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Q&A
12:34 PM | 22-05-2020

I want you to solve my problem, I have cough from past 1 year and along with that I am having vomiting and loose motion and tiredness and sometimes fever also. When I vomit it comes along with clear mucus(balgam) with lather( jhaag) the only condition when I vomit first breathless and cough occur then after vomiting occurs in regular period of 15 to 20. When vomit occurs loose motion also occurs although all my blood test and tb test are done due to this I have lost weigh. Please help!

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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4 Answers

01:06 PM | 25-05-2020

Hello User, 

In a simple way what you suffering from is indigestion which is not allowing nutrition to get absorbed in your body through vomiting and lose motions lead to weak and febrile feeling. 

Regular consumption of fatty diet and highly spiced food leads to indigestion. Toxins are the primary cause of gastric trouble. Our sedentary lifestyle also plays a role in this picture. What needs to be taken care of now is the fact that a major change in lifestyle and diet will be the cure of the problem.

In digestive problems with the consumption of this kind of food, the problem is, from the esophagus to rectum everything is disturbed. The toxins are in the body, call it to stomach ulcers or gastritis, they relate to the same cause. With a healthy change in routine, what makes a major difference is by changing lifestyles, that we are not only curing the disease at this stage but also preventing future relapses.

Now let us understand what changes we can make:

Eat:

Starting your day with something light in nature and easy to digest is what your breakfast should be. Even the early morning ritual should include consumption of two-three glasses of warm water will help in flushing out all the toxins.

  1. Including a fiber-rich food item that helps in adding bulk to the stools, for example having apples, bananas, nuts, etc. which have a good amount of fiber in them.
  2. Have one tomato with black pepper in the evening time an hour before dinner.
  3. During evening time, take an inch of ginger and boil in two cups of water with half a teaspoon of turmeric and honey, this will help in beating inflammation caused by indigestion.
  4. have one teaspoon of mulethi with a half teaspoon of honey, which will help you to deal with cough. 
  5. Drink plenty of water.

Exercise:

  • Sitting in the position of Vajraasana will help in the treatment of indigestion. After your meals practice, this poses for better digestion and easy stools.
  • A brisk walk in early morning sun from 30-45 minutes helps in treating your body to its level best.

Meditation:

In any kind of disease, stress comes complementary to it, but with our assurance and positive attitude, we can treat anything. The best thing to start with is breathing mindfully before sleep with the help of music to stay positive.

A positive attitude will help you to deal with everything in life.

Sleep:

Sleeping for at least 7-8 hours is really helpful in dealing with any problem, sleep is our body's natural response and helps the body to heal. Sleep relaxes the muscles and strengthens our body.

Hopefully, these suggestions will help you

Thank you.



01:01 PM | 25-05-2020

Hello,

Continuous vomiting and loose motions are a result of improper digestion. Improper eating habits and incorrect lifestyle is the reason for this. Along with diet, sleeping patterns, how much physical work you do daily also affects the digestive system. 

Diet

  • Start your day with a glass of water with a few drops of lemon in it. This will help to improve the metabolism. 
  • Eat only plant-based natural foods. 
  • Have a light breakfast. Eat sprouts and fruit juices in your breakfast. 
  • Eat soaked nuts, beans to get easily absorbable nutrients. 
  • Drink coconut water to maintain electrolyte balance.
  • Use cold-pressed oil for cooking or cook oil-free. 
  • Have whole grains like barley, millets, oats.

Foods to avoid- 

  • Avoid dairy products and animal foods as they are not suitable for the human digestive system and results in indigestion issues along with the accumulation of toxins in the body.
  • Avoid all junk foods.
  • Avoid oily, spicy, processed, and packaged food items. 
  • Say no to alcohol and smoking.
  • Avoid tea and coffee. 
  • Say no to carbonated drinks. 

Exercise 

Exercise is essential to improve the blood circulation in the body, relieve stress, and improve the metabolism. 

  • Start your day with a short morning walk of 30min. 
  • Do 5 to 6 sets of suryanamaskar. 
  • Do kapalbhati pranayam. 
  • Practice bhujanga asana, trikona asana, gomukha asana. 

Sleep

Sleep helps to relieve stress and also affects the circadian rhythm. Hence, having a sound sleep is essential.

Sleep early at night at around 10 pm and also wake up early in the morning at around 6 am. Take proper sleep of at least 7-8hours regularly. 

