Q&A
04:01 PM | 13-01-2020

I have problem of insomnia, asthma and schizophrenia. How to cure these diseases naturally?


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4 Answers

08:00 PM | 13-01-2020

Dear health seeker Fairy, 

What I am able to gather from your narrative about various afflictions insomnia, asthma and schizophrenia etc. is mostly of "Iatrogenic "means drug-induced. These days drug (medicine) abuse, misuse, overuse is rampant. Thousands of patients are suffering from side and after-effects of excessive medication. 
 All your issues can be reversed back to health provided you follow the eternal laws governing our organism and live hygienically. 

  • First of all stop using all medicines immediately 
  • Switch to hygienic lifestyle.
  • Clear your bowel after nature 's call by taking non-violent enema under the guidance of course from a Naturopath 
  • Absorb lots of sunshine in the early morning sun and in the evening as well.
  • Drink alkaline juices of either ash gourd or coconut water, both natural tranquillizer to soothe the nerves 
  • Have a predominantly fruits salads or vegetable salads with enough coconut scrappings 
  • For 3 to 5 days be on a raw diet of fruits and vegetables 
  • Thereafter  may include little cereals and vegetables raw and conservatively cooked without oil spices and condiments 
  • For addressing your issues of insomnia and schizophrenia a spinal bath for 20 minutes twice or thrice is a must. It is observed that many patients sleep in the spinal bath itself. Since it is cold in northern India it may be postponed till warmer weather.
  • Sleep on a hard bed 
  • A head wash with cold water has a very good effect in regulating the blood supply 
  • Hotfoot bath should also be taken for 25 minutes  before sleep, a very powerful application for both asthma and insomnia 
  • The general improvement of health will suffice to cure all your health issues under consideration.
  • Last but not the least you should refrain from unhygienic lifestyle and habits  Avoid all enervating foods and devitalising foodless foods like tea, coffee cola drinks and alcoholic beverages, meat, eggs, milk and its products.
  • Proper mental and physical rest is of prime importance. Have mental poise  Be optimistic don't let negative thoughts emotions be a drag on your vitality. 
  • Say your prayers sincerely and objectively. Ere long you will be healthy. 
  • A RETURN to Nature and Reason is long past due 

Wishing you a disease-free life!

V.S.Pawar                        Member Indian institute of natural therapeutics 1980



05:26 PM | 14-01-2020

Hi Fairy. Please don’t worry. Body has great self healing powers, all you need to do is support your body naturally. For starters, you must read the Journeys of common people who healed from their health issues naturally. There are people who have suffered for many years and then found their solution in a natural lifestyle. 

We suggest you take a personal consultation with our Natural Health Coach who can understand your background better & give you an action plan. You can explore our Nature-Nurtures Program for the same. We will guide you on diet, sleep, exercise, stress, etc to correct your existing routine & make it in line with Natural Laws. Let us know if you are interested.  

All the best.

Regds
Team Wellcure



07:05 PM | 13-01-2020

Princess,

You have an unusual mix of issues that might need close monitoring. If you think you will be comfortable talking to me and taking my step by step guidance, reach me. It may not be very easy to explain here.

If you want to reach me and go through a guided step by step relief from all your problems, then click here to reach me

https://rzp.io/l/1LR1mH1

If you are not, then you can follow this generic lifestyle plan and find some relief too.

The reason you have all these issues is that you have a very bad dysbiosis or GUT health which has consequently led to all the problems you are facing leading to toxins accumulation and inflammation.

Follow a whole food plant-based, low-fat diet with zero oil and gluten-free diet. Stay high on fruits, greens and followed by vegetables and avoid grains

Exposure to sun is crucial for healing

Hydrating your body with enough natural fluids is the key to detoxing

Stay blessed

Smitha Hemadri(Educator of natural healing practices)



07:03 PM | 13-01-2020

हेलो,

कारण - तनावपूर्ण घटनाओं का अनुभव से भी ऐसा हो सकता है।अन्य मानसिक स्वास्थ्य विकार जैसे चिंता, डिप्रेशन, मादक द्रव्यों का सेवन से ऐसा हो सकता है। अस्थमा की समस्या फेफड़ों में संक्रमण और शरीर ऑक्सिजन का संचार कम होने के कारण होता है। शरीर में अम्ल की अधिकता के कारण ऑक्सिजन के संचार में कमी आती है। प्राकृतिक जीवन शैली को अपनाने से सभी समस्याओं का समाधान सम्भव है।

समाधान - भ्रामरी प्राणायाम,ताड़ासन, नटराजासन

वृक्षासन,हस्तपादासन, सर्वांगासन, हलासन, पवन-मुक्तासन, अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें।

प्रतिदिन आप ख़ुद को प्यार दें अपने बारे में 10 अच्छी बातें कोरे काग़ज़ पर लिख कर और प्रकृति को अपने होने का धन्यवाद दें।

जीवन शैली - 1 आकाश तत्व- एक खाने से दूसरे खाने के बीच में विराम दें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें। वाद्य यंत्र शास्त्री संगीत (instrumental classical music)सुनें।ह

2 वायु तत्व- लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें रुकें फिर स्वाँस अंदर भरें ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक टाइम पर करना है। ये दिन में चार बार करें।

अपने कमरे में ख़ुशबू दार फूलों को रखें।

3 अग्Iनि तत्व- सूर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।

4 जल तत्व- नहाने के पानी में ख़ुशबू वाले फूलों का रस मिलाएँ। नींबू या पुदीना का रस मिला सकते हैं।खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें। 

सर पर सूती कपड़ा बाँध कर उसके ऊपर खीरा और मेहंदी या करी पत्ते का पेस्ट लगाएँ,नाभि पर खीरा का पेस्ट लगाएँ।पैरों को 20 मिनट के लिए सादे पानी से भरे किसी बाल्टी या टब में डूबो कर रखें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल + सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद + नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6.सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

7.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ  ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

8.उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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