Q&A
05:06 PM | 15-01-2020

Meri age 27 saal hai aur mujhe 6-7 saal se stomach ki problem hai. Kafi test krwaye kuch problem nh hai bus khana khaane ka bad pain ho jata hai. Gas kafi pass out hoti hai. Docter ne batya acidity ki problem hai. Iska koi natural solution de skte kya?


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

Read more
Post as Anonymous User
4 Answers

11:31 AM | 16-01-2020

Hi. We would like to guide you to a few resources. 

  1. Health Journeys of people made lifestyle changes and managed their acidity problem

  2. Body Wisdom blogs:

Adopting a natural lifestyle will help you in reclaiming your health. Wellcure’s Buddy Program helps you in making the transition, step by step. You can explore our Nature-Nurtures Program that helps you in making the transition, step by step. We will guide you on diet, sleep, exercise, stress to correct your existing routine & make it in line with Natural Laws.   



07:11 PM | 15-01-2020

हेलो,

कारण - आँत में inflammation के कारण हाज़मा ख़राब हो सकता है। दोष पूर्ण आहार, दोषपूर्ण जीवन शैली और शारीरिक शिथिलता के कारण ऐसा हो सकता है।

समाधान - लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें। इसके बाद फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें, रुकें, फिर स्वाँस अंदर भरें। ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक समय पर करना है। ये दिन में चार बार करें। खुली हवा में बैठें या टहलें।

शारीरिक और मानसिक क्रिया में संतुलन बनाए। दौड़ लगाएँ।सुप्त मत्स्येन्द्रासन, धनुरासन

पश्चिमोत्तानासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, शवासन करें।

खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

नीम के पत्ते का पेस्ट अपने नाभि पर रखें। 20मिनट तक रख कर साफ़ कर लें। मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें।

जीवन शैली-  1आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

2.वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

3.अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

4.जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है। नारियल तेल से

घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ash guard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल + सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद + नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ash guard) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ।  हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6.सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

7.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ  ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

8.उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)



07:44 AM | 20-01-2020

एसिडिटी शरीर का संकेत है कि पाचन ठीक से नहीं हो रहा है। रक्त में पोषक तत्वों का एक स्वस्थ अवशोषण नहीं होता है, इसलिए शायद अम्लता का कारण बनता है। इससे सीने में जलन हो सकती है और दर्द होता है क्योंकि पेट का एसिड आपके ग्रासनली में जाता है (वह नली जो आपके मुंह से आपके पेट तक भोजन पहुंचाती है)। अगर ऐसा अक्सर होता है तो इसे जीईआरडी कहा जाता है।

इसके लिए ट्रिगर करने वाले कारक मसालेदार खाद्य पदार्थ, शराब, कुछ दर्द निवारक, स्किप किए गए भोजन, अनियमित भोजन समय पर होंगे।

कुछ भोजन की आदतों और जीवनशैली को बदलकर आप अपनी स्थिति में एक महान बदलाव ला सकते हैं:

सुबह खाली पेट में ऐश गार्ड रस 200 मिली + 1 चम्मच शहद आपके एसिड को बेअसर रखेगा।

अपने भोजन की समय-सारणी को निरंतर बनाए रखना सुनिश्चित करें यदि आप भोजन याद करते हैं तो पानी पीना सुनिश्चित करें और फल खाएं

भोजन से 15 मिनट पहले मौसमी फल खाएं।

जीरे को पानी में उबालकर उस पानी को रात को सोते समय पीएं।

अन्य बातें करने के लिए धूम्रपान, शराब, मसालेदार भोजन, कैफीन युक्त पेय से बचें कॉफी, चॉकलेट, चाय, और देर रात के स्नैकिंग से बचें अधिक साग का सेवन करें और भोजन निगलने से पहले पूरी तरह से चबाएं शाम के 2 घंटे के भोजन के बाद अदरक की चाय पिएं भोजन के तुरंत बाद न सोएं।

रात के खाने के 2 घंटे बाद हमेशा सोएं एसिड कम रखने के लिए हर 1 घंटे में आधा गिलास पानी पिएं।

हर्बल चाय पिएं। अजवाईन का सेवन गैस्ट्रिक जूस के सामान्य PH को बनाए रखने में मदद करेगा, अज्वैन के 2 चम्मच के साथ उबला हुआ 200 मिलीलीटर पानी और एपिसोड के दौरान इसे पीने से आपको तुरंत राहत मिलेगी।



03:26 PM | 16-01-2020

Dear Health Seeker R.D.

Your health problems will be radically cured within a short period provided you follow the eternal laws of nature governing our organism. I too was a sufferer of stomach ailments in my younger years and was on medication for close to 6 years but to no avail and many more diseases cropped up on account of side and after-effects. I followed the undermentioned guidelines:-

  • First of all eschew all the foodless enervating, devitalising, stimulating foods like tea, coffee, cola drinks and alcohol meat products animal products.
  • Go for a brisk walk in the early morning sun or in the evening 
  • Take a non violent enema under guidance, after nature 'call
  • Apply a wet pack over abdomen for 20 minutes twice a day 
  • Have a fruits heavy breakfast with enough coconut scrappings 
  • In lunch eat vegetables raw and cooked without oil spices and condiments  onions and garlic and coconuts 
  • Fruits or fruits juices in mid-afternoon. 
  • Dinner may consist of only fruits and coconuts for a week. From the second week add little rice or roti 
  • Rest for at least 7 to 8 hours 

 All your stomach issues will be solved in a month or two 

  V.S.Pawar                      Member Indian institute of natural therapeutics.


Scan QR code to download Wellcure App
Wellcure
'Come-In-Unity' Plan