Q&A
10:50 AM | 07-01-2019

My domestic help had fever n joint pains. Fever has come down in 3 days with medicines. But pain in wrists, fingers n knees is bad. Doc has suggested painkiller n multi vitamin. Any suggestions pls. Tx


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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5 Answers

08:48 AM | 07-01-2019

Pls do know that fever is a sign of body to fight off an infection and pain is a sign that the body needs to rest more. Check with her if she can take some days off and rest completely. Do encourage her to support her body by keeping the raw up and cooked food low. This will ensure body gets the right fuel to recover faster and spends less time & energy in digestion. Maalish will give her relief, if possible she can avoid painkillers, as it will only mask the symptom and delay recovery.



12:56 PM | 11-06-2020

Hello,

It is very good to know that you are so much worried about your domestic help. Pain in joints and other parts indicates that there is an accumulation of toxins inside the body. Eating wrong foods, following an improper lifestyle, improper sleeping pattern leads to the accumulation of toxins inside our body.

Diet

  • Start the day with 3 to 4 glasses of warm water. This will help to flush out the toxins out of the body. 
  • Drink green tea twice a day, one in the morning on an empty stomach and the other at night before sleeping. 
  • Have one amla daily as it will help to keep the digestive functions good.
  • Eat only plant-based natural foods. 
  • Include salads, sprouts, nuts, and beans in your diet. 
  • Eat soaked raisins on an empty stomach. 
  • Eat fresh, seasonal, and locally available fruits and vegetables. 
  • Drink plenty of water throughout the day. 

Foods to avoid

  • Avoid dairy products and animal foods. 
  • Avoid tea, coffee, and other caffeinated drinks. 
  • Avoid carbonated drinks. 
  • Avoid processed, packaged, oily, and spicy foods. 

Exercise 

Being physically active is very important for a healthy body and mind. It improves blood circulation and metabolism of the body.

  • Start the day with a morning walk or jogging. 
  • Do paschimottan asana, chakra asana, parvat asana. 
  • Perform anulom-vilom and kapalbhati pranayam. 
  • Take early morning sun rays daily. 

Sleep

Sleeping is very important to maintain the circadian rhythm. Sleep early at night at around 10 pm and also wake up early in the morning at around 6 am. Take proper sleep of at least 7-8 hours daily. 

Read books before sleeping to improve the quality of sleep. 

Thank you



08:45 AM | 07-01-2019

Keep the fluids up. Have as much fruits and raw food as much as possible, steamed veggies and lots of rest. She needs to take a week to 10 days rest starting from day1 of fever. Rest is key as otherwise the fever comes back again. There is no substitute for time. And peace of mind that all is well.



08:44 AM | 07-01-2019

Boil 3 cups of water with 1 tsp of haldi for about 8-10 mins till the water is 2 cups. Add 1 tbsp of dark gur and mix it well. Drink 1 cup of this concoction in the morning n 1 cup at night. Must be drunk slightly hot.



12:29 PM | 09-06-2020

हेलो,
कारण - शरीर सेल्फ मैकेनिज्म के अंतर्गत बुखार को लाताा है। शरीर मेंं मौजूद विषाणुओ को समाप्त करने के लिए दवाइयों की मदद से हम उसको अपना काम  नहीं करने देते हैं। बुखार उतर जाता हैै। लेेेकिन शरीीर में अम्ल की अधिकता हो जाती है।
शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द का मुख्य कारक होता है। शरीर में बढ़ा हुआ अम्ल। शरीर का हाजमा खराब होने पर हमारे शरीर में अम्ल की अधिकता हो जाती है। शरीर में अम्ल की अधिकता होने पर रक्त संचार में कमी आती है और यह दर्द का कारक बनता है।
शरीर में अम्ल की अधिकता होने पर संक्रमण का खतरा हमेशा बना रहता है। प्राकृतिक जीवन शैली को अपनाकर पूर्ण स्वास्थ्य का लाभ उठा सकते हैं।

समाधान- 1. ऐसा खाना जो कि देर तक पछता नहीं है उसका त्याग करें। जैसे दूध, गेहूं, मैदा, रिफाइंड नमक और रिफाइंड शुगर और पैकेट फूड।

फल, सब्जी, और कच्ची सब्जी का जूस को प्रतिदिन ले।

ऐसा करने से पाचन शक्ति मजबूत होगा और आंतों की सफाई हो पाएगी। 

2.  सूर्य की रोशनी में 20 मिनट का स्नान सूर्य की रोशनी से करें 5 मिनट सामने 5 मिनट पीछे 5 मिनट दाएं 5 मिनट बाएं भाग में धूप लगाएं। धूप लेट कर लेना चाहिए धूप की रोशनी लेते वक्त सर और आपको किसी सूती कपड़े से ढक ले। नारी मंद होने पर  इन्फेक्शन अधिक होता है अतः आप जब भी सोए अपना दायां भाग ऊपर करके सोए। 

3. प्रतिदिन अपने पेट पर खाने से 1 घंटे पहले या खाना खाने के 2 घंटे बाद गीले मोटे तौलिए को लपेटे एक तौलिया गिला करके उसको निचोड़ लें और हूं उस तौलिए को 20 मिनट तक अपने पेट पर लपेटकर रखें ऐसा करने से आपका पाचन तंत्र दुरुस्त होगा।

अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।

तिल के तेल रीढ़ की हड्डी पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

4. हर 3 घंटे में लंबा गहरा श्वास अंदर लें उसको थोड़ी देर रोकें और फिर सांस को खाली करें। खाली करने के बाद फिर से रुके और फिर लंबा गहरा सांस ले। यह एक चक्र है ऐसा दिन में 10 चक्र करें केवल एक शर्त का पालन करें जब आप लंबा गहरा सांस ले रहे हैं तो अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का बढ़ेगी और ऑक्सीजन का संचार सुचारू रूप से हो पाएगा।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ash guard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100 ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ash guard) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200 ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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