Q&A
11:09 AM | 16-11-2019

I am 22 & my weight is 72 kg & height is 5' 2". I have PCOD since 3 yrs,  along with hirsutism & baldness  I'm not losing weight, what to do?


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6 Answers

11:14 AM | 18-11-2019

Hi! Here are some resources we would like to guide you to -

  1. Blog - PCOS/PCOD – A rising problem in women today

  2. Women’s Health-related stories in our Journeys section. 


PCOD can be overcome by following a natural lifestyle. You can explore our Nature-Nurtures Program that helps you in making the transition, step by step.



12:12 PM | 03-12-2019

Hlw 

Please see link and get relevant answer on your question 

http://www.wellcure.com/questions-answers/2200/i-am-a-diabetic-patient-and-i-weigh-68-kg-i-want-to-lose-weight-can-you-give-me-a-nutritious-diet-plan#answer10680

Thanks 



02:21 PM | 18-11-2019

Harmonal issues and imbalances could have led to both issues all the issues. Endocrineglands aremajorly responsible for the proper balanceof testosterone and estrogen / progesterone in both female and males. If you are willing to really attempt to see if nature cure heals this, you must be willing to forego all human made wrong lifestyle habits and adopt only natural way of living. Only time can tell if hisrutism can be reversible. Since I don’t have any cases with the same condition I can only speak based on the confidence I have on the subject. Only the body can correct itself off the abnormal conditions of it was caused due to a lifestyle that accumulated toxins and made the organ functions inefficient.continue this routine for as long as it takes and hoping that your issue will be resolved. Pcod is anyways something that will disappear for sure. Itis a result of the body malfunctioning due to lifestyle. Once the lifestyle is corrected and back to track, the body gets back to normal too. Whether it was emotional stress or physical stress and wrong food choices, sedentary lifestyle, they all help each other mess the body’s normal functioning. I believe that people who are disciplined can reverse it in few months. But this is a lifestyle and not a diet.Cysts are growths in the body which stores toxins in it. Cysts are at the hardening stage of a disease progression in the body. If those toxins were roaming freely, it would have caused more damage. It’s hence the way of locking those toxins and virus in a sack. Once a healthy plant based lifestyle is followed, they will melt and be thrown out of the body .

 

Follow this :-

Morning on empty stomach

 

  • Celery juice 500 ml filtered / ash gourd juice / cucumber juice/ green juice with any watery vegetable like ashgourd / cucumber / ridge gourd / bottle gourd / carrot / beet with ginger and lime filtered/ tender coconut water or more pure veggie juice

Continue more juicing throughout the day. The more the better on natural foods

Afternoon from 12 :-

  • A bowl of fruits - don’t mix melons and other fruits. Eat melons alone. Eat citrus alone
  • Snack on fruits
  • Dinner 2-3 hrs before sleep with Vegetable and greens
  • Avoid salt and all forms of additives like oils. Get back to living naturally.
  • Please take enema for 30 days with Luke warm water and then slowly reduce the freq. this is not a substitute for daily nature call . Consult an expert as needed
  • Include some exercises that involves moving all your parts ( neck , shoulder, elbows, wrist , hip bending twisting , squats, knees, ankles ) . Join a gym and start weight training. Do yoga for flexibility
  • See if u can go to the morning sun for sometime in a day 30 mins atleast.
  • Ensure that you are asleep between 10-2 which is when the body needs deep sleep.
  • Place a wet cloth on your tummy for 30 mins daily

 

What to Avoid :-

  • Avoid refined oils, fried food , packaged ready to eat foods, dairy in any form including ghee, refined salt and sugar , gluten , refined oils coffee tea alcohol .
  • Avoid mental stress by not thinking about things you cannot control. Present is inevitable. Future can be planned. Stay happy. Happiness is only inside yourself . The world around you is a better place if you learn to stay happy inside yourself. Reach us if you need more help in this area. Emotional stress can cascade the effects. Thank your body and love it

 

Be blessed.

