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Q&A
11:08 AM | 04-05-2020

Age -24, suffering from Anemia plus increased heart rate, hypertension (shaking hands) and premature ejaculation , from 2-3 years. Help!

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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4 Answers

12:22 PM | 06-05-2020

हेलो,
कारण -1. रक्ताल्पता (रक्त अल्पता), का साधारण मतलब रक्त (खून) की कमी है। यह लाल रक्त कोशिका में पाए जाने वाले एक पदार्थ (कण) रूधिर वर्णिका यानि हीमोग्लोबिन की संख्या में कमी आने से होती है। हीमोग्लोबिन के अणु में अनचाहे परिवर्तन आने से भी रक्ताल्पता के लक्षण प्रकट होते हैं। हीमोग्लोबिन पूरे शरीर मे ऑक्सीजन को प्रवाहित करता है और इसकी संख्या मे कमी आने से शरीर मे ऑक्सीजन की आपूर्ति मे भी कमी आती है जिसके कारण व्यक्ति थकान और कमजोरी महसूस कर सकता है।
2. शीघ्रपतन की समस्या भी रक्त और ऑक्सीजन केेेे संचार ना होने पर होता है।
3. हाइपरटेंशन को ही उच्च रक्तचाप व हाई बीपी की समस्या कहते है, जिसमें धमनियों में रक्त का दबाव बढ़ जाता है। इस दबाव की वृद्धि से रक्त की धमनियों में रक्त का प्रवाह बनाए रखने के लिये दिल को अधिक काम करने की आवश्यकता पड़ता है। यह सभी प्रतिक्रिया इस बात की सूचक है कि आपके शरीर में

ऑक्सीजन और रक्त का संचार ठीक प्रकार से नहीं हो पा रहा है। रक्त और ऑक्सीजन के संचार में कमी होने का मुख्य कारण पाचन तंत्र में अम्ल का बढ़ना है। जैसे वायुमंडल में हवा दूषित होने पर ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है उसी तरीके से शरीर में अम्ल की मात्रा बढ़ने से ऑक्सीजन और रक्त की संचार में कमी आती है।

प्राकृतिक जीवन शैली को अपनाकर इसे पूर्ण रूप से ठीक किया जा सकता है इसको ठीक होने में 8 से 10 महीने का समय लग सकता है।

समाधान- 1.  सुबह खाली पेट अनिवार्य रूप से जितना हो सके कच्चे हरे पत्तों का जूस छानकर पिए जैसे पालक, दूब घास, बेलपत्र, धनिया पत्ता, तुलसी का पत्ता इन्हें  पीसकर 200ml पानी मिलाकर छानकर पीएं। खाली पेट इन पत्तों का जूस बहुत ही ज्यादा लाभदायक होता है। यह रक्त को शुद्ध करेगा।

 2. 20 मिनट सूर्य की रोशनी में अपने शरीर को रखें सिर और आंख को किसी सूती कपड़े से ढक करके 5 मिनट बैक 5 मिनट फ्रंट 5 मिनट लेफ्ट 5 मिनट राइट साइड धूप लगाए। धूप लेट कर लगाने से ज्यादा फायदा करता है।

 3. हर 3 घंटे में लंबा गहरा श्वास अंदर लें उसको थोड़ी देर रोकें और फिर सांस को खाली करें। खाली करने के बाद फिर से रुके और फिर लंबा गहरा सांस ले। यह एक चक्र है ऐसा दिन में 10 चक्र करें केवल एक शर्त का पालन करें जब आप लंबा गहरा सांस ले रहे हैं तो अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का बढ़ेगी और ऑक्सीजन का संचार सुचारू रूप से हो पाएगा। दौड़ लगाएं।

4.जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। पेट के ऊपर एक गिला कपड़ा लपेट कर रखें 20 मिनट तक उसको लपेटे रखें इससे आंत को ठंडक पहुंचेगी और विषाक्त कणों को निष्कासन में मदद मिलेगा।

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।

तिल के तेल रीढ़ की हड्डी पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

 



02:10 PM | 06-05-2020

Namaskar!

