Q&A
07:17 PM | 28-07-2019

I suffering from stammering since by Birth, how to get rid of this permanently, I m frustrated in life due to stammering


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6 Answers

10:38 AM | 29-07-2019

Hello Amit Ji,

What therapy you undergone so far?

09:50 PM | 30-07-2019

I don't undergone any therapy yet,please suggest me.

Reply


10:16 AM | 29-07-2019

Build self confidence by reading books. You don’t have to prove to others and impress them. You are fine the way you are. Practice talking to yourself in the Mirror and understand the rate of flow of thoughts to the brain and mouth. It works well. Speech therapy works, in many cases I have seen that you just have to understand the rate of flow of thoughts and speech coordination without worrying about quality of delivery. Practice Pranayama under a trained teacher -  Kapalabhatti (cleansing breath), Brahmari (bee breath), Sitkari (cooling pranayam), and Anuloma-Viloma (breathing from alternate nostrils), Simha kriya / lions breath or pranayama  are effective yoga  to help. Practicing meditation is also an effective form of yoga to cure symptoms. When you sit in dhyana, for days together, just close your eyes and mentally count from 500-1, and if you become good at it, 1000-1. Just focus and train urself to focus in the counting. This will help the thoughts to stabilise it’s rate. 

Beyond all this, for the messages in the brain to work and comms to work better, you need a clean GUT. For that to happen, you need to remove all animal foods in ur life, sugar and such junk and include a lot of raw fruits veggies and greens like main food. Add one cooked for dinner without any oil. You should be fine with practice of the above. You will get better because a person i know had it and she is way better than many of us in her career and is a success. She gets way better appreciations than her normal speaking colleagues. It’s your knowledge that matters and how less conscious you are about impressing others. Who cares what others think about u? Just focus on being satisfied and raising your own bars about impressing yourself with the progress u make . Success will come only when you achieve happiness and contentment about yourself irrespective of who and what you are. Look around people with far more issues than you. Time and practice will make you better . Go try !

09:51 PM | 30-07-2019

Thank you so much anutha ji,

Reply
Smitha Hemadri

09:53 PM | 30-07-2019

Smitha is my name 😊




08:55 AM | 29-07-2019

नमस्ते

अमित जी सबसे पहले मैं आपसे ये कहना चाहूँगी कि आप स्वस्थ हैं और स्वस्थ रहने की चाह रखते हैं, कई बार आत्मबिश्वास की कमी से इस समस्या का जन्म होता है जो कि ध्यान देने पर ठीक किया जा सकता है।आप अपने से जुड़ी सकारात्मक और प्रेरणादायक

10अच्छे बातों को आप किसी कॉपी में लिखें और आइने के सामने उसको ऊँचे स्वर में बोलें।

सर पर सूती कपड़ा बाँध कर उसके ऊपर खीरा और मेहंदी या करी पत्ते का पेस्ट लगाएँ,नाभि पर खीरा का पेस्ट लगाएँ।

गहरा स्वाँस अंदर भरें, रुकें फिर पूरा स्वाँस ख़ाली कर के रुकें, साँस लें तो ये एक चक्र है, ऐसे 10 चक्र करें।जितनी देर स्वाँस को सहजता से रोक सकें उतना ही रोकें। अनुलोम विलोम भी10 मिनट के लिए करें और भ्रमरी प्राणायाम 10मिनट के लिए करें।

सुबह बेल्पत्रा5 को पीस कर 100ml पानी में मिलाएँ और पीएँ, 2घंटे बाद फल खाएँ, 12 सफ़ेदपेठे (ashguard) 20 ग्राम पीस कर100ml पानी में मिला कर पीएँ, 1घंटे बाद खाना खाएँ शाम को5 बजे पालक10पत्ते+पान1/2 पीस कर100ml पानी मिला कर पीएँ, रात के खाने में सलाद खाएँ जिसमें हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें, नारियल की गिरि मिलाएँ।

लाल,हरा,पीला शिमला मिर्च1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ बिना नमक के खाएँ, बहुत फ़ायदा होगा।

जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं

तेल,मसाला, और (wheat) गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो बहुत जल्दी ही ये समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।

 



08:54 AM | 29-07-2019

Stammering may occur is relatively rare and might occurs in elderly children and in adults it could be caused as a result of a head injury, stroke or a progressive neurological condition;also by intake certain drugs or medication, or psychological or emotional trauma.

Some ways to manage it, namely

  1. Firstly, focus on your breathing pattern. try to be cool and relaxed before a social interaction or a period of prolonged speech, try to make a conscious effort to relax and breathe. ...
  2. Try to speak slow and steady . ...
  3. Avoid diffcult words like tongue twisers which could also work. ...
  4. Speak in a relaxed manner with a rhythm and visualise interactions.
  5. Use body movements to calm nerves. ...
  6. Try to undergo Speech therapy with a able Speech therapist. ...
  7. Practice everything again and again which could make you over come the problem in the course of time


07:14 PM | 04-12-2019

Hi,

Stammering also is known as stuttering occurs due to some medication,  neurological problems, decreased neuromuscular coordination, inability to control the muscles of speech,  sometimes due to psychological and emotional problems. 

