूर्ति होती है शरीर की समस्त अंतः स्रावी ग्रंथियां सुचारू रूप से अपना कार्य करती हैं।
  •  प्रतिदिन प्रातः गुनगुने पानी ,नींबू एवं शहद का सेवन करें इससे शरीर में अम्ल एवं क्षार का संतुलन बना रहता है, आंंत की दीवारें फैलती हैं, शरीर से दूषित पदार्थ बाहर निकलते हैं जिससे क्रमांक कुंचन गति सुचारू रूप से होती है।
  •  प्रतिदिन पालक ,चुकंदर ,नारियल पानी , अनार या आंवले के जूस का सेवन करें इससे शरीर में अम्ल एवं क्षार का संतुलन बना रहता है ,शरीर के सभी अंग सुचारू रूप से अपना कार्य करते हैं, मुंहासे नहीं होते , त्वचा चमकदार रहती है।
  •  प्रतिदिन भोजन में 50% ताजे मौसमी फल 35% हरी पत्तेदार सब्जियां 10% साबुत अंकुरित अनाज, 5% सूखे मेवे का सेवन खूब चबा चबाकर करें, यह हल्के एवं सुपाच्य होते  हैं, संतुलित मात्रा में शरीर को पोषण प्राप्त होता है, अंग सुचारू रूप से अपना कार्य करते हैं, त्वचा सुंदर एवं आकर्षक बनी रहती है।
  • प्यास लगने पर मिट्टी के घड़े में रखे हुए जल को बैठकर धीरे-धीरे सेवन करें इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में जल की आपूर्ति होती है ,शरीर के सभी अंग सुचारू रूप से अपना कार्य करते हैं, शरीर में नमी बरकरार रहती है।
  •  सप्ताह में कम से कम 1 दिन उपवास रहें इससे शरीर से दूषित पदार्थ बाहर निकलते हैं, पाचन अंगों को आराम मिलता है ।
  • हल्दी 1/2-1/4 चम्मच , एक छोटा चम्मच चन्दन पाउडर के साथ मिलाकर गुलाब जल या सादे पानी में घोलकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाकर चेहरे में मास्क के रूप में आधा घण्टे तक लगाकर सादे पानी से धो लें। अगर त्वचा रूखी है तो मास्क धूलने के बाद चेहरे पर गुलाब जल लगा लें। हल्दी में प्रकृति रूप में एन्टीबैक्टिरीयल और एन्टी इंफ्लैमटोरी  गुण पाये जाते हैं।
  • प्रतिदिन अनुभव नेचरोपैथी फिजीशियन के निर्देशन में कपालभाति ,अनुलोम विलोम एवं भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास करें, इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है।
  • प्रतिदिन सुगंधित पुष्पों से युक्त बगीचे में प्रसन्न होकर नंगे पाव टहलें, मन शांत एवं तनाव मुक्त  रहता है। 

निषेध -जानवरों से प्राप्त भोज्य पदार्थ ,चाय, काफी ,चीनी ,मिठाईयां ,नमक ,नमकीन ठंडे पेय पदार्थ डिब्बाबंद भोज्य पदार्थ, रात्रि जागरण ,क्रोध, ईर्ष्या , चिंता ,तनाव सोने से 2 घंटे पहले मोबाइल, टेलीविजन ,कंप्यूटर का प्रयोग।



08:09 PM | 02-12-2019

हेलो,

कारण - त्वचा हमारे शरीर का सहज ज़रिया है अम्ल (acid) को प्रतिबिम्बित करने का। शरीर (elimination)निष्कासन की प्रक्रिया में लगा है।

केवल नारियल तेल नाभि पर लगाने से इस समस्या का निदान नहीं हो पाएगा।

समाधान - खीरा+एलोवेरा का पल्प का पेस्ट वंहा लगाएँ जंहा परेशानी है।  20मिनट के लिए लगाएँ।

त्वचा को गुलाब जल + बेसन और हल्दी से साफ़ करें। साबुन या कोई भी क्रीम का प्रयोग बंद कर दें।नहाने के पानी में ख़ुशबू वाले फूलों का रस मिलाएँ। नींबू या पुदीना का रस मिला सकते हैं।खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें। हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें।अपने मेरुदंड को उस पर रखें।

नहाने के पानी में ख़ुशबू वाले फूलों का रस मिलाएँ।

 जीवन शैली-  1आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

2.वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

3.अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

4.जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है। नारियल तेल से

घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ash guard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल + सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद + नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ash guard) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6.सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

7.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ  ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

8.उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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