Q&A
01:59 PM | 11-01-2020

How to cure ITP problem?


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4 Answers

01:43 PM | 13-01-2020

Idiopathic thrombocytopenia Pupura( ITP) is an autoimmune problem in which Vitamin C therapy has found to be very effective in dealing with the symptoms.
Sources like oranges, lemon, sprouts, sweet potatoes and anti-oxidants filled berries will help in curbing the progression of symptoms.

Thank you



01:39 PM | 13-01-2020

हेलो,

कारण - आईडियोपैथिक थ्रोम्बोसाइटोपेनिक पुरपुरा (Idiopathic thrombocytopenic purpura) एक प्रकार का विकार है, जो आपके शरीर में आई खरोंचों को और इससे निकालने वाले रक्त की मात्रा को बढ़ा देता है। खून का निकलना प्लेटलेट्स के निम्न स्तर के कारण होता है। जिसमें कोशिकाएं आपके खून के जमाव में सहायक होती हैं। ये पोषक तत्व के लिए आपके शरीर के ग्रहण शीलता में कमी के कारण हो सकता है।

प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से ये पूर्ण रूप से ठीक हो सकता है।

समाधान - लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें। इसके बाद फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें, रुकें, फिर स्वाँस अंदर भरें। ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक समय पर करना है। ये दिन में चार बार करें। खुली हवा में बैठें या टहलें।

शारीरिक और मानसिक क्रिया में संतुलन बनाए। दौड़ लगाएँ।सुप्त मत्स्येन्द्रासन, धनुरासन

पश्चिमोत्तानासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, शवासन करें।

खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

नीम के पत्ते का पेस्ट अपने नाभि पर रखें। 20मिनट तक रख कर साफ़ कर लें। मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें।

जीवन शैली-  1आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

2.वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

3.अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

4.जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है। नारियल तेल से

घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल + सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद + नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6.सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

7.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ  ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

8.उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)



07:34 PM | 14-01-2020

Idiopathic thrombocytopenic purpura or whatever the name may be called is known to be an autoimmune issue that appears when the body's immune system attacks itself by making itself weaker. In your case, its the issue with platelets not doing their job or is less in the count. There are many other issues we can speak about. My mom was anemic all her life because the doctors said her red blood cells have changed in shape and are also a condition. Now she is no longer anemic. Many people have a hemoglobin issue, WBC issue the list is endless.

I encourage you to read my article on the microbiome -https://www.wellcure.com/body-wisdom/367/guardians-of-the-human-body-microbiome-part-1. You will find the links to parts 2 and 3 in the same set of documents.

You have led a lifestyle that has eventually led the body to malfunction. Once you remove the causes, you will be fine.

I would think its best that you work with me personally so that I can talk in detail and give you a personalized plan.

If not, I would advise that you go off all dairy, eggs, meat fish, oils, gluten, processed foods, etc. and stick to a high raw plant-based lifestyle with fruits, veggies, and greens for most of the day and dinner being only oil-free, gluten-free foods. Expose yourself to the sun for 40mins, exercise and move the lymphatics, drink plenty of juices and water, sleep well, stay calm and stress-free.

If you need to consult with me personally, reach me here -https://rzp.io/l/1LR1mH1

Be blessed.

Smitha Hemadri (educator of natural healing practices)



01:38 PM | 13-01-2020

ITP is a bleeding disorder. ITP or Immune thrombocytopenic purpura (ITP) is a bleeding disorder in which the immune system destroys platelets, which are necessary for normal blood clotting. People with the disease have too few platelets in the blood.

As modern medicial researchcontinue to find a soultion to this conditionand define new treatments that can lift the burden of ITP, many often wonder if it’s possible that Mother Nature’s arsenal of compounds might help their condition. Many people with ITP are hoping this is so, and are looking into the holistic.

ITPcan run in families, but you can also get it from many medical conditions. Some symptoms might be bleeding, red flat patches on skin or blotches or bruises.

Treatment option might be limited to few. Still some natural remedies that might be helpful in this condition are

1) A mixture of Indian Gooseberry and Indian Gallnut is proven to be effective when taken as juice.  Ayurvedic medicine which consists of this combination of both is proven to an antioxidant in nature works good in this condiion.

2) Papaya leaves and pegaga (Centella asiatica) juice can increase the platelet count and could be helpful in treating ITP

 

 


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