Q&A
09:49 AM | 19-11-2019

Weight loss aur sugar hai uske liye kya karna chaiye?


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5 Answers

12:52 PM | 19-11-2019

This is an excellent decision madam. You have come to the right forum. Healing naturally is the only way to stay healthy and also reverse diabetes and also lose weight at the same time without having to consult with multiple medical practitioners. Nature performs miracles. There is a belief that food helps people stay healthy and alive and also food destroys. Anything in excess - good or bad is detrimental. Nature has designed us humans to survive having fruits veggies greens, but we have diverged from the ideal and moved on to dairy meat eggs fish refined foods like sugar oils packaged foods from outside excess grains etc which are absolutely not designed for us to have. When you look at the irony, we live our lives just eating foods we are not designed to have. That’s how our body slowly suffers and keeps accumulating toxins resulting from undigested food. These rotting foods attract pathogens and that’s how the organs fail too. Your np and sugar both will also be reversed in addition to weight loss if you adapt the lifestyle that’s designed for humans.

This is my suggestion on a successful reversal of all your problems

 

Follow this :-

Morning on empty stomach

  • Celery juice 500 ml filtered / ash gourd juice / cucumber juice/ Green juice with any watery vegetable like ashgourd / cucumber / ridge gourd / bottle gourd / carrot / beet with ginger and lime filtered/ tender coconut water or more pure veggie juice . No fruit juices

 

Afternoon from 12 :-

  • A bowl of fruits - don’t mix melons and other fruits. Eat melons alone. Eat citrus alone . You can eat as many fruits as you want in the whole day. When you have any craving, please pick a fruit. This will remove all the accumulated cravings over time

  • Followed by a bowl of veg salad for dinner 2-3 hrs before sleep, Alternatively cooked food thats made of millets and cooked oil free and gluten free can be taken thrice a week. Other days stay on raw.

  • Please take enema daily with Luke warm water. this is not a substitute for daily nature call . Consult an expert as needed

  • Include some exercises that involves moving all your parts ( neck , shoulder, elbows, wrist , hip bending twisting , squats, knees, ankles ) along with 1 hr of workout. Focus on weight training. This is an absolute must and you have to push yourself to move away from your sedentary lifestyle. Before starting this everyone feels lethargic, but once you enjoy the results of the workout, you will be amazed and will want to go everyday. 

  • See if u can go to the morning sun for sometime in a day 30 mins atleast.

  • Ensure that you are asleep between 10-2 which is when the body needs deep sleep

Note : between your dinner and next day lunch maintain a 16 hr gap. This is a must. You can only consume water, lime water and vegetable juices. No fruit juices.

What to Avoid :-

  • Avoid refined oils, fried food , packaged ready to eat foods, dairy in any form including ghee, refined salt and sugar , gluten , refined oils meat eggs fish coffee tea alcohol , oils in any form, any cooked food with oils and gluten.

  • Avoid mental stress by not thinking about things you cannot control. Present is inevitable. Future can be planned. Stay happy. Happiness is only inside yourself . The world around you is a better place if you learn to stay happy inside yourself. Reach us if you need more help in this area. Emotional stress can cascade the effects. Thank your body and love it

 

Be blessed.

Smitha Hemadri (educator of natural healing practices)



12:51 PM | 19-11-2019

मोटापा आपके मधुमेह और उच्च रक्तचाप के जोखिम को काफी बढ़ाता है, और ये स्थितियां हृदय रोग के साथ अंतरंग रूप से जुड़ी हुई हैं। उदाहरण के लिए, एक मोटे व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ने का जोखिम उस व्यक्ति की तुलना में 3 गुना अधिक है, जिसका स्वस्थ वजन है।

मोटापा एक ऐसी स्थिति है जहां एक व्यक्ति ने शरीर की इतनी अधिक चर्बी जमा कर ली है कि इसका उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यह अधिक वजन होने से अलग है, जहां वजन मांसपेशियों, हड्डी, वसा या शरीर के पानी से हो सकता है।

