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Welcome to Wellcure: We help you live a disease free and medicine free life

Q&A
11:36 AM | 04-05-2020

Skin problem on legs like cuts. Feel like scratching lot of itching. Pls advise!

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

12:37 PM | 06-05-2020

Hello User,

With kind of symptoms you have mentioned it can be either psoriasis or dermatitis, but to give it a natural treatment the cause remains the same inflammation. 

To simplify both, our body is getting affected by our day to day lifestyle and activates its defense mechanism in order to protect it. Skin giving the first reaction to everything going inside the body, that is where skin cuts and itching begins.

Now what can be these things which are body is protecting from? Stress, smoking, vitamin D deficiency (low sun exposure), any kind of past skin injury-causing infection, a high-fat diet which causes difficulty indigestion. Now that we are clear about the cause. An initiative for holistic change can help you from within and treat you the best.

Eat:

Starting your day with something light in nature and easy to digest is what your breakfast should be. Even the early morning ritual should include consumption of two-three glasses of warm water will help in flushing out all the toxins.

  • The diet rich in Vitamin C is what we should start with like oranges, mosumbi, lemon, berries are going to be very helpful in the case of iron absorption.
  • Refined sugar and salt, dairy product, and gluten should be completely avoided in your situation.
  • Application of coconut oil is important, one tablespoon of coconut oil in 2-3 drops of tea tree oil will help in keeping the skin moist, apply thrice a day.
  • One tablespoon of olive oil mix with your bathing water while taking a bath.
  • In the evening two hours after your meal in the afternoon take one inch of ginger, one teaspoon of honey and half teaspoon of turmeric in one cup of water, bring it to boil for 5-10 minutes and consume daily. This will help in treating inflammation.

Exercise:

  • Surynamakar helps in increasing the blood circulation doing 12 sets will help, start with 6 if you are a beginner.
  • A brisk walk in early morning sun from 30-45 minutes, helps in treating your body to its level best. Sun is the best source of Vitamin D taking brisk to walk around 6-7 will help in treating psoriasis.

Meditation:

In any kind of disease, stress comes complementary to it, but with our assurance and positive attitude, we can treat anything. The best thing to start with is breathing mindfully before sleep with the help of music to stay positive. A positive attitude will help you to deal with everything in life.15-minute relaxing meditation with the help of light music before sleep will help you in relaxing.

Sleep:

Sleeping for at least 7-8 hours is really helpful in dealing with any problem, sleep is our body's natural response and helps the body to heal. Sleep relaxes the muscles and strengthens our body.

Hopefully, these suggestions will help you

Thank you.



01:46 PM | 14-05-2020

Namaskar!

Thanks for sharing your query. Nature Cure believes that the root cause of most of the health conditions is Toxaemia- the accumulation of toxins within the body.  While some toxins are an output of metabolism, others are added due to unnatural lifestyle- wrong food habits, lack of rest, and stress.  Skin is the largest surface area organ. The state of our skin truly reflects the state of our health. Having a skin issue means there toxic waste in the body that it is unable to eliminate. Once you support your body by aligning your lifestyle to Natural Laws, your body is able to eliminate toxins and self-heal from within.

 You can explore our Nature-Nurtures program that helps you in making the transition, step by step. Our Natural Health Coach will look into your daily routine in a comprehensive way and give you an action plan. She/he will guide you on the diet, sleep, exercise, stress to correct your existing routine & make it in line with Natural Laws.

Please refer to the below resources to understand more about skin issues & Nature Cure.

Blogs

  1. Skin – An indicator of good health

  2. Free Yourself from Harmful Chemicals – Switch to Natural Beauty Products

Real-life natural healing stories of people who cured Skin Issues just by following Natural Laws.

Wishing you good health!

Team Wellcure



12:42 PM | 06-05-2020

हेलो,
कारण - स्वस्थ त्वचा नमी को बनाए रखने में मदद करती है और आपको बैक्टीरिया और अन्य एलर्जी से बचाती है। शरीर मेंं अम्ल की अधिकता से  त्वचा की सुरक्षा प्रदान करने की योग्यता में कमी आ जाती है। त्वचा हमारे शरीर का सहज ज़रिया है अम्ल (acid) को प्रतिबिम्बित करने का। शरीर (elimination)निष्कासन की प्रक्रिया में लगा है। हम उसको आहार शुद्धि से मदद करें।

समाधान - 1. खीरा एलोवेरा का पल्प का पेस्ट वंहा लगाएँ जंहा परेशानी है।  20मिनट के लिए लगाएँ।

2. त्वचा को गुलाब जल बेसन और हल्दी से साफ़ करें। साबुन या कोई भी क्रीम का प्रयोग बंद कर दें।

3. नहाने के पानी में ख़ुशबू वाले फूलों का रस मिलाएँ। नींबू या पुदीना का रस मिला सकते हैं।खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

4. मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें। हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें।अपने मेरुदंड को उस पर रखें।

5. बार बार कुछ भी खाने से बचे फल के बाद 3 घंटे का अंतराल (gap) रखें। क्षार (alkaline) जूस के बाद 1घंटे का अंतराल रखें। कच्चे सब्ज़ियों के सलाद के बाद 5 घंटे का अंतराल रखें। अनाज और पकी हुई सब्ज़ी अगर तेल रहित (oil free) के बाद 8 घंटे का तेल घी का प्रयोग किया गया हो तो 12 से 13 घंटे का अंतराल रखें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें। 

6. त्वचा या शरीर के किसी भी हिस्से को स्वस्थ प्रदान करने के लिए ज़रूरी है।सुबह लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें रुकें फिर स्वाँस अंदर भरें ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक टाइम पर करना है। ये दिन में चार बार करें।

7. सूर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।

8. सुबह ख़ाली पेट आधा खीरा 5 पुदीने या करी पत्ते के साथ पिस कर उसमें 100ml पानी मिला कर पिएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। जूस को मुँह में रख कर एक बार सहज स्वाँस लें फिर घूँट अंदर लें।

2 घंटे बाद कोई भी एक तरीक़े का फल नाश्ते में लें।फल को ठीक से चबा कर खाएँ। कोई नमक या चाट मसला या चीनी, दूध मिक्स ना करें। 

दोपहर 12 बजे सफ़ेद पेठे (ashguard) 20 ग्राम पीस 100ml पानी मिला कर लें।

नमक सेंधा ही प्रयोग करें। नमक की पके हुए खाने में भी बहुत कम लें। सब्ज़ी पकने बाद उसमें नमक डालें। नमक पका कर या अधिक खाने से शरीर में (fluid)  की कमी हो जाती।

सलाद दोपहर 1बजे बिना नमक के खाएँ तो अच्छा होगा क्योंकि नमक सलाद के गुणों को कम कर देता है। 

सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी लें।रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लें। रात 8 बजे के बाद कुछ ना खाएँ, 12 घंटे का (gap) अंतराल रखें। 8बजे रात से 8 बजे सुबह तक कुछ नहीं खाना है।

9.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं। तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें। हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

10. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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