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Q&A
12:07 PM | 02-07-2020

I am a 65 plus male, I need to know that how many steps in a day should be satisfactory to remain healthy.


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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4 Answers

12:56 PM | 03-07-2020

Hello Dineshji,

Having a daily walk of 3 km in a brisk manner early morning is healing. Taking a brisk walk in the sun for 30-45 minutes daily is very useful as exposure to the sun is equivalent to good blood circulation.

Practicing Suryanamaskar daily increases blood circulation and gives you a healthy body. Practice 12 sets at a time.

With above following various things like eating a light diet with a good amount of fruits and vegetables is helpful for your state with this you can also follow other things like:

Meditation:

While massaging your hair what you can do is close your eyes, and visualize your skin becoming clear and shinier and free from any type of illness, making it healthy. You can take a deep breath, start healthy music in the background you can feel the blood circulation getting a boost.

This will help in relaxation and ensuring healthy skin.

Sleep:

Having a sound 7-8 hours of sleep helps treat anybody's problem, a healthy sleep leads to a healthy mind and body. So make sure you are free your room from any gadgets an hour before sleep so you get a radiation-free room and a good tension-free sound sleep.

Hopefully, this will help you

Thank you

07:08 AM | 04-07-2020

Thank You Very Much Sir🙏

Reply


12:59 PM | 06-07-2020

Hello Dineshji,

I appreciate your concern for your health at this age. Being physically active is necessary for a good blood circulation, for a good metabolism and for improved muscle tone. It keeps you away from many health issues. 

As per WHO, a person should cover 8,000 steps in a day.
According to this you may adjust your exercise routine.

  • Walk around 3,000 steps in the morning. 
  • Then during the day, you will be able to cover around 2,000 steps while doing the daily routine work.
  • Then in the evening, try to cover remaining steps which will be around 3,000 steps.

Along with this, practice yoga and pranayam regularly. 

  • Practice suryanamaskar daily. 
  • Do paschimottan asana, sarvanga asana, tada asana and trikona asana. 
  • Practice pranayam regularly, specially anulom-vilom and bhastrika pranayam. 

Sleep

Along with the physical activities, make sure that you take an adequate sleep as it is essential for our immunity and overall health. 

Take a proper sleep of atleast 7-8 hours daily. Sleep early at night and also wake up early in the morning. 

Thank you 



02:43 PM | 03-07-2020

अच्छी जानकारी है। 
धन्यवाद। 



03:10 PM | 02-07-2020

हेलो,
कारण - शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए प्राकृतिक जीवन शैली के कुछ दिशानिर्देश हैं जिनको पालन करने से शरीर स्वस्थ रह सकता है।

समाधान - 1. प्रतिदिन दौड़ लगाएं। कुछ आसन और कुछ प्राणायाम करें। 

2. सूर्य की रोशनी में 20 मिनट का स्नान सूर्य की रोशनी से करें 5 मिनट सामने 5 मिनट पीछे 5 मिनट दाएं 5 मिनट बाएं भाग में धूप लगाएं। धूप लेट कर लेना चाहिए धूप की रोशनी लेते वक्त सर और आपको किसी सूती कपड़े से ढक ले। सूर्य नारी मंद होने पर  इन्फेक्शन अधिक होता है अतः आप जब भी सोए अपना दायां भाग ऊपर करके सोए। 

3. प्रतिदिन अपने पेट पर खाने से 1 घंटे पहले या खाना खाने के 2 घंटे बाद गीले मोटे तौलिए को लपेटे एक तौलिया गिला करके उसको निचोड़ लें और हूं उस तौलिए को 20 मिनट तक अपने पेट पर लपेटकर रखें ऐसा करने से आपका पाचन तंत्र दुरुस्त होगा।

4. हर 3 घंटे में लंबा गहरा श्वास अंदर लें उसको थोड़ी देर रोकें और फिर सांस को खाली करें। खाली करने के बाद फिर से रुके और फिर लंबा गहरा सांस ले। यह एक चक्र है ऐसा दिन में 10 चक्र करें केवल एक शर्त का पालन करें जब आप लंबा गहरा सांस ले रहे हैं तो अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का बढ़ेगी और ऑक्सीजन का संचार सुचारू रूप से हो पाएगा।

5.सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आ कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

 

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

 

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

 

6. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

 

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

 

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

 

 

धन्यवाद।

 

रूबी, 

 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

 

 


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