Q&A
09:28 PM | 29-06-2020

I'm having light bleeding during my period, sticky consistency with some tissue pieces. Please help!

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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4 Answers

02:29 PM | 30-06-2020

Hello User,

Any disease can make you pre-dispose to another, because of your lifestyle continuation, if you take care of your lifestyle at this moment than there are definite chances that you get your self treated well. If we put in the definition of medical science having a flow from 2-5 days is completely normal.

The reason for light bleeding very commonly is due to the fact that your body has low hemoglobin content, this is due to less nutrient absorption in the body which does not allow a healthy flow. Due to our complex diet and sedentary lifestyle, we are not able to maintain a healthy lifestyle and right nutrient absorption. 

In any case, the cure remains the same, which is a holistic cure in nature's way.

Eat:

  • Start with food items like jaggery, dates, sprouts, green leafy vegetables which help in increasing iron content as well as regularise our menstrual cycle.
  • Vitamin C addition helps in easy-iron absorption, for example adding lemon in dals.
  • Include one fruit like apple, papaya, a banana a day to have a healthy GUT.
  • Eating methi seeds with warm water also helps in healthy periods.
  • You can also have cinnamon water, empty stomach as it helps in insulin sensitivity.

Exercise:

  • Sleep on your back, raise your one leg, and start rotating in a circular motion for 5 times and place it back, repeat the same with another leg. This will elevate your uterine muscles.
  • Squats are another exercise to improve uterine health. Do it 15-20 times at one time.
  • Sit and take 10-15 long deep breaths from the abdomen, to release all the toxicity.

Meditation:

While sleeping, take a bowl of water. Put two-three essential oil drops like lavender or orange and inhale it. It will help in calming nerves and discomfort during periods. Listen to music for 15 minutes by closing your eyes and deep breathing, this will help in treating stress.

Sleep:

Sleep should be of 7-8 hours, sound. This will help in releasing all stress and treat all the issues in a healthy manner. It is time to get yourself healthy and wise.

Hopefully, these suggestions will be helpful

Thank you

03:54 PM | 30-06-2020

Thank you so much.

Reply


02:56 PM | 01-07-2020

Hello, 

Light bleeding and bleeding with stickiness is due to poor blood circulation, accumulation of toxins and deficiency of iron, folic acid, or Vitamin C. By making some changes in the lifestyle and by doing some yoga asanas, the problem can be cured.

Diet

  • Drink a glass of warm water with lemon juice in it in the morning on an empty stomach. This will help to eliminate the toxins out of the body. 
  • Eat sprouts, soaked raisins and other dry fruits in your breakfast. 
  • Have freshly prepared homemade fruit juices with fibres. 
  • Use cold-pressed oil for cooking instead of refined oils. 
  • Have whole grains like barley, millets, oats, etc.
  • Include fresh fruits and green leafy vegetables in your diet. 
  • Drink plenty of water during the day. 

Food to avoid

  • Avoid dairy products like ghee, milk, paneer, curd, etc.
  • Avoid animal foods. 
  • Avoid refined oils and refined grains. 
  • Avoid tea and coffee. 
  • Avoid carbonated drinks. 

Yoga

  • Practice 12 sets of suryanamaskar daily. 
  • Do pranayam regularly, specially bhastrika and anulom-vilom pranayam. 
  • Do pavanmukta asana, bhujanga asana, parvata asana.

Sleep

Sleep is very important for maintaining the circadian rhythm and hormonal balance in the body. So, take proper sleep of at least 7-8hours daily. Sleep early at night at around 10 pm and also wake up early in the morning at around 6 am. 

Thank you 



10:03 PM | 29-06-2020

हेलो,
कारण - हल्का रक्तस्त्राव और रक्त मेंं चिपचिपापन इस बात का सूचक है की ऑक्सीजन और रक्त का संचार ठीक प्रकार से नहीं हो पा रहा है। रक्त और ऑक्सीजन के संचार में कमी होने का मुख्य कारण पाचन तंत्र में अम्ल का बढ़ना है। जैसे वायुमंडल में हवा दूषित होने पर ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है उसी तरीके से शरीर में अम्ल की मात्रा बढ़ने से ऑक्सीजन और रक्त की संचार में कमी आती है।

