Q&A
12:49 PM | 21-09-2019

Professionally i am a software engineer also a student. I have worked from 10 to 7 everyday. I want a good and healthy life style to maintain my job study and my health. Can anyone please give me a routine for my daily lifestyle?

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

Read more
Post as Anonymous User
2 Answers

05:32 PM | 21-09-2019

नमस्ते,

  •  प्रतिदिन प्रातः गुनगुने पानी नींबू व शहद का सेवन करें इससे आंतों में स्थित अशुद्धियां बाहर निकल जाती हैं व आंत की कार्य क्षमता बढ़ जाती है।

 

  • जूस -प्रतिदिन प्रातः 7:00 सेेे 9:00 के बीच मौसमी फल या हरी पत्तेदार सब्जी के जूस का सेवन करें इस समय शरीर को हल्के भोज्य पदार्थ की आवश्यकता होती है व जीवनी शक्ति अआमाशय में होती हैं।

 

  •  भोजन- प्रतिदिन प्रातः 9:00 से 11:00 बजे के बीच हल्के,  सुपाच्य ,रेशेदार, हरी पत्तेदार मौसमी सब्जियों से युक्त भोजन का सेवन करें, इस समय पर्याप्त मात्रा में पाचक रसों का स्राव होता रहता है जिससे भोजन का पाचन आसानी से हो जाएगा।

 

  • भोजन से 30 मिनट पहले व भोजन के 90 मिनट बाद बैठकर धीरे-धीरे जल का सेवन करें ।

 

  • उपवास-( सप्ताह में 1 दिन) शरीर के समस्त अंगों को आराम मिलता है व अशुद्धियां बाहर निकलती हैं।

 

  • रात्रि का भोजन- सोने से 2 घंटे पहले हल्के सुपाच्य भोजन का सेवन करें ,जिसमें 80% मौसमी फल व सब्जियां हो ।

 

  • सोने से पहले 2 घंटे पहले मोबाइल, टेलीविजन या कंप्यूटर का प्रयोग ना करें ।

 

  • सोने से 30 मिनट पहले लाइट बंद कर दे व शांत चित्त होकर बिस्तर पर लेट जाएं, इससे शरीर में सोने के लिए आवश्यक मिली ट्यून इन हार्मोन का स्राव होता है जिससे नींद अच्छी आती है ।

 

  • प्रतिदिन सूर्योदय के बाद 30 मिनट धूप में लेटे इससे शरीर का रक्त संचार बढ़ता है ,लाल रक्त कणिकाओं का उत्पादन बढ़ता है,शरीर को आवश्यक विटामिन डी की पूर्ति होती हैै व शरीर ऊर्जावान बना रहता है।

 

  • प्रतिदिन प्रातः 3:00 से 5:00 के बीच- कपालभाति, अनुलोम -विलोम, भस्त्रिका ,भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास करें इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है व मन शांत रहता है।

 

  • आसन- योगिक सूक्ष्म व्यायाम, वज्रासन ,पवनमुक्तासन ,पश्चिमोत्तानासन ,भुजंगासन ,शलभासन, सर्वांगासन, ताड़ासन -शरीर के जोड़ों में लचीलापन लाता है रक्त संचार बढ़ाता है।

 

निषेध- रात्रि में सोने से पहले चाय- काफी ,नशीली वस्तुएं इत्यादि का प्रयोग ।

 

 

डॉ.राजेश कुमाार 

योग एवं नेेचुरोपैथी फिजीशियन

 



05:31 PM | 21-09-2019

नमस्ते

 

 

कारण -  बेहतर स्वास्थ पाने के लिए शरीर में अम्ल (acid) और क्षार (alkaline) का संतुलन होना चाहिए।आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी ये पाँच तत्व आपके शरीर में रोज़ खुराक की तरह जाना चाहिए।

पृथ्वी और शरीर का बनावट एक जैसा 70% पानी से भरा हुआ। पानी जो कि फल, सब्ज़ी से मिलता है। 

समधान - शारीरिक और मानसिक क्रिया में संतुलन बनाएँ। फल के बाद 3 घंटे का gap रखें। सलाद बाद 5 घंटे का अंतराल रखें। पका हुआ खाना के बाद 12 घंटा का अंतराल रखें। 

जीवन शैली - शरीर पाँच तत्व से बना हुआ है प्रकृति की ही तरह।

1 आकाश तत्व- एक खाने से दूसरे खाने के बीच में विराम दें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें।

2 वायु तत्व- लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें रुकें फिर स्वाँस अंदर भरें ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक टाइम पर करना है। ये दिन में चार बार करें।I

दौड़ लगाएँ। सूर्य नमस्कार 5 बार करें।

3 अग्नि तत्व- सूरर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।

4 जल तत्व- खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें और खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा करना है।

नीम के पत्ते का पेस्ट अपने नाभि पर रखें। 20मिनट तक रख कर साफ़ कर लें।

मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें।

पेट पर खीरा का पेस्ट 20 मिनट लगाएँ। फिर साफ़ कर लें। पैरों को 20 मिनट के लिए सादे पानी से भरे किसी बाल्टी या टब में डूबो कर रखें।

5. पृथ्वी तत्व- कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है।  सुबह ख़ाली पेट इनमे से कोई भी हरा जूस लें।पेठे (ashguard ) का जूस लें और  नारियल पानी भी ले सकते हैं। बेल का पत्ता 8 से 10 पीस कर 100ml पानी में मिला कर छान कर पीएँ। खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ।

ये जूस सुबह नाश्ते से एक घंटे पहले लें। नाश्ते में फल लें। दोपहर के खाने से एक घंटा पहले हरा जूस लें। खाने में सलाद नमक सेंधा ही प्रयोग करें। नमक की पके हुए खाने में भी बहुत कम लें। सब्ज़ी पकने बाद उसमें नमक डालें। नमक पका कर या अधिक खाने से शरीर में (fluid)  की कमी हो जाती।

सलाद दोपहर 1बजे बिना नमक के खाएँ तो अच्छा होगा क्योंकि नमक सलाद के गुणों को कम कर देता है। सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurad) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी लें।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लें। रात 8 बजे के बाद कुछ ना खाएँ, 12 घंटे का (gap) अंतराल रखें। 8बजे रात से 8 बजे सुबह तक कुछ नहीं खाना है।

एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ  ले सकते हैं।

जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

धन्यवाद।

रूबी

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

 


Scan QR code to download Wellcure App
Wellcure
'Come-In-Unity' Plan