Thank you



10:42 AM | 25-05-2020

हेलो,
कारण - खांसी, और उल्टी, दस्त में म्यूकस का आना इस बात का सूचक है कि आपके शरीर में ऑक्सीजन का संचार ठीक प्रकार से नहीं हो पा रहा है और निष्कासन प्रक्रिया में अवरोध है। यह सभी प्रतिक्रिया आंत के स्वास्थ्य में कमी को दर्शाते हैं। यह आंत के संक्रमित होने पर होता है। प्राकृतिक जीवन शैली को अपनाकर पूर्ण स्वास्थ्य का लाभ उठा सकते हैं।
समाधान -1. चार भिंडी को लंबा काटकर एक गिलास पानी में डाल दें और सुबह खाली पेट नेचुरल मोशन होने से पहले उसको पी लें। पीते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि पानी को मुंह में रख रख के पिए। कच्चे भिंडी को सलाद में भी यूज कर सकते हैं उसमें टेस्ट के लिए टमाटर और नारियल पीसकर मिलाएं नमक और नींबू का प्रयोग ना करें।भिंडी की रसेदार सब्जी बनाएं जिसमें भिंडी को स्टीम कर ले उसके बाद उसमें टमाटर नारियल और नमक पक जाने के बाद डालें, गैस ऑफ करके इससे आपकी आंतों की सफाई बहुत अच्छी तरीके से हो पाएगी।
ऐसा खाना जो कि देर तक पछता नहीं है उसका त्याग करें। जैसे दूध, गेहूं, मैदा, रिफाइंड नमक और रिफाइंड शुगर और पैकेट फूड।

फल, सब्जी, और कच्ची सब्जी का जूस को प्रतिदिन ले।

ऐसा करने से पाचन शक्ति मजबूत होगा और आंतों की सफाई हो पाएगी। 

उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

2. सूर्य की रोशनी में 20 मिनट का स्नान सूर्य की रोशनी से करें 5 मिनट सामने 5 मिनट पीछे 5 मिनट दाएं 5 मिनट बाएं भाग में धूप लगाएं।दुख हमेशा लेट कर लेना चाहिए धूप की रोशनी लेते वक्त सर और आपको किसी सूती कपड़े से ढक ले। सूर्य नारी मंद होने पर  इन्फेक्शन अधिक होता है अतः आप जब भी सोए अपना दायां भाग ऊपर करके सोए। 

3. प्रतिदिन अपने पेट पर खाने से 1 घंटे पहले या खाना खाने के 2 घंटे बाद गीले मोटे तौलिए को लपेटे एक तौलिया गिला करके उसको निचोड़ लें और हूं उस तौलिए को 20 मिनट तक अपने पेट पर लपेटकर रखें ऐसा करने से आपका पाचन तंत्र दुरुस्त होगा।

अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।

तिल के तेल रीढ़ की हड्डी पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

4. हर 3 घंटे में लंबा गहरा श्वास अंदर लें उसको थोड़ी देर रोकें और फिर सांस को खाली करें। खाली करने के बाद फिर से रुके और फिर लंबा गहरा सांस ले। यह एक चक्र है ऐसा दिन में 10 चक्र करें केवल एक शर्त का पालन करें जब आप लंबा गहरा सांस ले रहे हैं तो अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का बढ़ेगी और ऑक्सीजन का संचार सुचारू रूप से हो पाएगा।

5. खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

 



10:50 AM | 25-05-2020

Namaskar!

We do appreciate your concern! Please try to understand your health condition from Nature Cure perspective -

As per Nature Cure, toxic ​​​​​​overload is the basic root cause of all diseases. Due to insufficient elimination of toxins (via kidneys, skin & lungs) the body gets clogged and the toxins cause inflammation of tissues. Cold is basically inflammation of the inner lining of the nose. When the toxic load within the body is too high, the body opens up the mucous membranes to drain out the toxins via the mucous. This is what we perceive as phlegm (which is actually mucus mixed with white blood cells, and any remnants of tissue destruction and other toxins) which makes its way out through discharge from the nose, eyes, ears. Cold is an action initiated by the body in its attempt to throw out toxins and get back to balance.

As our body tries to eliminate toxins, we need to support it by providing the right inputs like natural food, good rest/sleep, relaxed mind etc. Therefore, we recommend you to align your lifestyle as per Natural Laws and you will be surprised to see how beautifully the body heals itself. You can also explore our Nature-Nurtures Program that can help her in making the transition, step by step. Our Natural Health Coach will look into your routine in a comprehensive way and give you an action plan. She/he will guide you to correct your existing routine & make it in line with Natural Laws. Please let us know if you are keen to explore. 

In the meantime, here are some suggested resources for you:

Blogs -

Real-life natural healing stories of people who cured cold/respiratory issues just by following Natural Laws.  

 Wishing you good health!

Team Wellcure


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