यदि आप अपने आदर्श वजन से कम से कम 20% अधिक वजन करते हैं, तो आप मोटे माने जाते हैं। आपके आदर्श वजन की गणना करने के लिए, स्वास्थ्य पेशेवरों ने आपके बॉडी मास इंडेक्स या बीएमआई को एक मोटे संकेतक के रूप में उपयोग करने का सुझाव दिया है। यदि आपका बीएमआई 30 या उससे अधिक है, तो आप मोटे माने जाते हैं।

इसे नियंत्रित करने के कुछ तरीके

  1. व्यायाम इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाता है और आपकी मांसपेशियों को रक्त से शर्करा लेने में मदद करता है। इससे रक्त शर्करा का स्तर कम हो सकता है।
  2. कार्ब्स ग्लूकोज में टूट जाते हैं, जिससे रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है। कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करने से रक्त शर्करा नियंत्रण में मदद मिल सकती है।
  3. फाइबर का भरपूर सेवन रक्त शर्करा नियंत्रण में मदद कर सकता है, और घुलनशील आहार फाइबर सबसे प्रभावी है।
  4. हाइड्रेटेड रहने से रक्त शर्करा के स्तर को कम किया जा सकता है और मधुमेह को रोकने में मदद मिल सकती है। पानी सबसे अच्छा है और खूब पानी पीने से आप हमेशा स्वस्थ और रोग मुक्त रहते हैं
  5. आपके भोजन के आकार पर जितना अधिक नियंत्रण होगा उतना ही बेहतर नियंत्रण आपके रक्त शर्करा के स्तर पर होगा। यह आपको सुगर लेवल्स और वजन को कम करने में मदद कर सकता है
  6. व्यायाम या विश्राम विधियों जैसे योग के माध्यम से तनाव के स्तर को नियंत्रित करना आपको रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करेगा।
  7. अपने शर्करा की जाँच और हर दिन एक लॉग बनाए रखने से आपको अपने शर्करा के स्तर को कम करने के लिए खाद्य पदार्थों और दवाओं को समायोजित करने में मदद मिलेगी।
  8. अच्छी नींद रक्त शर्करा नियंत्रण को बनाए रखने और स्वस्थ वजन को बढ़ावा देने में मदद करती है। खराब नींद महत्वपूर्ण चयापचय हार्मोन को बाधित कर सकती है।
  9. नियमित रूप से क्रोमियम और मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थ खाने से कमियों को रोकने और रक्त शर्करा की समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
  10. पाउडर के रूप में मेथी को जोड़ने पर विचार करें। वे आपके आहार में शामिल करना आसान हैं और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। ऐसे में लिया जाना चाहिए कि आप बहुत अधिक उपभोग न करें और चीनी का स्तर बहुत कम हो जाए

नोट - किसी भी जीवन शैली में बदलाव करने या सुरक्षित चीजों की कोशिश करने से पहले अपने डॉक्टर से जाँच अवश्य करवाएँ



11:46 AM | 03-12-2019

Hi. We would like to guide you to a few resources - 

  1. Read the journeys of people who dealt with diabetes naturally

  2. Read these blogs listed in our Body Wisdom section –

Adopting a natural lifestyle will help you in reclaiming your health. Wellcure’s Nature-Nurtures Program helps you in making the transition, step by step. You may read more about it here



11:43 AM | 03-12-2019

हेलो,

कारण - प्राकृतिक चिकित्सा के अनुसार शुगर कोई बीमारी नहीं है। ख़राब हाज़मा और ग़लत खान पान के वजह से शरीर इस रूप में प्रतिक्रिया कर रहा है।

हाज़मा ठीक ना होने के वज़न बढ़ने की समस्या हो रही है।

समाधान - शारीरिक और मानसिक क्रिया में संतुलन बनाए। दौड़ लगाएँ।सुप्त मत्स्येन्द्रासन, धनुरासन