  • It is advised to practice some tongue twisters.  It helps to strengthen the tongue uses. 
  • try to identify the triggering words and avoid the words or practice the words repeatedly.
  • Practicing repeatedly the words that are difficult.
  • Try to Speak slowly but clearly.
  • Put some pebbles or cork in mouth and practice to speak. 
  • Drinking using straw also helpful in stammering management.
  • The blowing of the balloon also helps to strengthen the jaw and other muscles which helps to speak clearly.
  • Maintaining good posture also helps to clear speech. 
  • Giving counseling to remove the fear due to any emotional trauma.
  • Cognitive behavior therapy also more beneficial in reducing stammering, CBT consists of humming, exercises for long words and triggering words and counseling. 
  • Practice Mindfulness meditation to get relief from emotional control and balance, also from stress and depression. 
  • Regularly practice tongue exercises like rotation clockwise and anti-clockwise. Right and left in and out movements. 
  • Practice nadi shodhana pranayama and Ujjayi pranayama with khechari Mudras. 
  • Practice Simhasana and dog breathing also help to improve the clarity of speech. These practice helps to improve blood circulation to throat region and voice box.

Namasthe! 



07:50 PM | 02-12-2019

नमस्ते,
 
 हकलाने की समस्या में एक प्रकार की अनैच्छिक रुकावट होती है या बोलने के दौरान एक शब्द को निकालने के लिए बहुत ज़ोर लगता हैं। यह कठिनाई आम तौर पर तब होती है जब आप बी, डी, जी और टी से सम्बंधित शब्द बोलते हैं। हकलाने से जुड़े लक्षण भी हैं जैसे लाल चेहरा होना, जबड़ों का ज़्यादा हिलना, बोलते समय आँखें का बार बार झपकना आदि शामिल हैं।

आपको निम्नलिखित उपायों का पालन करना चाहिए-

  •  नींद -रात्रि में 7 से 8 घंटे की नींद अवश्य लें, इससे शरीर से दूषित पदार्थ बाहर निकलता है कोशिकाओं की मरम्मत होती है।
  • प्रतिदिन सूर्योदय के पश्चात कम से कम 45 मिनट धूप मेंं रहे इससे शरीर में विटामिन डी की आपूर्ति होती है शरीर की समस्त अंतः स्रावी ग्रंथियां सुचारू रूप से अपना कार्य करती हैं।
  •  प्रतिदिन प्रातः गुनगुने पानी ,नींबू एवं शहद का सेवन करें इससे शरीर में अम्ल एवं क्षार का संतुलन बना रहता है, आंंत की दीवारें फैलती हैं, शरीर से दूषित पदार्थ बाहर निकलते हैं जिससे क्रमांक कुंचन गति सुचारू रूप से होती है।
  •  प्रतिदिन पालक ,चुकंदर ,नारियल पानी या आंवले के जूस का सेवन करें इससे शरीर में अम्ल एवं क्षार का संतुलन बना रहता है ,शरीर के सभी अंग सुचारू रूप से अपना कार्य करते हैं ।
  •  प्रतिदिन भोजन में 50% ताजे मौसमी फल 35% हरी पत्तेदार सब्जियां 10% साबुत अंकुरित अनाज, 5% सूखे मेवे का सेवन खूब चबा चबाकर करें, यह हल्के एवं सुपाच्य होते  हैं, संतुलित मात्रा में शरीर को पोषण प्राप्त होता है, अंग सुचारू रूप से अपना कार्य करते हैं.।
  • प्यास लगने पर मिट्टी के घड़े में रखे हुए जल को बैठकर धीरे-धीरे सेवन करें इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में जल की आपूर्ति होती है ,शरीर के सभी अंग सुचारू रूप से अपना कार्य करते हैं।
  •  सप्ताह में कम से कम 1 दिन उपवास रहें इससे शरीर से दूषित पदार्थ बाहर निकलते हैं, पाचन अंगों को आराम मिलता है ।
  • कांच में देखकर सामने किसी दूसरे व्यक्ति की कल्पना करके कुछ भी बोलें। या परिवार के किसी सदस्य के सामने बोलें। यह अभ्यास रोजाना 15 -20 मिनट करें। लगातार कुछ समय ऐसा करने से झिझक खत्म होकर हकलाना कम हो सकता है।
  • जबड़ा जितना हो सके पूरा खोलें। जीभ का सिरा ऊपर के तालु से लगाएं। अब इसे सरकाते हुए जहाँ तक संभव हो गले तक ले जाएँ। वहां कुछ सेकण्ड रोक कर रखें। इसके बाद जीभ को बाहर निकलते हुए ठोड़ी की तरफ जितना सम्भव हो खीचें। कुछ सेकण्ड रुकें फिर वापस जीभ को पहले की तरह अंदर ले जाकर कुछ सेकण्ड रोकें। इस प्रकार 4 -5 बार यह एक्सरसाइज़ दोहराएं।
  • गाना गाने का अभ्यास करने से भी हकलाना कम हो जाता है। इससे साँस पर तथा मांसपेशियों पर नियंत्रण बढ़ता है।
  • प्रतिदिन सुगंधित पुष्पों से युक्त बगीचे में प्रसन्न होकर नंगे पाव टहलें, मन शांत एवं तनाव मुक्त  रहता है। 

निषेध -जानवरों से प्राप्त भोज्य पदार्थ ,चाय, काफी ,चीनी ,मिठाईयां ,नमक ,नमकीन ,ठंडे पेय पदार्थ, डिब्बाबंद भोज्य पदार्थ ,रात्रि जागरण ,क्रोध, ईर्ष्या , चिंता ,तनाव सोने से 2 घंटे पहले मोबाइल, टेलीविजन ,कंप्यूटर का प्रयोग।


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