Q&A
01:11 PM | 16-03-2020

I have Protein S deficiency and also elevated levels of ACA and ANA. I have been told that Protein S indicates a blood clotting disorder hence I need to take blood thinners. ACA and ANA are autoimmune markers, haven't done further testing. Please advise on natural ways to reverse these conditions. I am 39 years old with no physical health issues except occasional bruising.

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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5 Answers

08:01 PM | 16-03-2020

Hello User,

As you have mentioned in the process that there is occasional bruising which is the effect of protein S deficiency. As happens in the disease, the main thing to look into is the effects in the form of symptoms about this genetic deficient disorder. What we can help you with is helping you with natural blood thinner which will help you enhance your blood circulation, strengthen your blood vessels which will in all help you with better prognosis and qualitative lifestyle.

Even your food habits will make a lot of difference here because the kind of nutrients you are taking should be absorbed in the natural form for your body to respond well. A healthy daily regime will help in treating your condition including exercise, sleep, and meditation.

A holistic measure is the only way you can treat this thing completely.

Eat:

The first thing in the morning is to start your day with something light in nature and easy to digest is what your breakfast should be because they are the kind of nutrients that get absorbed easily. Even the early morning ritual should include consumption of two-three glasses of warm water will help in flushing out all the toxins.

The ideal diet would be to depend on fruits and raw vegetable intake at least for one month and refrain from something which is oil-based. Have fruit salad in the afternoon time and vegetable salad as evening snack this will be light on your stomach.

  • Turmeric is a natural blood thinner, two hours after your breakfast take one teaspoon of honey with a half teaspoon of turmeric, making a paste of it use it as a blood thinner.
  • Almonds are a very good source of vitamin E, the best thing is to consume them as a snack with 5-8 almonds during your breakfast time for better effects which will help in anti-coagulating.
  • Consume one tablespoon cinnamon powder with two glasses of warm water empty stomach to enhance anti-coagulation in your blood, eventually, your state will definitely improve.

​​Exercise:

  • Pranayam helps in detoxifying the body, practicing it early morning in an area which has good sunlight will help in improving blood circulation.
  • Suryanamaskar daily 12 sets will help in increasing the blood circulation of your body.
  • A brisk walk in early morning sun from 30-45 minutes, helps in treating your body to its level best. Sun is a great source of Vitamin D that is why walking in the Sun and connecting with the sun also help in activating our cells and rejuvenate us for the whole day.

Meditation:

In any kind of disease, stress comes complementary to it, but with our assurance and positive attitude, we can treat anything. The best thing to start with is breathing mindfully before sleep with the help of music to stay positive. In a room take a bowl of water and add two-three drops of orange or lavender essential oils this will help in soothing you and the aroma will relax you and keep you away from any kind of disease.

Use a 15-minute relaxation technique before sleep, by hearing a piece of soothing music and deep breathing will help in relaxing your mind.

A positive attitude will help you to deal with everything in life.

Sleep:

Sleeping for at least 7-8 hours is really helpful in dealing with any problem, sleep is our body's natural response and helps the body to heal. Sleep relaxes the muscles and strengthens our body. During sleep, our body goes into a repair mechanism where it heals thy self.

Hopefully, these suggestions will help you

Thank you



04:24 PM | 19-03-2020

हेलो,
कारण - प्रोटीन सिंथेसिस की कमी vitamin k के कमी के कारण होता है क्योंकि प्रोटीन सिंथेसिस vitamin k के ऊपर निर्भर  करती है। विटामिन K, खून का थक्का जमने के प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। खून का थक्का या ब्लड क्लॉटिंग (Blood clotting) एक ऐसी प्रक्रिया है जो शरीर के अंदर और बाहर अत्यधिक खून बहने की स्थिति से बचाव करती है। खून के थक्के की प्रक्रिया के साथ काम करने वाली प्रोटीन s का उत्पादन करने के लिए शरीर को विटामिन K की आवश्यकता पड़ती है। 

हमारे शरीर का बनावट इस तरीक़े से है कि कोई भी विटामिन की कमी नहीं हो सकती है। शरीर में अम्ल अधिक होने से ऐसा होता है। मिनरल की कमी के प्यास अधिक लगती है। हाज़मा ठीक न होने पर क़ब्ज़ होता है। जो भी खाना देर तक पचता नहीं हैं वह शरीर के ऊर्जा और मिनरल को अधिक ख़र्च करता है। शरीर में अधिक अम्ल बनाता है जो की शरीर में मौजूद विटामिन पर एक आवरण बना लेता है जैसे संघनन की क्रिया से पानी का भाँप बादल बन जाता है आसमान में तो सूर्य को भी छुपा देता है। 

समाधान - 1.सूर्य नमस्कार करें। पवन मुक्त आसन करें।

सूर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे। 

2. सुबह खीरे का जूस लें, खीरा 1/2 भाग, धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashgourd ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। बेल का पत्ता 8 से 10 पीस कर, 100ml पानी में मिला कर पीएँ। खीरा 1/2 भाग, धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। जो की आपको ज़बर्दस्त फ़ायदा करेगा। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। मिनरल मिलेंगे। प्यास लगने की समस्या का निदान होगा। सरसों का साग,कोलार्ड ग्रीन (Collard Greens), पालक,ब्रोकोली, स्प्राउट, पत्ता गोभी, सूखे बेर, एवोकाडो, टमाटर, अंगूर, हरी सेम, हरे मटर, काजू, अखरोट इन्हें अपने खुराक में शामिल करें। इससे पाचन क्रिया ठीक होगा।