पश्चिमोत्तानासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, शवासन करें।

10% कच्चे हरे पत्ते और सब्ज़ी का जूस बिना नमक निम्बू के लेना है।30% कच्चे सब्ज़ी का सलाद बिना नमक निम्बू के लेना है।10% ताज़ा नारियल सलाद में मिला कर लेना है। 20% फल को लें। पके हुए खाने को केवल एक बार खाएँ नमक भी केवल एक बार पके हुए खाने लें। पके हुए खाने में सब्ज़ी भाँप में पके हों और तेल घी रहित होना चाहिए सब्ज़ी की मात्रा 20% और millet या अनाज की मात्रा 10% हो।  वर्षों से जमी टॉक्सिन को निकालना ज़रूरी है। किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में पहली बार लें। एनिमा किट मँगा लें । यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 100ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में एक बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में उपस्थित विषाणु निष्कासित हो जाये।

जीवन शैली - 

1 आकाश तत्व- एक खाने से दूसरे खाने के बीच में विराम दें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें।

2 वायु तत्व- लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें। इसके बाद फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें, रुकें, फिर स्वाँस अंदर भरें। ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक समय पर करना है। ये दिन में चार बार करें। खुली हवा में बैठें या टहलें।

3 अग्नि तत्व- सूर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।र

4 जल तत्व- खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

नीम के पत्ते का पेस्ट अपने नाभि पर रखें। 20मिनट तक रख कर साफ़ कर लें। मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। 

5 पृथ्वी- सब्ज़ी, सलाद, फल, मेवे, आपका मुख्य आहार होगा। आप सुबह खीरे का जूस लें, खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। बेल का पत्ता 8 से 10 पीस कर I100ml पानी में मिला कर पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। जो की आपको ज़बर्दस्त फ़ायदा करेगा। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें।

दोपहर में 12 बजे फिर से कच्चे सब्ज़ी जूस को लें। इसके एक घंटे बाद खाना खाएँ।शाम को 5 बजे सफ़ेद पेठे (ashguard) 20 ग्राम पीस कर 100 ml पानी मिला। 2 घंटे तक कुछ ना लें। रात के सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डाले। ताज़ा नारियल मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। इसे बिना नमक के खाएँ, बहुत फ़ायदा होगा। रात का खाना 8 बजे खाएँ। 

एक नियम हमेशा याद रखें ठोस (solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल (liquid) को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें। ठोस (solid) भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ (liquid) ले सकते हैं। ऐसा करने से हाज़मा कभी ख़राब नहीं होगा। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन छोड़ने से ज़्यादा लाभ होगा।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। 

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)



06:38 PM | 02-12-2019

नमस्ते,

जब शरीर के पैंक्रियाज में इंसुलिन पहुंचना कम हो जाता है, तो खून में ग्लूकोज़ का स्तर बढ़ जाता है, ऐसी स्थिति को डाइबिटीज़ कहते हैं। इंसुलिन का काम शरीर में भोजन को एनर्जी में बदलना होता है और इसी हार्मोन की वजह से शरीर में शुगर की मात्रा नियंत्रित होती है। वहीं, जब किसी को मधुमेह हो जाता है, तो भोजन के एनर्जी में बदलने में दिक्कत होती है, जिसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है। 

