Q&A
09:36 AM | 03-02-2020

I have knocknee how to correct that?


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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2 Answers

02:43 PM | 03-02-2020

Genu valgum is medically referred to as knock-knees. The knees are together whenever someone stands and this appears to be the knees are attached but there would be sizeable gap between the knees of about 2-3 inches. The knees will appear to push in towards each other.

In most cases, this condition is more or less harmless. There might be several potential causes of genu valgum, which include metabolic bone disorders and genetic disorders. This condition could pose risk factors to obesity, arthritis of the knee joints, injury to the leg or even deficiency of Vit-D and calcium.

A doctor would recommend some simple exercises in collusion with your physical therapist. These exercises include simple exercises and stretches which help to strengthen the muscles of the legs and help in the realignment of the knee joints. A doctor or physical therapist would recommend the exercises only on the individual walking style or gait which is known in medical terms. These exercises should aim to improve the person's gait and as well as increase the muscle strength.

If a person is obese then it might be best advised to shed down extra pounds of weight which could be a part of weight management strategy. Extra pounds of weight could put strain to your knees and could affect the rehab process during the treatment and could affect the prognosis.

Some measures to manage weight might be to do the following measures:

  • It is important to prevent weight gain after weight loss follow a planned fixed daily routine, in order to reduce strains on the knees.
  • Make a habit to exercise regularly ( whatever is possible), practice Yoga (Pranayama, Stretching Asanas)
  • Try not to skip meals, especially breakfast.
  • Make a habit to drink plenty of water and stay hydrated.
  • Always keep in mind to avoid more carbohydrates and take more protein-rich food.
  • Try to avoid non-veg, junk food, oily food items, preserved and canned foods.
  • Try to consume more fruits and vegetables.
  • Make a habit to take meals at regular intervals.
  • Monitor weight regularly.
  • Take the fibre-rich diet for proper bowel movements.
  • Regularly meditate and avoid stress.
  • Proper sleep of 6-8 hrs.
  • Always keep track of daily calorie intake.

03:41 PM | 03-02-2020

Tqqq u so much sir thank you thank youuuu sirrr👏🤝✊

Reply


02:39 PM | 03-02-2020

हेलो,


कारण - Knock Knee हमारे पैर के नीचे हिस्से मे Curve की वजह से हमारे पैर के पंजे और और टखने के बीच में बहूत ज्यादा Gap हो जाता है जिसके साथ हमारे घुटने एक दूसरे से स्पर्श करने लगते है। हमारे शरीर में Vitamin D की कमी के कारण होता है। पोषक तत्व का शरीर में ठीक प्रकार से संचार ना हो पाना इस रोग का मुख्य कारक है।

समाधान - गहरे हरे रंग के पत्तों का जूस बहुत ही फायदेमंद है 25 से 30 ग्राम पालक के पत्ते या धनिया के पत्ते या पुदीना के पत्तों को पीसकर उसमें 200 ml पानी मिलाएं। खाली पेट इसको पिए यह काफी लाभकारी है इसके जगह पर दूब घास, बेलपत्र, का जूस भी बहुत लाभकारी है

सूरज की रोशनी में सर और आंख को ढककर 20 मिनट के लिए लेटे पांच 5 मिनट आगे पीछे दाएं बाएं धूप की रोशनी लें। यह प्रक्रिया इस रोग में काफी लाभकारी साबित होगा।

मानसिक और शारीरिक क्रियाओं में संतुलन लाए। दौड़ना,  बैडमिंटन खेलना, योगासन करना,  प्राणायाम करना बहुत ही फायदेमंद है। प्रतिदिन आधे घंटे के लिए इन क्रियाओं में संलग्न हो।

अपने खाने में सेंधा  नमक दिन में एक बार केवल पके हुए खाने में लें। क्योंकि नमक त्वचा के नमी को सोख लेती है।

खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। 

जीवन शैली - जीवन शैली-  1आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

2.वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

3.अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

4.जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।

कपूर मिश्रित नारियल तेल से त्वचा के उस हिस्से की मालिश करें जहां पर समस्या है।  घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है।

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6.सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

7.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

8.उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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