As is evident from your query you seem to be facing multiple health issues, we can understand what you are going through. Here we need to understand that, Nature Cure believes that the root cause of most of the health conditions is Toxaemia- the accumulation of toxins within the body.  While some toxins are an output of metabolism, others are added due to unnatural lifestyle- wrong food habits, lack of rest, and stress. Having a health issue means there is toxic waste in the body that it is unable to eliminate. Once you support your body by aligning your lifestyle to Natural Laws, your body is able to eliminate toxins and self-heal from within.

 You can explore our Nature-Nurtures program that helps you in making the transition, step by step. Our Natural Health Coach will look into your daily routine in a comprehensive way and give you an action plan. She/he will guide you on a diet, sleep, exercise, stress to correct your existing routine & make it in line with Natural Laws.

Please refer to the below resources to understand more about Nature Cure:

Blogs -

    1. Blood pressure - from nature’s perspective

    2. Real-life natural healing stories of people who could take care of their BP  just by following Natural Laws

    3. You must also read the Journeys of common people who healed from their health issues naturally. There are people who have suffered for many years and then found their solution in a natural lifestyle. 

 

Wishing you the best of health!

Team Wellcure



06:00 PM | 31-08-2021

Hello user,

Anaemia is a condition in which the haemoglobin level is below the normal level. For women, the normal range of haemoglobin is 12-15.5 grams per deciliter and for men, it is 13-17.5 grams per deciliter. Haemoglobin is an iron-containing protein present in the red blood cells. It transports oxygen from the lungs to other body parts. Due to lack of haemoglobin, oxygen supply gets effected which results in other health issues like tiredness, fatigue, laziness, headache, lack of concentration, lack of energy, etc.

Reasons for anaemia-

  • A diet lacking in vitamins, minerals, iron and other proper nutrients. 
  • Intestinal disorders- Some intestinal disorders affect the absorption of nutrients in the intestine such as Crohn's disease. 
  • Alcohol consumption. 
  • Consuming certain medications.
  • Heavy bleeding during menstruation. 
  • Any chronic disease like cancer, diabetes, kidney disease. 
  • Inherited- If your family has a history of inherited anaemia like sickle cell anaemia. 

Diet to follow- 

  • Eat only plant-based natural foods.
  • Have beans,  lentils, cereals, dark green leafy vegetables, dry fruits as they will provide iron to the body to cope with the haemoglobin deficiency. 
  • Along with the green vegetables have soybeans for vitamin B12 and have fruit juices, peanuts, green peas, while grains for folate.
  • Vitamin C is also very important as vitamin c and vitamin B12 helps in the absorption of iron in the intestine. So, have vitamin C rich foods like citrus fruits and juices, tomatoes, pepper, melons, strawberries. 
  • Have brown sugar instead of white sugar.
  • Have brown rice instead of white rice. 
  • Drink plenty of water throughout the day to be hydrated. 

 

Foods to avoid- 

  • Avoid packaged foods and processed foods as they result in the accumulation of toxins in the body. 
  • Avoid deeply fried foods and spicy foods.
  • Avoid carbonated drinks. 
  • Avoid dairy products like milk, curd, paneer, butter and animal foods. 
  • Avoid tea, coffee and other caffeinated drinks as they suppress the absorption of iron.

Yoga

Performing yoga asanas increase the immunity, increases blood circulation so that the blood and oxygen can reach every part of the body, improves digestion and absorption,  and involves the stretching of muscles.

  • Perform 12 sets of suryanamaskar daily. 
  • Perform anulom-vilom pranayam and ujjayi pranayam. 
  • Perform hala asana, gomukha asana, paschimottan asana, uttana asana, sarvanga asana, bhujanga asana daily.
  • Perform kapalbhati for 5min. Initially start by 1min and then gradually increase it day by day. 

Sleep

Sleep relaxes the body and mind, bursts out all the stress. The body repairs its damaged cells and tissues while we sleep.

Take a good quality sleep for at least 8-10 hours daily. 

Sleep early at night and also wake up early in the morning. 

Avoid using electronic gadgets 1hour before sleeping for a good quality sleep. 

Thank you 



08:54 PM | 31-07-2021

It's really helpful thank you. 


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