Q&A
01:50 PM | 05-02-2020

I am diabetic and suffer from obesity. Any suggestions?


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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2 Answers

07:22 PM | 05-02-2020

Most often having lots of fat or being obese is often associated with diabetes type 2. Abdominal obesity or accumulation of belly fat is common in diabetic patients and often is measured by the circumference around your waist and this could be done using a simple measuring tape. Waist measurements above 40 inches (102 cm) in men and 35 inches (88 cm) in women are termed as abdominal obesity. Anything that is above said measurements would need some serious action to reduce it.

Hence, losing belly fat and weight have massive benefits health-wise and also prolong your life span.

There are a few strategies that have proven to be effective to reduce body fat.

Here are a few ways to lose belly fat where researches have proven their efficacy.

  1. Reduce or avoid consumption of sugar and sweetened drinks – Consuming excess sugar is said to be the primary cause for excess fat in the belly and liver. This is particularly true of sugary beverages like soft drinks like Coke, Pepsi, etc. Hence the best policy is to avoid it.
  2. Consume a large amount of protein – Consumption of protein in the long term would prove to be an effective strategy to reduce fat. Proteins have proven to reduce hunger levels and increase the metabolism of the body.
  3. Reduce carbs intake – eating fewer carbohydrates could also be another strategy to reduce belly fat and also fat around the liver and other abdominal organs.
  4. Consume high fiber – Consuming high fiber could reduce belly fat, increase metabolic activities and also prevent diseases that arise from excess fat accumulation.
  5. Exercise Regularly – Any type of exercise could be useful to reduce body fat. Forward bending exercises could be useful to reduce the belly fat provided one doesn’t suffer from any back ailment. It is advisable to take precautions before jumping into action.
  6. Diet Diary – It is advisable to keep a track of all foods and quantities of food consumed which could help you to take necessary action wherever and whenever needed.

Treatment & Diet Plan for Diabetes:

1. Try to replace white rice with brown/red rice -Rice is a staple grain in most parts of India White rice has a high GI, which is very detrimental to diabetes. On the other hand, red or brown rice may not be as tasty as white rice but they are healthy and rich in fiber and various nutrients and also less in GI compared to white rice. The red/ brown rice keeps your stomach filled due to high fiber content and also avoid snacking in between the meals

2. Try to whole grains- Whole Grains like oats, wheat is not a great choice when you prescribe a diabetic diet. Quinoa, which is gluten-free, is a great addition for your diet as it is very high in protein, fiber and low in sugar levels!

3. Eat more high fiber veggies- Consuming Fibre is very much essential for your diet because as it helps to maintain a healthy digestive system. Fiber presence in vegetables prevents blood sugar from shooting up, which makes it an ideal thing for people living with diabetes. Consume more green leafy vegetables, beans and peas to get your daily dose of fibers which could prevent getting hungry soon.

4. Consume pulses and legumes -Consuming pulses that are rich in protein, fiber and these have a low glycemic index which makes them safe to include in a diet for a diabetic patient.

5. Consume fenugreek seeds/ powder -
Fenugreek seeds/fenugreek powder can lower your blood glucose levels as the elements present in it helps to release insulin from the pancreas. It is best practice have a tablespoon of fenugreek seeds with warm water or mixed with buttermilk

Bonus tips to control diabetes

1. Consuming an apple before going to bed could create hypoglycemia (low blood sugar) at night.
2. Drinking one tablespoon of gooseberry or amla juice every morning could reduce the oxidative stress inside the body.
3. Exercising every day could be a great practice to reduce the blood sugar levels, increase insulin sensitivity, enhance weight loss, and also improve the functions of the various systems

Include exercise or physical activity in your daily routine. Physical activity is a natural way to control and cure diabetes.

  • Make a practice regular Yogasana: Asanas practices like pawanamuktasana,naukasana, matsyasana, vajarasana, vakrasana, and ardhamatsyendrasana.
  • Make a habit to practice regular pranayamas like nadishuddhi, kapahal bhati and bhramari, this helps to reduce your stress and diabetes.
  • Apply cold mud packs on the abdomen on a daily basis.
  • Abdominal massage followed by local steam/ sunbath.
  • Walking in a foot reflexology track or in the grass for 30 mins. in the morning.


