Q&A
09:32 AM | 10-01-2020

I get heart palpitations whenever I sit or lay down. I have to cough to get relief from it. I have been practising relaxation and meditation techniques and have increased intake of vitamins to ensure that I’m getting vitamin D and B12. My menstrual cycle has been irregular. Infact, I have had my menses just about three times in last three years. Moreover, I was diagnosed as HPV positive last year. Can you please suggest a treatment for my health woes?

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

02:12 PM | 10-01-2020

Dear health seeker,

Basic nature cure has answers to all your issues and every single health issues will be taken care of in one stroke since we believe in removing the underlying cause on account of which you are suffering so many health issues of heart, palpitations, menstruation trouble etc. They will be addressed by following as

DEVELOP A POWERFUL HEART

Millions of INDIANS are just ''filling up'' for MOUTH AMUSEMENT, instead of eating for health and efficiency. EAT TO LIVE AND NOT LIVE TO EAT. If you sincerely expect to acquire a sound, strong, dependable heart-you MUST avoid all products made with white salt, white flour, white sugar, white rice, white cow milk, raw egg whites. And avoid all fried, fatty, greasy foods. Avoid all delicate meat mixtures, avoid the pickles, relishes, sauces, condiments, ketchup. Avoid all foods containing chemicals, preservatives, artificial flavours, artificial colours. Avoid ordinary CANNED foods. Avoid all soft drinks and liquor. Avoid smoking, and all the devitalized scaled ''convenience'' type foods and snacks-they do not provide not nourishment.

AVOID

  • Breakfast
  • Flesh-eating
  • Coffee,tea and alcohol
  • Beedi, cigarette etc
  • White sugar
  • Saturated oils
  • Denatured foods and beverages

REDUCE

  • Pulses
  • Milk and milk product
  • Things made out of oils
  • Cereal food
  • Tamarind, lemon

SUPPLEMENT

  • Fruits and fruit juices
  • Tender coconut water
  • germinated cereal in small quantities in accordance with the law of Vital Economy
  • grass juice and banana stem juice
  • carrot juice

OTHER APPLICATIONS

  •  Cold water full bath after basking in the sun in the morning
  • Enema if necessary twice a day after natural motion
  •  Masticate the food well
  • Drink no water during and just after meals
  • Eat what is minimum
  • Not to work after a meal

Have rest, both physical, mental, and emotional.

We wish all the readers to have not only a very healthy heart but healthy body as well following NATURE CURE

Vijai Pawar                    Member Indian institute of natural therapeutics 



04:36 PM | 10-01-2020

Hi. Please don’t worry. Body has great self healing powers, all you need to do is support your body naturally. For starters, you must read the Journeys of common people who healed from their health issues naturally. There are people who have suffered for many years and then found their solution in a natural lifestyle. 

We suggest you take a personal consultation with our Natural Health Coach who can understand your background better & give you an action plan. You can explore our Nature-Nurtures Program for the same. We will guide you on diet, sleep, exercise, stress, etc to correct your existing routine & make it in line with Natural Laws. Let us know if you are interested.  

All the best.

Regds
Team Wellcure



02:13 PM | 10-01-2020

हेलो,

कारण - रक्त संचार में कमी के कारण धड़कन लेटते समय बढ़ जाती है। हार्मोन असंतुलित होने के कारण मासिकधर्म अनियमित है। एचपीवी एक ऐसा वायरस होता है जो यौन संभोग के माध्यम से त्वचा से दूसरे व्यक्ति के त्वचा में फैल सकता है या इसके अन्य रूप जननागों के संपर्क में त्वचा से त्वचा में फैल सकते हैं। अम्लीय शरीर में वायरस को पनपने का सम्भावना बढ़ जाता है आहार शुद्धि से लाभ होगा।

हमारे शरीर का बनावट इस तरीक़े से है कि कोई भी विटामिन की कमी नहीं हो सकती है। शरीर में  अम्ल अधिक होने से ऐसा होता है। जो भी खाना देर तक पचता नहीं हैं वह शरीर के ऊर्जा को अधिक ख़र्च करता है। शरीर में अधिक अम्ल बनाता है जो की शरीर में मौजूद विटामिन पर एक आवरण बना लेता है जैसे संघनन की क्रिया से पानी का भाँप बादल बन जाता है आसमान में तो सूर्य को भी छुपा देता है। 

समाधान - सूर्य नमस्कार करें। पवन मुक्त आसन करें।

सूर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।

सुबह खीरे का जूस लें, खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। बेल का पत्ता 8 से 10 पीस कर I100ml पानी में मिला कर पीएँ। खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। बेल पत्ता 8 से 10 पीस कर 100 ml पानी में मिला कर लें। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। जो की आपको ज़बर्दस्त फ़ायदा करेगा। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें।

जीवन शैली - आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है। नारियल तेल से

घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

पृथ्वी - कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल + सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद + नट्स और अंकुरित अनाज के साथ लें। सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurad) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लें। एक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।ओ

सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ  ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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