प्राकृतिक जीवन शैली को अपनाकर इसे पूर्ण रूप से ठीक किया जा सकता है इसको ठीक होने में 8 से 10 महीने का समय लग सकता है।

समाधान- 1. गर्भाशय पर खीरा का पेस्ट लगाएँ। पैरों को 20 मिनट के लिए सादे पानी से भरे किसी बाल्टी या टब में डूबो कर रखें।

2. खानपान में मुख्य रूप से गहरे हरे रंग के पत्तों का जूस बहुत ही फायदेमंद होता है। गहरे हरे रंग के पत्तों में क्लोरोफिल होता है और ऑक्सीजन की संचार में यह बहुत ही मददगार साबित होता है।

3. नमक की मात्रा कम ले दिन में एक बार ले और सेंधा नमक या काला नमक ही लें क्योंकि नमक ज्यादा रहने से भी सिर में  फ्लूइड में कमी आती है।  सिर में liquid रहता है  नमक  में सोडियम होता जो कि liquid को सोख लेता है।

4. मेरुदंड स्नान काफी लाभकारी होता है यह हमारे स्नायु तंत्र को स्वस्थ रखता है । एक मोटा तोलिया लेकर उसको भिगो दें बिना निचोड़े योगा मैट पर बिछाए और उसके ऊपर कमर से लेकर के कंधे तक का हिस्सा रखें। उस गीले तौलिए पर रहे 20 मिनट के बाद इसको हटा दें। ऐसा करने से आप का मेरुदंड में ब्लड और ऑक्सीजन का सरकुलेशन ठीक हो जाएगा। जो कि हमारे सिर के नसों से कनेक्टेड रहता है।

5. लंबा गहरा श्वास अंदर लें रुको थोड़ी देर सांस को पूरी तरीके से खाली करें और फिर रुके थोड़ी देर ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन का सरकुलेशन ठीक हो जाएगा ऑक्सीजन की मात्रा ठीक हो जाएगी।

सूर्य नमस्कार 10 बार करें सूर्य नमस्कार बहुत ही उपयोगी है हमारे सिर के हिस्से में रक्त संचार के लिए।

पवनमुक्तासन अम्ल को कम करेगा शरीर में अम्ल के कम होने से सिर में ऑक्सीजन और रक्त का संचार होगा।

जीवन शैली - 1. आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

2.वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

3.अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

4.जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।

कपूर मिश्रित नारियल तेल से पैरों के तलवे पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100 ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ash guard) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 7 बजे सलाद लें।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200 ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

 

11:11 AM | 30-06-2020

Aapka bohot bohot dhanyavaad😁 kaafi upyogit tha wo.

Reply


02:49 PM | 30-06-2020

Namaskar

We do understand your concern about your bleeding during periods. Women-health related issues such as irregular periods, light or heavy flow, tc. are often linked to hormonal balance. We would like to draw your attention to the Nature Cure perspective on the same.

Nature Cure believes that the root cause of most diseases/health conditions is Toxaemia- the accumulation of toxins within the body.  While some toxins are an output of metabolism, others are added due to unnatural lifestyle- wrong food habits, lack of rest, and stress. Nature has equipped us with the measures of eliminating the toxins on a regular basis - through breathing, stool, urine, sweat, mucus depositions in the nose, eyes, and genitals, etc. Whenever there is toxic overload due to insufficient or faulty elimination our body tries to throw out the toxins in the form of Flu, Loose-motions, cough, cold, fever, skin rashes, and acute pain. Defying the body’s demand for rest and/ or suppressing the discomforting symptoms by quick-fixes like medicines, leads to an imbalance in the body. Periods are regulated by hormones - estrogen & progesterone. If there is a toxic overload on the body, it can prevent the hormones from performing their routine functions.

One can reverse this state of imbalance by getting back in sync with the natural laws of living. Our Natural Health Coach can look into your routine in a more comprehensive way and give you an action plan. Shifting to a natural lifestyle will also help you deal with all your other health issues. Let us know if you are interested, this coaching will be for a fee. You can explore our Nature-Nurtures Program for the same.  

We encourage you to take charge of your health. Be inspired by Women’s Health stories in our Journeys section - click here. 

We wish you all the best for your good health!

Regds
Team Wellcure 


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