06:25 PM | 05-02-2020

हेलो,

कारण - शुगर कोई बीमारी नहीं है। इसमें  पेंक्रियाज़ को नुकसान पहुंचाता है। इंसुलिन का फ़्लो रुक जाता है तो हमारे शरीर में ग्लूकोज़ की मात्रा बढ़ना शुरू हो जाती।  ख़राब हाज़मा और ग़लत खान पान के वजह से शरीर इस रूप में प्रतिक्रिया कर रहा है। बढ़ता हुआ वजन भी इस बात का सूचक है कि हमारा खाना ठीक से पच नहीं रहा है और अपच के कारण जो टाक्सीसिटी बॉडी में इकट्ठा हो रहा है उसको हमारा शरीर सफाई की उपयोगी सामग्री ना होने की वजह से चर्बी युक्त थैली के अंदर उसको छुपाने की कोशिश कर रहा है।

समाधान - 1. शारीरिक और मानसिक क्रिया में संतुलन बनाए। दौड़ लगाएँ।सुप्त मत्स्येन्द्रासन, धनुरासन, अनुलोम विलोम, भ्रामरी प्राणयाम

पश्चिमोत्तानासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, शवासन करें।

2. 10% कच्चे हरे पत्ते और सब्ज़ी का जूस बिना नमक निम्बू के लेना है।30% कच्चे सब्ज़ी का सलाद बिना नमक निम्बू के लेना है।10% ताज़ा नारियल सलाद में मिला कर लेना है। 20% फल को लें। पके हुए खाने को केवल एक बार खाएँ नमक भी केवल एक बार पके हुए खाने लें। पके हुए खाने में सब्ज़ी भाँप में पके हों और तेल घी रहित होना चाहिए सब्ज़ी की मात्रा 20% और millet या अनाज की मात्रा 10% हो।  

3.किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में पहली बार लें। एनिमा किट मँगा लें । यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 100ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में एक बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में उपस्थित विषाणु निष्कासित हो जाये। वर्षों से जमी टॉक्सिन को निकालना ज़रूरी है। 

शरीर पाँच तत्व से बना हुआ है प्रकृति की ही तरह।

आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी ये पाँच तत्व आपके शरीर में रोज़ खुराक की तरह जाना चाहिए।

पृथ्वी और शरीर का बनावट एक जैसा 70% पानी से भरा हुआ। पानी जो कि फल, सब्ज़ी से मिलता है।

आपका मुख्य आहार ये हुआ तो बहुत अच्छा हो जाएगा।

1 आकाश तत्व- एक खाने से दूसरे खाने के बीच में विराम दें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें। ऐसा करने से हमारा हाजमा ठीक होगा।

2 वायु तत्व- लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें। इसके बाद फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें, रुकें, फिर स्वाँस अंदर भरें। ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक समय पर करना है। ये दिन में चार बार करें। खुली हवा में बैठें या टहलें। इससे हमारे शरीर में ऑक्सीजन के पर्याप्त मात्रा जाएगी। ऑक्सीजन प्राप्त मात्रा में रहने से निष्क्रिय हुआ ऑर्गन भी स्वस्थ हो जाता है।

3 अग्नि तत्व- सूर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे। यह हमारे शरीर के रक्त संचार में मदद करेगा। शरीर में मौजूद टॉक्सिंस को साफ करेगा।

4 जल तत्व- खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

नीम के पत्ते का पेस्ट अपने नाभि पर रखें। 20मिनट तक रख कर साफ़ कर लें। मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। ऐसा करने से रक्त संचार में और ऑक्सीजन के संचार में बहुत लाभ मिलेगा साथ ही हाजमा दुरुस्त हो जाएगा पाचन शक्ति बढ़ेगी और वजन बढ़ने की समस्या रुक जाएगी।

5 पृथ्वी- सब्ज़ी, सलाद, फल, मेवे, आपका मुख्य आहार होगा। आप सुबह खीरे का जूस लें, खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। बेल का पत्ता 8 से 10 पीस कर I100ml पानी में मिला कर पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। जो की आपको ज़बर्दस्त फ़ायदा करेगा। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें।

दोपहर में 12 बजे फिर से कच्चे सब्ज़ी जूस को लें। इसके एक घंटे बाद खाना खाएँ।शाम को 5 बजे सफ़ेद पेठे (ash guard) 20 ग्राम पीस कर 100 ml पानी मिला। 2 घंटे तक कुछ ना लें। रात के सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डाले। ताज़ा नारियल मिलाएँ। रात का खाना 8 बजे खाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। इसे बिना नमक के खाएँ, बहुत फ़ायदा होगा। यह संतुलित आहार ना सिर्फ पोषण देगा बल्कि औषधीय रूप में आपके शरीर पर अपना प्रभाव डालेगा।

6.पृथ्वी तत्व को शरीर में डालने का एक नियम हमेशा याद रखें ठोस (solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल (liquid) को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें। ठोस (solid) भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ (liquid) ले सकते हैं। ऐसा करने से हाज़मा कभी ख़राब नहीं होगा। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन छोड़ने से ज़्यादा लाभ होगा। तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। 

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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