Q&A
09:35 AM | 03-02-2020

32 years single female, i get periods only for 2 days that too average flow but on time every month.. Haemoglobin is 12 & my work is stressful. Is this concerning? What to do?

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

06:58 PM | 03-02-2020

Hello User,

If we put in with the definition of medical science having a flow from 2-5 days is completely normal. If it is according to the genetic issues, like your mother and sisters have been having the same flow then there nothing to be concerned about. But there are chances that your stressful work life is coming in contact with your daily routine and hampering your health at this cost. Your statistical data about your haemoglobin is very much in ranged. But we at Wellcure depend on holistic health, so how active do you feel when you wake up? All the daily life stressors work together in giving us dis-ease, so with the following tips, I hope you would be able to regularise the flow. Let us see what all things you can include in your diet in order to get ideal health.

Eat:

  • Start with food items like jaggery, dates, sprouts, green leafy vegetables which help in increasing iron content as well as regularise our menstrual cycle.
  • Vitamin C addition helps in easy-iron absorption, for example adding lemon in dals.
  • Include one fruit like apple, papaya, a banana a day to have a healthy GUT.
  • Eating methi seeds with warm water also helps in healthy periods.

Exercise:

  • Sleep on your back, raise your one leg and start rotating in a circular motion for 5 ties and place it back, repeat the same with another leg. This will elevate your uterine muscles.
  • Squats is another exercise to improve uterine health. Do it 15-20 times at one time.
  • Sit and take 10-15 long deep breaths from the abdomen, to release all the toxicity.

Meditation:

As you have mentioned about stress, while sleeping, take a bowl of water. Put two-three essential oil drops like lavender or orange and inhale it. It will help in calming nerves. 

Listen to music for 15 minutes by closing your eyes and deep breathing, this will help in treating stress. 

Sleep:

Sleep should be of 7-8 hours, sound. This will help in releasing all stress and treat all the issues in a healthy manner. It is time to get yourself healthy and wise. 

Hopefully, these suggestions will be helpful

Thank you



05:36 PM | 27-02-2020

Hi. Pls explore if you would like to join our online guided sleep and stress program. It begins tomorrow, 28th Feb.

Regds
Team Wellcure



06:59 PM | 03-02-2020

हेलो,

कारण - मासिक धर्म में रक्त का स्त्राव  कम या ज्यादा हो सकता है। आमतौर में हर 21 से 35 दिनों की अवधि के चक्र हो सकता है। सामान्यतः माहवारी में रक्त स्त्राव दो से सात दिनों तक हो सकता है।

पाचन तंत्र के स्वस्थ ना रहने पर इसका बहाव कम या ज्यादा हो सकता है।  खुराक में सुधार इसके बहाव में सुधार कर सकता है। पेट साफ होने के लिए जैसे फाइबर युक्त भोजन आवश्यक है उसी तरीके से पीरियड्स को खुलासा होने के लिए फाइबर युक्त भोजन की जरूरत पड़ती है।

समाधान- गहरे हरे रंग के पत्तों का जूस बहुत ही लाभदायक होगा जैसे पालक धनिया का पत्ता पुदीने का पत्ता कड़ी पत्ता बेलपत्र दूब घास इस तरीके के पत्तों को 20 से 25 ग्राम धोकर पीसकर 200ml पानी मिलाकर पिए बिना खाने पीने से ज्यादा लाभ होगा छानकर भी पी सकते हैं।

दौड़ लगाई दौड़ लगाने से रक्त का संचार अच्छा होता है या फिर तेज चाल में चले।

खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। 

जीवन शैली - 1आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

2.वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

3.अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

4.जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।

कपूर मिश्रित नारियल तेल से पेट पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है।

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6.सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

7.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

8.उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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