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11:32 AM | 27-07-2019

Hi I have a stammering problem can anyone suggest me what can I do for the same..


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6 Answers

02:57 PM | 27-07-2019

नमस्ते

आप प्रति दिन 10 अच्छी बातें अपने बारे में काग़ज़ पर लिख लें और आइने के सामने बोलें।

सुबह की शुरुआत बेल्पत्र 5+ करी पत्ता 5 पीस कर १०० ml पानी में मिला कर पीएँ, एक घंटे बाद लें, १२ बजे दोपहर में पालक १० पत्ते + पुदीना १० पत्ता पीस कर १००ml पानी में मिला कर पीएँ, शाम को 5 बजे दूर्वा घांस 20ग्राम पीस कर छान कर 100ml पानी में मिला कर पीएँ।रात का खाना ८ बजे तक में कर लें रात का भोजन में सलाद ही लें तो बहुत अच्छा होगा।

मेरुदंड ( स्पाइन) सीधा करके बैठें, हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में ३ दिन मेरुदंड का स्नान करें।

सर पर एक सुती कपड़ा बाँध कर उसके ऊपर खीरा और करी पत्ता का पेस्ट लगाएँ।

गले पर खीरे और कपूर का पेस्ट लगाएँ 20मिनट के लिए और बेलपत्र का जूस रोज़ रात को सोने से पहले लें

आँखो पर सूती कपड़े को गुलाब जल में डुबो कर रखें और उसके ऊपर खीरा और धनिया का पेस्ट रखें २० मिनट के लिए रखना है रोज़ दो बार ये करें।



02:56 PM | 27-07-2019

Namaste,

Exercises are effective in treatment of physiological causes of stammering. In general, exercises are meant to provide strength to the organs associated with speech including tongue, lips, jaw, and lungs.

Many people who stammer have found these exercises to be beneficial in reducing the intensity and in some cases, completely curing stammering problem.

So start yoga or any excerise by learing from expert.

09:50 AM | 01-08-2019

Thanks sir for replying me I'll definitely try yoga

Reply


07:47 PM | 03-12-2019

Hi,

Stammering occurs due to some medication,  neurological problems sometimes due to psychological and emotional problems. 

  • It is advised to practice some tongue twisters.  It helps to strengthen the tongue uses. 
  • Practicing repeatedly the words that are difficult.
  • Try to Speak slowly but clearly.
  • Put some pebbles or cork in mouth and practice to speak. The blowing of the balloon also helps to strengthen the jaw and other muscles which helps to speak clearly.
  • Maintaining good posture also helps to clear speech. 
  • Giving counselling to remove the fear due to any emotional trauma.
  • Regularly practice tongue exercises like rotation clockwise and anti-clockwise. Right and left in and out movements. 
  • Practice nadi shodhana pranayama and Ujjayi pranayama with khechari Mudras. 
  • Practice Simhasana and dog breathing also help to improve the clarity of speech. These practice helps to improve blood circulation to throat region and voice box.

Namasthe! 



07:57 PM | 02-12-2019

नमस्ते,

हकलाना, मिर्गी या स्कित्ज़ोफ़्रेनिया जैसी ही एक समस्या है जो मस्तिष्क मे एक रासायनिक असंतुलन के कारण होता है.

हकलाने वाले व्यक्ति के मस्तिष्क के उस हिस्से में मस्तिष्क का एक रासायनिक तत्व डोपामाइन की मात्रा बहुत अधिक हो सकती है।

निम्न कारणों में से किसी एक कारण की वजह से हकलाते हैं जैसे -

बोलने के अंगों की मांसपेशियों को नियंत्रित करने में असमर्थता

  1. बोलने के अंगों में बाधा पहुंचना।
  2. न्यूरोमस्कुलर संबंधित समस्याएं।
  3. जीभ और होंठों को चलाने में कठिनाई।

हालांकि, हकलाना बढ़ते युग में मनोवैज्ञानिक कारकों की वजह से भी हो सकता है जैसे -

  1. बिना हकलाए बोलने में भी विश्वास खो देना।
  2. अन्य मनोवैज्ञानिक कारक जैसे घृणा, चिन्ता, उत्तेजना और तनावपूर्ण परिवेश का वातावरण शामिल हैं।

