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Q&A
04:54 PM | 21-04-2020

I had an allergy/sinusitis episode some time back which has led to the Eustachian tube dysfunction for 2-3 months. My ears feel tight and I also hear a low hissing sound (mostly at nights). There is no pain but I get headaches every few days. Please suggest a natural cure.

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

08:12 PM | 22-04-2020

Hello User,

With recurrency in cold and cough, our eustachian block is bound to happen as it directly connected with our nasal symptoms. Inflammation sets in and one tends to get vulnerable in immunity.

Our body is constructed in a simple manner in which it can only take nutrients from things which are simple and easily digestible. When we load our body with high fat, a chronic lethargic diet, with adulterated and packaged food, then it starts causing problems not only in digestion, but also it is tough for it to absorb nutrients from it.

Hence, diet plays a major role in them, the regime which is filled with diet and exercise is how you amalgamate everything for a better healthy and good lifestyle. Here are a few tips which will help you.

Eat:

The first thing in the morning is to start your day with something light in nature. Easy to digest is what your breakfast should be because they are the kind of nutrients that get absorbed easily. Have fruit salad in the afternoon time and vegetable salad as evening snack this will be light on your stomach.

  • A diet rich in Vitamin C will help in dealing with problems. Sources like lemons, oranges, mosumbi will help in dealing with inflammation.
  • Talk one inch of ginger boiled in two cups of water and add 5-6 basil leaves. Drink during evening time. This will helps in dealing with inflammation.
  • Regular steam inhalation with 5-6 drops of tea tree oil, is needed in order to relax nerves and open the eustachian block and function it normally, take it twice a day.

Exercise:

  • Pranayam helps in detoxifying the body. Practicing it early morning in an area that has good sunlight will help in improving blood circulation in ear canals.
  • Continuous yawning and swallowing tend to reduce block in the ears.

Meditation:

In any kind of disease, stress comes complementary to it, but with our assurance and positive attitude, we can treat anything. The best thing to start with is breathing mindfully before sleep with the help of music to stay positive. Use a 15-minute relaxation technique before sleep, by hearing a piece of soothing music and deep breathing will help in relaxing your mind.

A positive attitude will help you to deal with everything in life.

Sleep:

Sleeping for at least 7-8 hours is really helpful in dealing with any problem. Sleep is our body's natural response and helps the body to heal. Sleep relaxes the muscles and strengthens our body. During sleep, our body goes into a repair mechanism where it heals itself.

Hopefully, these suggestions will help you

Thank you.



08:38 PM | 21-04-2020

हेलो,
कारण - साइनस में सूजन आ जाती है और यह किसी संक्रमण के कारण होती है। आप सिर दर्द या अपने चेहरे में दर्द और नाक बंद होने का अनुभव कर सकते हैं। शरीर में म्यूकस इंफेक्शन है। यह आंत के संक्रमित होने पर होता है।शरीर में अम्ल की अधिकता होने पर संक्रमण का खतरा हमेशा बना रहता है। 
यूस्टेचियन ट्यूब के बंद हो जाने पर मध्य कान को पर्याप्त ताजी हवा नहीं मिल पाती है, जिसके कारण वह हिस्सा आद्र, निष्क्रिय व गर्म हो जाता है और जीवाणुओं के पनपने के लिए उचित स्थान बन जाता है।
इससे सुनने की शक्ति बाधित होती है। प्राकृतिक जीवन शैली को अपनाकर पूर्ण स्वास्थ्य का लाभ उठा सकते हैं।

समाधान- 1. ऐसा खाना जो कि देर तक पछता नहीं है उसका त्याग करें। जैसे दूध, गेहूं, मैदा, रिफाइंड नमक और रिफाइंड शुगर और पैकेट फूड। फल, सब्जी, और कच्ची सब्जी का जूस को प्रतिदिन ले।ऐसा करने से पाचन शक्ति मजबूत होगा और आंतों की सफाई हो पाएगी। ऑक्सीजन और रक्त का संचार ठीक प्रकार से हो पाएगा।

2. सूर्य की रोशनी में 20 मिनट का स्नान सूर्य की रोशनी से करें 5 मिनट सामने 5 मिनट पीछे 5 मिनट दाएं 5 मिनट बाएं भाग में धूप लगाएं।दुख हमेशा लेट कर लेना चाहिए धूप की रोशनी लेते वक्त सर और आपको किसी सूती कपड़े से ढक ले। सूर्य नारी मंद होने पर  इन्फेक्शन अधिक होता है अतः आप जब भी सोए अपना दायां भाग ऊपर करके सोए। संक्रमण से बचने का यह मुख्य उपाय है और इसे पाचन शक्ति भी मजबूत होती है।

3. प्रतिदिन अपने पेट पर खाने से 1 घंटे पहले या खाना खाने के 2 घंटे बाद गीले मोटे तौलिए को लपेटे एक तौलिया गिला करके उसको निचोड़ लें और उस तौलिए को 20 मिनट तक अपने पेट पर लपेटकर रखें ऐसा करने से आपका पाचन तंत्र दुरुस्त होगा।

4. हर 3 घंटे में लंबा गहरा श्वास अंदर लें उसको थोड़ी देर रोकें और फिर सांस को खाली करें। खाली करने के बाद फिर से रुके और फिर लंबा गहरा सांस ले। यह एक चक्र है ऐसा दिन में 10 चक्र करें केवल एक शर्त का पालन करें जब आप लंबा गहरा सांस ले रहे हैं तो अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का बढ़ेगी और ऑक्सीजन का संचार सुचारू रूप से हो पाएगा।

5.कान के पिछले हिस्से पर अपनी तीनों गलियों से मालिश करें हाथ को घुमाने के लिए किसी तेल का प्रयोग कर सकते हैं कान के अंदर कुछ भी ना डालें कान के बाहरी पिछला हिस्सा पर तीन उंगलियों से मसाज करें क्लाकवाइज और एंटीक्लाकवाइज बहुत ही नरम हाथों से प्रेशर नहीं पड़ना चाहिए।

जीवन शैली - 1. आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

2.वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

3.अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

4.जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।तिल के तेल रीढ़ की हड्डी पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ash guard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100 ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ash guard) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200 ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

 



08:56 PM | 22-04-2020

Dear Tanvi,

We do understand how uncomfortable it is for you. Please understand that, as per Nature Cure, the body works in unison and different health issues (sinusitis, tightness in the ear, and frequent headaches in your case) eventually are related. Toxic overload is the basic root cause of all diseases. Toxins are a byproduct of metabolism and also get added due to wrong lifestyle choices. Due to insufficient elimination of toxins (via kidneys, skin & lungs) the body gets clogged and the toxins cause inflammation of tissues. When the toxic load within the body is too high, the body attempts to throw out toxins and get back to balance by giving rise to various health issues.

As per Nature cure, we can reverse this state of imbalance by getting back in sync with the natural laws of living. We would thereby urge you to transition into a natural lifestyle and experience your body's own healing mechanism. 

You can explore our Nature-Nurtures program that helps you in making the transition, step by step. Our Natural Health Coach will look into your daily routine in a comprehensive way and give you an action plan. She/he will guide you on a diet, sleep, exercise, stress to correct your existing routine & make it in line with Natural Laws.

Wishing you good health!

Team Wellcure


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