Q&A
01:55 PM | 13-05-2020

My condition is getting worse, I have tried everything exercise, ayurveda but it is not working on me, please help! I am suffering from ankylosing spondylitis.


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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4 Answers

12:13 PM | 22-05-2020

Hello Binny,
Ankylosing spondylitis is an inflammatory disease that causes stiffness in the lower back and hips, especially in the morning or after a period of inactivity. 

Possible reasons for ankylosing spondylitis-

  • Heredity.
  • Bad posture.
  • Improper eating habits.
  • Incorrect sleeping pattern. 
  • Lack of physical activity. 

Some tips-

  • Do stretching daily.
  • Always maintain a good straight posture with your backbone straight. 
  • Apply a hot pack on the affected areas to reduce pain.
  • You can apply a cold pack to reduce the inflammation. 
  • Avoid being in a single posture for too long.

Diet

  • Start the day with 2, 3 glasses of warm water. This will help to flush out the toxins out of the body. 
  • Eat only plant-based foods. 
  • Eat overnight soaked raisins.
  • Include salads, sprouts, nuts, beans in your diet.
  • Eat fresh fruits and vegetables. 
  • Avoid packaged and processed foods. 
  • Avoid tea, coffee, and other caffeinated drinks. 
  • Avoid carbonated drinks. 

Exercise 

  • Doing stretching exercises is very important to keep the joints and body flexible. 
  • Perform tada asana, padahasta asana, trikona asana, Hala asana daily.
  • Do anulom-vilom pranayam and bhramri pranayam regularly. 
  • Take sunrays daily in the morning. 

Sleep 

Always sleep early at night at around 10 pm and also wake up early in the morning at around 6 am.

Take 7-8 hours of sleep regularly. 

Avoid using any electronic types of equipment like mobiles, laptops, tv, computers one hour before sleeping to improve the quality of sleep. 

Thank you 



04:46 PM | 13-05-2020

हेलो,
कारण -  एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस रोग रीढ़ की हड्डियों से संबंधित रोग है, इस स्थिति में रीढ़ की हड्डी में सूजन आ जाती है। यह आर्थराइटिस का ही एक प्रकार है, जिसमें रीढ़ की हड्डी से लेकर गर्दन तक लगातार दर्द रहता है। यह स्थिति हड्डियों के ज्यादा विकसित होने की वजह से होती है,  हड्डियों में असामान्य फ्यूजन होने लगता है। किसी भी चिकित्सा पद्धति में यदि मूल कारण पर काम ना  हो तो वह उतना प्रभावी नहीं रह जाता है। शरीर में हो रहे दर्द का कारण हमारा अस्वस्थ पाचन तंत्र है तो पहले हम पाचन तंत्र पर काम करें तो उसका असर शरीर के किसी भी हिस्से में जहां दर्द है किसी भी तरीके की असुविधा  है वह ठीक हो जाएगी। 
 शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द का मुख्य कारक होता है शरीर में बढ़ा हुआ अम्ल। शरीर का हाजमा खराब होने पर हमारे शरीर में अम्ल की अधिकता हो जाती है। शरीर में अम्ल की अधिकता होने पर रक्त संचार में कमी आती है और यह दर्द का कारक बनता है।
यह एक दीर्घ कलिक रोग यानी क्रॉनिक डिजीज के श्रेणी में आती है। उत्तम स्वास्थ्य हेतु प्राकृतिक जीवन शैली अपनाएं।

समाधान -1. मेरुदंड स्नान काफी लाभकारी होता है यह हमारे स्नायु तंत्र को स्वस्थ रखता है । एक मोटा तोलिया लेकर उसको भिगो दें बिना निचोड़े योगा मैट पर बिछाए और उसके ऊपर कमर से लेकर के कंधे तक का हिस्सा रखें। उस गीले तौलिए पर रहे 20 मिनट के बाद इसको हटा दें। ऐसा करने से आप का मेरुदंड में ब्लड और ऑक्सीजन का सरकुलेशन ठीक हो जाएगा।  जो कि हमारे सिर के नसों से कनेक्टेड रहता है।

प्रतिदिन अपने पेट पर खाने से 1 घंटे पहले या खाना खाने के 2 घंटे बाद गीले मोटे तौलिए को लपेटे एक तौलिया गिला करके उसको निचोड़ लें और हूं उस तौलिए को 20 मिनट तक अपने पेट पर लपेटकर रखें ऐसा करने से आपका पाचन तंत्र दुरुस्त होगा।

2.. सूर्य की रोशनी में 20 मिनट का स्नान सूर्य की रोशनी से करें 5 मिनट सामने 5 मिनट पीछे 5 मिनट दाएं 5 मिनट बाएं भाग में धूप लगाएं।दुख हमेशा लेट कर लेना चाहिए धूप की रोशनी लेते वक्त सर और आपको किसी सूती कपड़े से ढक ले। सूर्य नारी मंद होने पर   अम्ल की अधिकता होती है।

