Q&A
09:39 AM | 03-02-2020

I am 30 years old, I have many problems. I have allergic rhinities and Nasal Polyp also have asthma. My second problem is white discharge. Third one that stomach burning sensation... Pls give me good suggestion.. I am slim also. I want to increase body fat. Wt to do?


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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2 Answers

02:38 PM | 03-02-2020

Dear health seeker Fathima. 

Please understand that there is no disease only lower level of health which can be reversed back to health provided you follow the eternal laws of nature governing our organism and body. All diseases are due to accumulations of filth, toxins, foul matter and the way out of this logjam is to throw out the toxins laid down in the body. Your health issues of rhinitis, nasal polyps, discharge will all be alright simultaneously in one go by reverting back to hygienic lifestyle.    
You must have resolve, grit and determination, discipline to switch to hygienic lifestyle, there is no other go You may revert to the following regime:- 

  • Go for a brisk walk in the morning on grass laden lawns with rhythmic breathing 
  • Follow it up with sun-basking for 30 minutes and a cold water bath 
  • Discontinue all tea, coffee cola drinks, breakfast of cereals or eggs, omelettes milk, instead drink either ash gourd, banana stem juice or carrots or cucumber juice 
  • Eat a plateful of fruits and coconuts 
  • Have vegetables raw and cooked conservatively without oil spices and condiments, no garlic no onions plus coconut scrappings 
  • Any fruits juices or coconut water in the evening 
  • You may take vegetables raw and cooked with one or two roti or a small bowl of rice 
  • Take non-violent enema and a vaginal douche of cold water under the guidance of a Naturopath 
  • Before sleep take a hot water foot bath for 20 minutes daily for a few weeks. This will help in clearing your colds, rhinitis, polyps, asthma etc. 

All your health issues will be taken care of early.

V.S.Pawar                     Member Indian institute of natural therapeutics 1980

You may again consult for further information 



01:21 PM | 03-02-2020

हेलो,

कारण - शरीर मेंं रोग मूल कारण का प्रतिक्रिया मात्र है।

एलर्जी राइनाइटिस को नाक की सूजन के रूप में जाना जाता है। एलर्जी के हमले के दौरान एंटीबॉडीज मुख्यत इम्युनोग्लोबिन ई (IgE) ऐसी कोशिकाओं से जुड़ जाती है जो हिस्टामाइन नामक केमिकल को फेफड़ों, त्वचा और श्लेष्म झिल्ली (mucous membrane) में छोड़ती हैं। यह हिस्टामाइन रक्त वाहिकाओं को खोलता है और इससे त्वचा पर लालिमा और झिल्ली में सूजन होती है। 

नाक के अंदर का मांस बढ़ने लगता है। इसकी जड़ में दमा के कारण रहने वाली सूजन, बार-बार संक्रमण होना, एलर्जी, दवाओं व नशीले पदार्थों के प्रति संवेदनशीलता और कुछ प्रकार की प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़े विकार आदि शामिल हैं। 

कफ दोष की उत्तेजना ल्यूकोरिया का कारण हो सकती है। अधिक मात्रा में मक्खन, दही, पनीर और अन्य कच्चा खाद्य पदार्थ खाने से अस्वस्थ होते हैं। भारी, तेलयुक्त और टला हुआ भोजन लेना मुख्य कारक होता है। ये सभी रोग खराब हाजमा के कारण हुए है। आहार शैली में परिवर्तन कर के इन सभी रोगों से मुक्त हो सकते हैं।

खराब हाजमा से सभी रोगों की उत्पत्ति हुई है।

प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति में कोई भी रोग का कारण हाजमा और कब्ज को माना गया है जो कि आप के संदर्भ में भी लागू होता है। प्रकृतिक जीवनशैली को अपनाकर आप पूर्णतया स्वस्थ हो सकते हैं।

समाधान-1. पानी में मेथी के बीज उबाल लें।

स्वाद के लिए चाहें तो शहद भी मिला सकते हैं

अब चाय को हल्का गर्म होने पर पिएं।

2.खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

3.नीम के पत्ते का पेस्ट अपने नाक पर रखें। 20मिनट तक रख कर साफ़ कर लें। 

4.मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। 

5.हफ्ते में 3 दिन से हिप बाथ करें नाभि तक पानी भर कर उसमें 20 मिनट के लिए बैठे उस पानी में 500ml नीम के पत्तों का रस मिला सकते हैं।

जीवन शैली - 1. आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

2.वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

3.अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

4.जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।

तिल के तेल से गले  पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6.सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

7.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

8. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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