 कारण

  • अगर आपके परिवार में किसी को डायबिटीज़ है, तो आपको भी डायबिटीज़ होने का ख़तरा हो सकता है।
  • ज़्यादा तला या बाहर का खाना खाने से बढ़ता हुआ वज़न भी डायबिटीज़ का कारण है।
  • व्यायाम या कोई शारीरिक श्रम ना करना।
  • ज़्यादा मीठा खाना।
  • अगर कोई ह्रदय संबंधी बीमारी है, तो डायबिटीज़ हो सकती है।
  • बढ़ती उम्र से भी डायबिटीज़ हो सकती है।
  • नींद -रात्रि में 7 से 8 घंटे की नींद अवश्य लें, इससे शरीर से दूषित पदार्थ बाहर निकलता है कोशिकाओं की मरम्मत होती है।
  • यदि आपके पास सूर्योदय के पश्चात45 मिनट धूप मेंं रहे इससे शरीर में विटामिन डी की आपूर्ति होती है, शरीर की समस्त अंतः स्रावी ग्रंथियां सुचारू रूप से अपना कार्य करती हैं।
  •  प्रतिदिन प्रातः गुनगुने पानी ,नींबू एवं शहद का सेवन करें इससे शरीर में अम्ल एवं क्षार का संतुलन बना रहता है, आंंत की दीवारें फैलती हैं, शरीर से दूषित पदार्थ बाहर निकलते हैं जिससे क्रमांक कुंचन गति सुचारू रूप से होती है।
  •  प्रतिदिन पालक ,चुकंदर ,नारियल पानी या आंवले के जूस का सेवन करें इससे शरीर में अम्ल एवं क्षार का संतुलन बना रहता है ,शरीर के सभी अंग सुचारू रूप से अपना कार्य करते हैं।
  •  प्रतिदिन भोजन में 85%हरी पत्तेदार सब्जियां 10% साबुत अंकुरित अनाज, 5% सूखे मेवे का सेवन खूब चबा चबाकर करें, यह हल्के एवं सुपाच्य होते  हैं, संतुलित मात्रा में शरीर को पोषण प्राप्त होता है, अंग सुचारू रूप से अपना कार्य करते हैं.।
  • प्यास लगने पर मिट्टी के घड़े में रखे हुए जल को बैठकर धीरे-धीरे सेवन करें इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में जल की आपूर्ति होती है ,शरीर के सभी अंग सुचारू रूप से अपना कार्य करते हैं।
  • दो चम्मच मेथी दाने में दो कप पानी मिलाएं,अब इसे ढककर रात भर छोड़ दें,अगले दिन पानी को छानकर खाली पेट पिएं,इसे हर सुबह पिएं, जिससे आपका ब्लड शुगर लेवल कम होगा, मेथी में ब्लड ग्लूकोज कम करने के गुण होते हैं, जो टाइप 2 मधुमेह के इलाज में काफ़ी मददगार साबित हो सकता है। 
  •  सप्ताह में कम से कम 1 दिन उपवास रहें इससे शरीर से दूषित पदार्थ बाहर निकलते हैं, पाचन अंगों को आराम मिलता है ।
  • करेले को धोकर उसका जूस निकाल लें,अब इसमें स्वादानुसार नमक, कालीमिर्च और नींबू का रस मिला लें,हर रोज़ सुबह खाली पेट इसका सेवन कर सकते हैं,करेले में फाइबर होता है, जो एंटीडायबिटिक यौगिक है। इसमें ब्लड ग्लूकोज़ लेवल को कम करने के गुण होते हैं।
  • प्रतिदिन भुजंगासन, अर्धमत्स्येंद्रासन, मंडूक आसन का अभ्यास अनुभवी योग एवं नेचुरोपैथी फिजीशियन के निर्देशन में ही करें
  • प्रतिदिन सुगंधित पुष्पों से युक्त बगीचे में प्रसन्न होकर नंगे पाव टहलें, मन शांत एवं तनाव मुक्त  रहता है। 

निषेध -जानवरों से प्राप्त भोज पदार्थ चाय काफी चीनी मिठाईयां नमक नमकीन ठंडे पेय पदार्थ डिब्बाबंद भोज्य पदार्थ रात्रि जागरण ,क्रोध, ईर्ष्या , चिंता ,तनाव सोने से 2 घंटे पहले मोबाइल, टेलीविजन ,कंप्यूटर का प्रयोग।


Wellcure
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