 अतः आप जब भी सोए अपना दायां भाग ऊपर करके सोए। 

3. स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है। तिल के तेल रीढ़ की हड्डी पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise) में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

4. हर 3 घंटे में लंबा गहरा श्वास अंदर लें उसको थोड़ी देर रोकें और फिर सांस को खाली करें। खाली करने के बाद फिर से रुके और फिर लंबा गहरा सांस ले। यह एक चक्र है ऐसा दिन में 10 चक्र करें केवल एक शर्त का पालन करें जब आप लंबा गहरा सांस ले रहे हैं तो अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का बढ़ेगी और ऑक्सीजन का संचार सुचारू रूप से हो पाएगा।

5. खीरा 1/2 भाग, धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashgourd ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है।  फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल (yellow pumpkin) 50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgourd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस (solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)



04:21 PM | 13-05-2020

Hello Binny,

Akylosing spondylosis is an inflammatory reaction which reduces the flexibility of spine by fusing the small bones. According to our body, it is a functional change. But the natural cause is accumulation of all toxins.

Our blood starts reacting to the antigens, which are the result of our chronic high fat diet and sedentary lifestyle. Even bad posture is a cause of spondylitis. It is time to make some changes in the lifestyle in order to treat the condition effectively. From neck to lower back, it has a tendency to make our spine more rigid.

Here are a few guidelines which you can keep in mind in order to heal.

Eat:

• Avoid alcohol.

• Include calcium-rich food and increase vitamin D intake to support bone health.

• Practice a diet which is rich in fruits, raw vegetables and whole grains which will help in the treatment of cervical spondylosis.

• Limit fats, animal products, processed or mixed foods, and try to drink 8 to 10 glasses of water each day.

Exercise:

  • Daily physical activity is crucial for people with this disease. This can reduce pain and also improve your mobility, posture and helps you maintain your flexibility.
  • Practising good posture can help prevent spinal fusion in a stooped or deformed position. Not everyone will have a fusion in the spine, but practising good posture can help keep your spine in a place that looks and feels better.
  • Posture exercises should be practised daily to have the best impact on cervical to back spine. Sitting on a chair, look on the front, flex your neck downwards bring it to centre, extend upwards bring it to centre. Then slowly rotate. Do this set 10 times in order to increase circulation and your flexibility is maintained.

Massage can help you achieve that perfect mobility despite your disease. Massaging for 15-20 minutes is very important to improve blood circulation in that area. Massage with coconut or almond oil after warming it.

Meditation:

  • Practice mindful meditation.
  • Deal with your stress.
  • Allow positivity to be part of your life.

Doing 15-minute exercise before sleep about deep breathing will help in relaxing your mind, you can use music also for relaxation.

Sleep:

Sleeping for at least 7-8 hours is very important in order to completely relax.In sleep what our body does is go through is the process of repair. Relax your self by taking a water bowl and 2-3 drops of essential oil, like orange and lavender which will help in relaxing the sleep. This will aidin treating any kind of inflammation.

It is time to make ourselves healthier without disease hampering our growth.

Hopefully, these suggestions will help.

Thank you.



02:36 PM | 21-05-2020

Namaskar!

Thanks for sharing your concern with us! 

Ankylosing spondylitis is a kind of arthritis associated with inflammation of joints of the spine. It can indeed be a very painful condition! Let us try understanding the cause of this condition. As per Nature Cure, the human body works towards maintaining its pH or acid-alkaline balance. It functions optimally when the pH of the blood is slightly alkaline (around 7.36-7.42). However, wrong lifestyle choices like unnatural food, overwork without adequate rest, wrong thinking, stress, not taking in enough sunlight and fresh air and sedentary lifestyle etc. result in built-up of acidic residues. Body tries to restore the alkalinity of the blood by leaching calcium from bones. This results in weakening of bones and joints along with inflammation and pain. In fact, pain is the body's indication that something is out of sync and needs corrective action!

Please know that the body has self healing powers and ability to reverse disease and painful conditions. As you start aligning your body to the laws of nature you would be surprised to see how your body starts responding by eliminating toxins and restoring balance. You can also explore our Nature-Nurtures Program that can help her in making the transition, step by step. Our Natural Health Coach will look into your routine in a comprehensive way and give you an action plan. She/he will guide you to correct your existing routine & make it in line with Natural Laws. Please let us know if you are keen to explore. 

In the meanwhile, here are some resources available on our platform, you may want to explore:

  1. Blogs:

  2. Health Journeys of people who successfully recovered from ankylosing spondylitis naturally

We wish you luck on your way to pain-free life!

Team Wellcure


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