Smitha Hemadri (educator of natural healing practices)

 



12:12 PM | 03-12-2019

नमस्ते,

महिलाओंं मे प्रजनन हार्मोंस के संतुलन में गड़बड़ी व मेटाबॉलिज्म खराब होने पर होती है। हार्मोंस असंतुलित होने से मासिक धर्म चक्र प्रभावित होता है। सामान्य स्थिति में हर माह पीरियड्स के बाद ओवरी (अंडाशय) में अंडाणुओं का निर्माण होता है और बाहर निकलते हैं। वहीं, पीसीओएस (PCOS) की स्थिति में ये अंडाणु न तो पूरी तरह से विकसित हो पाते हैं और न ही बाहर निकल पाते हैं।

लक्षण-

  • अनियमित पीरियड्स या फिर बिल्कुल बंद हो जाना।
  • योनी से अधिक मात्रा में रक्तस्राव होना।
  • सामान्य परिस्थितियों में अंडों के विकसित होने के बाद, अंडाशय प्रोजेस्ट्रोन उत्पन्न करते हैं। इसके बाद प्रोजेस्ट्रोन का स्तर कम होता है और गर्भाशय की परत हल्की हो जाती है, तो पीरियड्स शुरू हो जाते हैं। वहीं, अंडों के विकसित न होने पर गर्भाशय की परत मोटी होने लगती है, जिसे हाइपरप्लासिया कहते हैं। परिणामस्वरूप, महिला को अधिक व लंबे समय तक रक्तस्राव होता है।
  • तैलीय त्वचा व चेहरे पर कील-मुंहासे।
  • शरीर के कुछ हिस्सों की त्वचा गहरी व मोटी हो जाएगी। मुख्य रूप से ऐसा गर्दन, बगल में और पेट व जांघ के बीच के हिस्से में होता है।
  • जांघ, पेट, छाती व चेहरे पर तेजी से बाल बढ़ने लगेंगे
  • टाइप-1 डायबिटीज हो सकती है।
  • वज़न बढ़ना शुरू हो सकता है।
  • बालों का झड़ना।

 

 आपको निम्नलिखित जीवनशैली का पालन करना चाहिए-

  •  नींद -रात्रि में 7 से 8 घंटे की नींद अवश्य लें, इससे शरीर से दूषित पदार्थ बाहर निकलता है कोशिकाओं की मरम्मत होती है, शरीर तनावमुक्त होता है।
  • सूर्योदय के पश्चात कम से कम 45 मिनट धूप मेंं रहे इससे शरीर में विटामिन डी की आपूर्ति होती है शरीर की समस्त अंतः स्रावी ग्रंथियां सुचारू रूप से अपना कार्य करती हैं, पीसीओएस की  से संबंधित समस्त  समस्याओं से छुटकारा प्राप्त होता है।
  •  प्रतिदिन प्रातः गुनगुने पानी ,नींबू एवं शहद का सेवन करें इससे शरीर में अम्ल एवं क्षार का संतुलन बना रहता है, आंंत की दीवारें फैलती हैं, शरीर से दूषित पदार्थ बाहर निकलते हैं जिससे क्रमांक कुंचन गति सुचारू रूप से होती है।
  •  प्रतिदिन पालक ,चुकंदर ,नारियल पानी या आंवले के जूस का सेवन करें इससे शरीर में अम्ल एवं क्षार का संतुलन बना रहता है ,शरीर के सभी अंग सुचारू रूप से अपना कार्य करते हैं।
  •  प्रतिदिन भोजन में 80% हरी पत्तेदार सब्जियां का सेवन खूब चबा चबाकर करें, यह हल्के एवं सुपाच्य होते  हैं, भोजन का पाचन अवशोषण एवं मल का निष्कासन सुचारू रूप से होता है शरीर का वजन कम होता है,  पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज से संबंधित समस्याएं दूर होती हैं।
  • प्यास लगने पर मिट्टी के घड़े में रखे हुए जल को बैठकर धीरे-धीरे सेवन करें इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में जल की आपूर्ति होती है ,शरीर के सभी अंग सुचारू रूप से अपना कार्य करते हैं।
  •  सप्ताह में कम से कम 1 दिन उपवास रहें इससे शरीर से दूषित पदार्थ बाहर निकलते हैं, पाचन अंगों को आराम मिलता है ।
  • दिन में 2 बार पुदीने की चाय का सेवन करें। इससे आपकी पीसीओएस में पेट दर्द, कब्ज और एसिडिटी से राहत मिलती है।
  •  दिन भी तीन चार बार गुनगुने पानी में नींबू एवं शहद मिलाकर सेवन करें इससे शरीर का वजन कम होता है।
  • मेथी की बीज को आठ घंटे के लिए पानी में भिगो दें। इसके बाद इसे पीस कर इसमें 1 चम्मच शहद मिलाएं। दिन में 2 बार नियमित रूप से इसका सेवन करने से आपको पीसीओएस की समस्या में सुधार दिखने लगेगा,   साथ ही साथ वजन भी कम होने लगता है।
  •  बाल की समस्या हेतु आपको प्रतिदिन ठंडे पानी से बाल को अच्छी तरह से धोकर अंगुलियों की सहायता से बालों की जड़ों को अच्छी तरह से मालिश करें तत्पश्चात नारियल के तेल को अच्छी तरह से बालों की जड़ों में रगड़ रगड़ कर लगाएं इससे रक्त संचार बढ़ता है बाल मजबूत एवं शक्तिशाली होते हैं।
  • प्रतिदिन कपालभाति अनुलोम विलोम एवं भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास अनुभवी योग एवं नेचुरोपैथी फिजीशियन के निर्देशन में ही करें इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है,मन शांत एवं तनाव मुक्त होता है।
  • प्रतिदिन सुगंधित पुष्पों से युक्त बगीचे में प्रसन्न होकर नंगे पाव टहलें, मन शांत एवं तनाव मुक्त  रहता है। 