3 .मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें। मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें। मेरुदंड को प्रतिदिन सूर्य स्नान लेट कर करवाएँ। शलभासन, सेतुबंध आसन, भुजंग आसन, अधोमुख आसन, स्वानआसन करें।लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें। इसके बाद फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें, रुकें, फिर स्वाँस अंदर भरें। ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक समय पर करना है। ये दिन में चार बार करें। 

ऐसा करने से शरीर में ऑक्सीजन और रक्त संचार की वृद्धि होगी।

जीवन शैली - 1. आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

2. वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

3. अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

4. जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है। नारियल तेल से

घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5. पृथ्वी - कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ लें। सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल (yellow pumpkin) 50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgourd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें। कद्दूकस करके डालें। कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लें। एक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

6. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस (solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें। ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ  ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

 

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

 



03:55 PM | 17-03-2020

What the blood test tells you is only a small fraction of what the body functions. What it has not told you is the amount of toxins you have been carrying in your blood, in your lymphatics and across your body including the liver.

All the toxins in the environment, cleaning agents used on a daily basis, skin care, pathogens and virus we carry, toxic heavy metals from aluminium, copper, mercury, non-stick cookware etc all make the blood stressed. The damage that these toxins do is significant and the symptoms that can manifest when the blood is toxic, among many other issues is also the nature of clotting of blood eventually leading to deep vein thrombosis / vericose veins, spider veins, various skin issues, diabetes etc.

Body works normally when the conditions are normal, your lifestyle is healthy. When it accumulates toxins via food habits and living conditions, you can expect those to manifest in any problem starting from a pimple to life thretening issues.

You must feed the body that is rich in living foods, eliminate dehydration which is a key reason for this issue, majorly and eliminate high protein animal matter and processed foods for your condition to be reversed.

1) Drink 3-4 lts of fresh juices from veg, fruit and greens plus water, coconut water, lemon

2) Feed only fruits and veggies all day

3) Only dinner has to be cooked with millets or rice without any OIL or GHEE, without wheat, maida or oats

4) Avoid any fried foods or sweets

5) Avoid refined oils, refined sugar. Avoid any form of oil entering your body from any food

6) Avoid any food/drink containing dairy, meat, eggs and fish

7) Work out for 1 hr / yoga / pranayam

8) Expose the body to the sun for 30 mins with white clothes on

With these changes, you must be able to reverse your condition soon. Let us know if you have any doubts

 

Be blessed

Smitha hemadri( Holistic lifestyle coach)

 

Blood thinning is not the solution as artifically thinned blood can lead to other complications because heart itself wont be prepared to handle the difference in pressure needed for handling a thin blood.

 



12:35 PM | 17-03-2020

Dear Mr. Malik,

We do understand your concern and it is wonderful that you want to pro-active in managing your health! Please consider this -

As per Nature Cure, our body is designed to stay in a state of health and diseases are often an attempt to restore any imbalance inside the body. An imbalance is caused because of toxins - which are an output of metabolism and are also added due to unnatural lifestyle choices. Nature has equipped us with the measures of eliminating the toxins on a regular basis - through breathing, stool, urine, sweat, mucus depositions in nose, eyes and genitals etc. Whenever there is toxic overload due to insufficient or faulty elimination our body starts a few special elimination processes. Those are considered as Acute diseases like Flu, Loose-motions, cough, cold, fever, skin rashes and acute pain. At this stage, instead of supporting the body to get rid of toxins we often suppress symptoms by restoring to quick-fixes like medicines etc. As a result, the body is unable to throw away the toxins. This is when the ever-increasing amount of toxins in the body start creating long term disease conditions such as diabetes, blood pressure, asthma, ulcer, etc. And when we further ignore the symptoms or try to suppress them and then the state of the disease takes a turn for the worse. This is when the body has completely given up and starts shutting down slowly, resulting in degenerative diseases. An autoimmune disease is also a degenerative disease.

Adopting a natural lifestyle is what has helped many people overcome their chronic health issues. We suggest you take a one-o-one consultation with a naturopath to deal with your issues. You can explore our Nature-Nurtures Program that helps you in making the transition, step by step. Our Natural Health Coach will look into your daily routine in a comprehensive way and give you an action plan. She / he will guide you on diet, sleep, exercise, stress to correct your existing routine & make it in line with Natural Laws.

In the meanwhile, you may explore the following resources:

  1. Blog - Stages of Diseases - as per Nature Cure
  2. Health Journeys - of people who dealt with auto-immune diseases by following a natural lifestyle

Wishing you good health!

Team Wellcure



12:11 PM | 17-03-2020

Thank you. What would you suggest for auto immune condition before it progresses to full blown disease. Right now doctor has said the levels are marginally elevated hence nothing more to be done unless some physical symptoms start showing. Ideally I’d like to take precautions to prevent it from worsening. 


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