Loading...

Welcome to Wellcure: We help you live a disease free and medicine free life

Q&A
12:43 PM | 29-04-2020

I need some suggestions on how to maintain good vaginal health and how to choose size of the menstrual cup?

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

Read more
Post as Anonymous User
3 Answers

08:01 PM | 29-04-2020

Hello User,

Your vaginal health is not limited to cleaning your vagina twice with warm water daily but also helps in reflecting your whole body's nutritive status.

The disease of the reproductive system starts with the high fat and chemical-based diet we are loading our gastrointestinal tract with. Any disease can make you pre-dispose to another, because of your lifestyle continuation, if you take care of your lifestyle at this moment, then there are definite chances that you get yourself treated well and your menstrual cycle will be healthy with a healthy vagina.

In any case, the cure remains the same, which is a holistic cure in nature's way.

Information about menstrual cups:

  • Small Size -For First Time Cup Users & Teenagers Cup Details, Diameter - 42mm Height - 63mm Volume around 15ml.
  • Moderate Size - For Women with Normal Flow or those with C section delivery, Diameter - 46mm Height - 68mm Volume around 20ml.
  • Large Size - For Women with heavy Flow or the who have had Vaginal Delivery, Diameter - 49mm Height - 75mm Volume around 30ml

Eat:

  • Start with food items like jaggery, dates, sprouts, green leafy vegetables which help in increasing iron content which helps in regularising menstrual cycle to give out an adequate amount of blood during that phase.
  • Vitamin C addition helps in easy-iron absorption, for example adding lemon in dals. Vitamin C keeps our cells activated.
  • Include one fruit like apple, papaya ora banana a day to have a healthy GUT.
  • You can also have cinnamon water, empty stomach as it helps in insulin sensitivity. Insulin sensitivity helps us in treating menstrual issues if you have any.
  • Clean your vagina thrice a day especially after coming from out with warm water and keep the area dry as much as possible.

Exercise:

  • Sleep on your back, raise one leg and start rotating in a circular motion for 5 times and place it back, repeat the same with the other leg. This will elevate your uterine muscles.
  • Squats are another exercise to improve uterine health. Do it 15-20 times at one time.
  • Sit and take 10-15 long deep breaths from the abdomen, to release all the toxicity from the body, helping us to gain back our normal hormone cycle.

Meditation:

While sleeping, take a bowl of water. Put two-three essential oil drops like lavender or orange and inhale it. It will help in calming nerves and automatically our body will start getting the rhythm back. Listen to music for 15 minutes by closing your eyes and deep breathing, this will help in treating stress.

Sleep:

Sleep should be of 7-8 hours, sound. This will help in releasing all stress and treat all the issues in a healthy manner. It is time to get yourself healthy and wise.

Hopefully, these suggestions will be helpful

Thank you.



10:42 AM | 30-04-2020

Dear Bhoomika,

Thanks for sharing your query with us. We suggest you read this blog to get relevant information about menstrual cups - Green the red - chemical-free, eco-friendly menstruation

Regards,

Team wellcure



07:59 PM | 29-04-2020

हेलो,
कारण - वैजिनल हेल्थ के लिए सही खुराक सही तरीके से लेना आवश्यक होता है क्योंकि यह 70% हमारा शरीर जल से बना हुआ है ऐसा जल जो कि फल सब्जियों में मिलता है इसका इसे कोहेसिव वाटर बोलते हैं अमृत पेय यह हमारी शरीर की जरूरत है अगर यह हम पर्याप्त मात्रा में लें तो हमारे शरीर का कोई भी हिस्सा स्वस्थ रह सकता है। यानी कि अपने आहार में आप फल, सब्जी का सलाद, सब्जी का जूस,  मेवे इनको शामिल करें। पांच तत्व से हमारा यह शरीर बना हुआ है उन तत्वों का प्रयोग प्रतिदिन अपने जीवन शैली में करें। मेंस्ट्रुअल कप का यूज किस प्रकार से करना है और उसका साइज क्या होना चाहिए यह आपके मासिक धर्म के समय रक्त प्रवाह पर निर्भर करता है अगर रक्त का प्रवाह कम से नॉर्मल है तो आप स्मॉल यूज कर सकते हैं। अगर नॉर्मल से हैवी है तो आप नॉर्मल साइज यूज कर सकते हैं साथ ही मेंस्ट्रुअल कप का साइज आपकी आयु पर भी निर्भर करता है आप कितने वर्ष के हैं और आपका बॉडी का वजन कैसा है अगर आप बॉडी वेट आपका ज्यादा है तो आपको नार्मल या large साइज यूज करना चाहिए। हमारा पेल्विक मसाज हो इसके लिए आप कुछ एक्सरसाइज भी करें जिससे इस एरिया में फ्लैक्सिबिलिटी बनी रहे।
प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को अपनाकर  पूर्ण स्वास्थ्य पाया जा सकता है।
समाधान - 1. दौड़ लगाएं, मर्जरीआसन, योनि बंध आसन
गोमुखासन करें। 
2. मेरुदंड स्नान काफी लाभकारी होता है यह हमारे स्नायु तंत्र को स्वस्थ रखता है । एक मोटा तोलिया लेकर उसको भिगो दें बिना निचोड़े योगा मैट पर बिछाए और उसके ऊपर कमर से लेकर के कंधे तक का हिस्सा रखें। उस गीले तौलिए पर रहे 20 मिनट के बाद इसको हटा दें। 
हफ्ते में 3 दिन हिप बाथ करें। एक टब में नाभि भर पानी रखें।
उसमें बैठ जाए और संकुचन क्रिया करें 20 मिनट का यह क्रिया पेल्विक एरिया और योनि के स्वास्थ्य को बेहतर बना देगा।

3. बेलपत्र और दूब घास का जूस सुबह खाली पेट ले 4 से 5 बेलपत्र को पीसकर 200 ml पानी मिलाकर छान लें और इसको मुंह में 40 गिनने तक रख कर पिए।

4. लंबा गहरा श्वास अंदर लें रुको थोड़ी देर सांस को पूरी तरीके से खाली करें और फिर रुके थोड़ी देर ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन का सरकुलेशन ठीक हो जाएगा। शरीर के किसी भी हिस्से के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए ऑक्सीजन का सरकुलेशन ठीक होना बहुत जरूरी है।

 5. सूर्य की रोशनी में 20 मिनट का स्नान सूर्य की रोशनी से करें 5 मिनट सामने 5 मिनट पीछे 5 मिनट दाएं 5 मिनट बाएं भाग में धूप लगाएं।दुख हमेशा लेट कर लेना चाहिए धूप की रोशनी लेते वक्त सर और आपको किसी सूती कपड़े से ढक ले। सूर्य नारी मंद होने पर  इन्फेक्शन अधिक होता है अतः आप जब भी सोए अपना दायां भाग ऊपर करके सोए।  इसे हाजमा ठीक होगा।

6.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ash guard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100 ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ash guard) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

7. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं। हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

8. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200 ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


Scan QR code to download Wellcure App
Wellcure
'Come-In-Unity' Plan