आपको निम्नलिखित उपाय करने चाहिए-

  •  नींद -रात्रि में 7 से 8 घंटे की नींद अवश्य लें, इससे शरीर से दूषित पदार्थ बाहर निकलता है कोशिकाओं की मरम्मत होती है।
  • सुर्योदय के पश्चात कम से कम 45 मिनट धूप मेंं रहे इससे शरीर में विटामिन डी की आपूर्ति होती है शरीर की समस्त अंतः स्रावी ग्रंथियां सुचारू रूप से अपना कार्य करती हैं।
  •  प्रतिदिन प्रातः गुनगुने पानी ,नींबू एवं शहद का सेवन करें इससे शरीर में अम्ल एवं क्षार का संतुलन बना रहता है, आंंत की दीवारें फैलती हैं, शरीर से दूषित पदार्थ बाहर निकलते हैं जिससे क्रमांक कुंचन गति सुचारू रूप से होती है।
  • प्रतिदिन पालक ,चुकंदर ,नारियल पानी या आंवले के जूस का सेवन करें इससे शरीर में अम्ल एवं क्षार का संतुलन बना रहता है ,शरीर के सभी अंग सुचारू रूप से अपना कार्य करते हैं।
  •  प्रतिदिन भोजन में 50% ताजे मौसमी फल 35% हरी पत्तेदार सब्जियां 10% साबुत अंकुरित अनाज, 5% सूखे मेवे का सेवन खूब चबा चबाकर करें, यह हल्के एवं सुपाच्य होते  हैं, संतुलित मात्रा में शरीर को पोषण प्राप्त होता है, अंग सुचारू रूप से अपना कार्य करते हैं.।
  • प्यास लगने पर मिट्टी के घड़े में रखे हुए जल को बैठकर धीरे-धीरे सेवन करें इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में जल की आपूर्ति होती है ,शरीर के सभी अंग सुचारू रूप से अपना कार्य करते हैं।
  •  सप्ताह में कम से कम 1 दिन उपवास रहें इससे शरीर से दूषित पदार्थ बाहर निकलते हैं, पाचन अंगों को आराम मिलता है ।
  • हरा धनिया और अमलतास के गूदे को पानी में पीस कर उसी पानी से 21 दिन तक लगातार कुल्ले करने से जीभ पतली हो जाती है और हकलाने की समस्या दूर हो जाती हैI
  • प्रतिदिन सुगंधित पुष्पों से युक्त बगीचे में प्रसन्न होकर नंगे पाव टहलें, मन शांत एवं तनाव मुक्त  रहता है। 
  • तेज आवाज में बोल बोल कर कुछ लिखा हुआ पढ़ें। जल्दी जल्दी पढ़ने की कोशिश करें। भले ही कुछ गलत बोलने में आ जाये। सिर्फ गति पर ध्यान दें। 2 -3 महीने इस प्रकार अभ्यास करने से किसी भी शब्द पर अटकना कम हो जाता है।

व्यायाम-

  • बिना ज़ोर लगाएं आप अपने जबड़ों को जितना हो सके उतना खोलें।
  • खुले जबड़ों में अब अपनी जीभ के आगे वाले हिस्से से ऊपर तलवे को छुएं।
  • फिर अपनी जीभ को पीछे की तरफ लेकर जाएँ।
  • जब आप ये व्यायाम करेंगे तो आपकी जीभ और मुँह फैलेगा (लेकिन बिना किसी दर्द के आप ये व्यायाम करें) जितना हो सके उतना पीछे की ओर कुछ सेकेंड्स के लिए रोक कर रखें।
  • अब अपनी जीभ को बाहर की तरफ लेकर आएं और अपनी ठोड़ी से उसे छूने की कोशिश करें।
  • इस स्थिति में भी आपको कुछ सेकेंड के लिए रुकना है। इस प्रक्रिया को 4-5 बार दोहराएं।

निषेध -जानवरों से प्राप्त भोज्य पदार्थ ,चाय, काफी, चीनी ,मिठाईयां ,नमक ,नमकीन ,ठंडे पेय पदार्थ, डिब्बाबंद भोज्य पदार्थ ,रात्रि जागरण ,क्रोध, ईर्ष्या , चिंता ,तनाव सोने से 2 घंटे पहले मोबाइल, टेलीविजन ,कंप्यूटर का प्रयोग।



05:44 PM | 09-11-2019

Build self confidence by reading books. You don’t have to prove to others and impress them. You are fine the way you are. Practice talking to yourself in the Mirror and understand the rate of flow of thoughts to the brain and mouth. It works well. Speech therapy works, in many cases I have seen that you just have to understand the rate of flow of thoughts and speech coordination without worrying about quality of delivery. Practice Pranayama under a trained teacher - Kapalabhatti (cleansing breath), Brahmari (bee breath), Sitkari (cooling pranayam), and Anuloma-Viloma (breathing from alternate nostrils), Simha kriya / lions breath or pranayama are effective yogato help. Practicing meditation is also an effective form of yoga to cure symptoms. When you sit in dhyana, for days together, just close your eyes and mentally count from 500-1, and if you become good at it, 1000-1. Just focus and train urself to focus in the counting. This will help the thoughts to stabilise it’s rate.

Beyond all this, for the messages in the brain to work and comms to work better, you need a clean GUT. For that to happen, you need to remove all animal foods in ur life, sugar and such junk and include a lot of raw fruits veggies and greens like main food. Add one cooked for dinner without any oil. You should be fine with practice of the above. You will get better because a person i know had it and she is way better than many of us in her career and is a success. She gets way better appreciations than her normal speaking colleagues. It’s your knowledge that matters and how less conscious you are about impressing others. Who cares what others think about u? Just focus on being satisfied and raising your own bars about impressing yourself with the progress u make . Success will come only when you achieve happiness and contentment about yourself irrespective of who and what you are. Look around people with far more issues than you. Time and practice will make you better . Go try !

 



11:12 AM | 01-08-2019

Hi thank you so much ma'am for giving your helping hand I'll try this 


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