Q&A
06:45 PM | 04-08-2019

I am having Stomach problem, IBS and sinus issues. Please suggest what can i do?


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4 Answers

04:46 PM | 05-08-2019

Hello,

Irritable Bowel Syndrome (IBS) is a very common digestive disorder

Stress and anxiety, infectious diarrhoea, excessive consumption of alcohol, caffeine or carbonated beverages and continued intolerance to lactose and/or gluten are often responsible for causing IBS

change your diet and Lifestyle.

Fresh fruits and vegetables as well as fruit juices should be consumed to reduce the amount of inflammation in the lining of the stomach.

Avoid consumption of caffeine, alcohol and carbonated beverages.

If gas is a problem for you, you might want to avoid foods that tend to make gas worse, including beans, cabbage and citrus fruits.

Drink ginger tea or chew raw ginger to reduce inflammation caused by Irritable Bowel Syndrome.

Prepare tea by boiling one teaspoon of flaxseed in a cup of water. Drink it at night.

Mix 1 teaspoon each of cinnamon, ginger and cumin powder with honey to make a paste. Take 1 teaspoon 3 times a day.

Spend some time in learning yoga with the expert and improve your digestive system.

Thanks.



10:03 AM | 13-09-2019

I was able to cure my IBS by follwing raw vegan diet. Since your having IBS I would say start with very light diet programme.The reason for IBS is that your digestive fire is low, to rekindle it you need to give body rest, this can be done by fasting. So start with a light fast with only fresh (home made) fruit juices. Then could shift on fruits only days, followed by salads without dressings during lunch time. I do not  eat anything after 6 pm in evening until 8 am next day. On weekends I try to stretch until 10 am in morning. This routine helped me a lot in getting rid of toxins and my body got ample amount of time to recover. 

Controlling hunger was a challenge since we are badly addicted to cooked food, with meditation and yoga, waking up early like between 4-5 am in morning helped me a lot in controlling my hunger pangs.

Raw Vegan diet has wonders, but from my experience do not overdo it, start slowly and you will see the benefits and body will be free from all diseases.

Wish you all the best and get well soon !!!



04:30 PM | 12-09-2019

नमस्ते

पाचन तंत्र के अस्वस्थ होने के कारण ही शरीर के ऊर्जा में कमी आती है और शरीर बीमार होता है।

शरीर को यह ज्ञान है कि ख़ुद को स्वस्थ कैसे रखना है। हम इस बात से अनभिज्ञ हैं। जब हमारी प्राणशक्ति हमें ऊर्जा दे रही होती है तो वह स्वास्थ्य की स्थिति है। जब हमारी प्राण शक्ति हमारे शरीर के अंदर विषाणुओं (toxic) को साफ़ करने में लग जाती है तो वह अस्वस्थ होने की स्थिति होती है।

प्राण शक्ति ने सिर्फ़ अपना काम बदल लिया क्योंकि हमने अपनी ग़लत आदतों के वजह से उसे ऐसा करने पर मजबूर किया है। अब उसको सही खुराक से मदद करें और उसपर विश्वास बनाए रखें।

पृथ्वी और शरीर का बनावट एक जैसा 70% पानी से भरा हुआ है। पानी जो कि फल, सब्ज़ी से मिलता है।

आपका मुख्य आहार ये हुआ तो बहुत अच्छा हो जाएगा।

1 आकाश तत्व- एक खाने से दूसरे खाने के बीच में विराम दें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें।

2 वायु तत्व- लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें रुकें फिर स्वाँस अंदर भरें ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक समय पर करना है। ये दिन में चार बार करें।

खुली हवा में बैठें या टहलें।

3 अग्नितत्व- सूर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।

4 जल तत्व- खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें। खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

 

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें।

 खीरा और मेहंदी या करी पत्ते का पेस्ट पेट पर लगाएँ। पैरों को 20 मिनट के लिए सादे पानी से भरे किसी बाल्टी या टब में डूबो कर रखें। हफ़्ते में तीन दिन टब में पानी डाल कर उसमें बैठें।

कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। अगले सुबह ख़ाली पेट इनमे से कोई भी हरा जूस लें।पेठे (ashguard ) का जूस लें और  नारियल पानी भी ले सकते हैं। बेल का पत्ता 8 से 10 पीस कर 100ml पानी में मिला कर छान कर पीएँ। खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ।

ये जूस सुबह नाश्ते से एक घंटे पहले लें। नाश्ते में फल लें। दोपहर के खाने से एक घंटा पहले हरा जूस लें। खाने में सलाद नमक सेंधा ही प्रयोग करें। नमक की पके हुए खाने में भी बहुत कम लें। सब्ज़ी पकने बाद उसमें नमक डालें। नमक पका कर या अधिक खाने से शरीर में (fluid)  की कमी हो जाती।

सलाद दोपहर 1बजे बिना नमक के खाएँ तो अच्छा होगा क्योंकि नमक सलाद के गुणों को कम कर देता है। सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurad) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी लें।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लें। रात 8 बजे के बाद कुछ ना खाएँ, 12 घंटे का (gap) अंतराल रखें। 8बजे रात से 8 बजे सुबह तक कुछ नहीं खाना है।

एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ  ले सकते हैं।

जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

धन्यवाद।

रूबी

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

 

एनिमा किट मँगा लें । यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 100ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में उपस्थित विषाणु निष्कासित हो जाये।



04:30 PM | 12-09-2019

Irritable bowel syndrome as the name indicates, is caused when the colon is lined with rotting waste, unwanted bacteria and foods that was not digested properly in the stomach and before coming into the colon. The causes still remains the same - foods such as dairy eggs, gluten, meat, seafood consumed over a long period of time with heavy fats and proteins that weakens the bile and the hydro chloric acid in the gut. With weaker stomach acids and and ineffective weak bile, the food does not to get digested properly and leaks into the intestine while the pathogens feed on them . Overtime it reaches the colon which is the final dumping ground. This causes inflammation, pains constipation, diarrhoea and can also result in piles, fissures and yeast infections on the excretory organs.

To heal this condition., It is best that you start cleaning the  GUT, which in turn will clean the liver, which in turn will be ready to absorb and deliver nutrients throughout the body and eventually cleaning the intestine as well.  If the previous organs in the process have done their job, the colon will not have to take a hit. it’s very important that the liver starts doing its job to heal any kind of intestinal issues/organs of excretion so that the unwanted food , pathogens and heavy metals doesn’t end up in the intestines and colon. Ideally these are supposed to thrown out naturally after altering its state, but when they end up as-is, they attract more issues in the colon which the colon might not be geared up to do 

When body organs are clean, they do their job perfectly well. With the right lifestyle this can be achieved. You must switch to a low-fat plant-based lifestyle. Low fat here because fats also come in low % from raw foods like fruits vegetables and greens. 

  1. Give rest to the colon by juicing majorly for few days with green fruit or veg juices only in abundance like it’s your meal. 
  2. Take water enema for a month without interfering with your normal bowel movements 
  3. Stop the consumption of dairy eggs meat seafood
  4. Stop all forms of fats (oils, grease, nuts seeds ) that will add load to an already compromised liver
  5. Stop all forms of foods that are purchased
  6. Go raw on greens, fruits majorly for one full month/ 2 months as conditions improve
  7. Cooked food post that has to be only once a day without using oils or ghee with 30% grains that are gluten free and oilfree, unpolished, unrefined 
  8. Wheat and foods with maida wheat have to be avoided 
  9. Sugar and processed sweetners avoided 
  10. Place a cold wet towel daily on the abdomen for 30 mins. Start with 5 mins hot towel and 25 mins cold
  11. Exposure to sunlight for 30 mins
  12. Practice mental peace, leading a stress free life, free of any form of negativity 

 

Let us know if you have any questions

Be blessed 

Smitha Hemadri (educator of natural healing practices)


Wellcure
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