निषेध -जानवरों से प्राप्त भोज्य पदार्थ, चाय, काफी, चीनी ,मिठाईयां, नमक ,नमकीन, ठंडे पेय पदार्थ, डिब्बाबंद भोज्य पदार्थ, रात्रि जागरण ,क्रोध, ईर्ष्या , चिंता ,तनाव सोने से 2 घंटे पहले मोबाइल, टेलीविजन ,कंप्यूटर का प्रयोग, बालों कृत्रिम रासायनिक साबुन एवं शैंपू का प्रयोग, बहुत चुस्त कपड़े पहनना।



12:10 PM | 03-12-2019

Hlw 

Please see link and get relevant answer on your question 

http://www.wellcure.com/questions-answers/2200/i-am-a-diabetic-patient-and-i-weigh-68-kg-i-want-to-lose-weight-can-you-give-me-a-nutritious-diet-plan#answer10680

Thanks 



11:13 AM | 18-11-2019

हेलो,

कारण -pcod में गर्भाशय में मेल हार्मोन androgen का स्तर बढ़ जाता है परिणामस्वरूप ओवरी में सिस्ट्स बनने लगते हैं। यह समस्या महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन, मोटापा या तनाव के कारण उत्पन्न होती हैं। हर्सुटिस्म, एण्ड्रोजन्स-पुरुष हार्मोन, के बढ़े हुए स्तर के कारण या रोमकूपों की एण्ड्रोजन्स के लिए अति प्रतिक्रिया के फलस्वरूप होता है। एण्ड्रोजन्स की अधिकता से जुड़ी मुख्य स्थिति है पोलिसिस्टिक ओवरिस और कभी-कभी जुड़ी मिलने वाली स्थिति है, कांजेनिटल एड्रेनल हाइपरप्लेसिया। 

महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन, मोटापा या तनाव के कारण उत्पन्न होती हैं। 

जिसमें बाल सामान्य से ज्यादा झड़ते हैं। 

टेंशन और स्ट्रेस में भी बाल सामान्य से अधिक झड़ते हैं।

समाधान - खीरा+एलोवेरा का पल्प का पेस्ट वंहा लगाएँ जंहा परेशानी है।  20मिनट के लिए लगाएँ।

त्वचा को गुलाब जल + बेसन और हल्दी से साफ़ करें। साबुन या कोई भी क्रीम का प्रयोग बंद कर दें।नहाने के पानी में ख़ुशबू वाले फूलों का रस मिलाएँ। नींबू या पुदीना का रस मिला सकते हैं।खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें। हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें।अपने मेरुदंड को उस पर रखें।

शारीरिक और मानसिक क्रिया में संतुलन बनाए। दौड़ लगाएँ।सुप्त मत्स्येन्द्रासन, धनुरासन, उज्जायी प्राणायाम करें, मर्ज़ारि, गोमुख आसन करें।

पश्चिमोत्तानासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, शवासन करें।

 

10% कच्चे हरे पत्ते और सब्ज़ी का जूस बिना नमक निम्बू के लेना है।30% कच्चे सब्ज़ी का सलाद बिना नमक निम्बू के लेना है।10% ताज़ा नारियल सलाद में मिला कर लेना है। 20% फल को लें। पके हुए खाने को केवल एक बार खाएँ नमक भी केवल एक बार पके हुए खाने लें। पके हुए खाने में सब्ज़ी भाँप में पके हों और तेल घी रहित होना चाहिए सब्ज़ी की मात्रा 20% और millet या अनाज की मात्रा 10% हो। 

जीवन शैली - आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है। नारियल तेल से

घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

पृथ्वी - सुबह खीरे का जूस लें, खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। बेल का पत्ता 8 से 10 पीस कर I100ml पानी में मिला कर पीएँ। खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। बेल पत्ता 8 से 10 पीस कर 100 ml पानी में मिला कर लें। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल + सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद + नट्स और अंकुरित अनाज के लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लें। एक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।ओ

सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ  ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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