11:23 AM | 06-07-2020

How to treat varicose veins?

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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2 Answers

12:33 PM | 07-07-2020

Hello Tina Grace,

With our sedentary lifestyle and fatty diet, the legs which are the weight-bearing joint of our body gets extra-loaded and this tends to make our body very weak and vulnerable. In order to protect our body from more damages, we have to protect it with a healthy lifestyle.

The reason our body works in harmony is because of the fact that the fluid is present in the body in case of varicose veins it is the blood flowing. This acts as grease in the body which tends to make sure that all the organs have a smooth flow in function. The valve in the veins gets disturbed due to the fact that the cartilage is not getting a sufficient amount of blood circulation. So, our main focus is to make sure that our body gets fluid.


When we eat the right kind of food at the right time we make sure that it is easily absorbed.

  • Let us start our day with a good amount of water.2-3 glasses of warm water help in flushing out the toxins. These toxins which come and make our immunity vulnerable to diseases need to be flushed.
  • Your breakfast should comprise something light, a fruit bowl and after some time a vegetable juice is easy to digest. This will help in the absorption of nutrients easily. Vitamin C helps in regulating blood pressure which eases on the valves of the legs.
  • The consumption of seeds after lunch like a mouth freshener is a very good chance of dealing with it, this is a good way you can rely on to consume seeds, seeds will help in increasing blood quantity and easy flow. Jaggery and dates are also a good addition.


Let us start with dealing with the exercise part in a broader spectrum, exercising will not only help you in bringing back the comfort but also get a good amount of exercise.

1. After sitting on a chair, raise your legs at a right angle one by one and do it continuously, for 25 times. Do it with one long breath at a time.

2. A brisk walk is something that you can do daily at a slow pace.

3. By sleeping on your back, you do leg raise alternately, this will put more pressure on the muscles.


  • Practice mindful meditation.
  • Deal with your stress.
  • Allow positivity to be part of your life.

Doing a 15-minute exercise before sleep like deep breathing will help in relaxing your mind, you can use music also for relaxation. A calm mind will lead to a healthier body.


Getting 7-8 hours of sleep is very essential for the body, during sleep our body repairs itself and rejuvenates us for the whole day.

Taking good precautions with diet and exercise which is mandatory-you need another mode of treatment like,

  • Wearing tight stocking till your thighs in your day to day work.
  • Whenever you sleep, keep two pillows beneath your legs, your legs will get good circulation of blood.
  • Avoid standing for too long.

Take care, Stay fit.

01:10 PM | 07-07-2020

कारण - वैरिकोज वेन्स  नसों मैं फैलाव और सूजन की समस्या होती है, इससे दर्द और असुविधा हो सकती है। यह समस्या हमेशा पैरों में देखा गया है इस समस्या के वजह से पैर बहुत मोटा दिखता है और काफी भारी हो जाता है कभी-कभी नसों में ऐप में से पानी भी निकलता है। यह अन्य परिसंचारी समस्याओं (circulatory problems) के जोखिम के बढ़ने का संकेत भी हो सकती हैं। 

शरीर में ऑक्सीजन और रक्त संचार में कमी के कारण ऐसा होता है।प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के अनुसार शरीर में ऑक्सीजन और रक्त का संचार तभी कम होता है जब शरीर में अम्ल की मात्रा अधिक होती है लंबे समय तक खराब हाजमा इसका मूल कारण है।

प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति में इसका समाधान है।

समाधान - 1. प्रतिदिन दौड़ लगाएं। रोजाना व्यायाम करने से पैरों में ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है। व्यायाम करने से व्यक्ति का ब्लड प्रेशर भी संतुलित रहता है। ब्लड प्रेशर असंतुलित रहने से भी वैरिकोज वेन्स की समस्या शुरू होती है। कम गति वाले व्यायाम करने से पिंडली की मांसपेशियां सही तरीके से काम करती हैं। आप रोजाना कम गति वाले व्यायाम जैसे स्विमिंग, चलना, साइक्लिंग, योग आदि कर सकते हैं। ऐसे कोई भी व्यायाम जिसमें आपके पैरों का इस्तेमाल हो रहा है जैसे दौड़ना, सीढ़ियां चढ़ना आदि इनसे आपके पैरों की मांसपेशियों में सुधार होगा जो कि ह्रदय तक रक्त को पहुंचाएगा और पिंडली में खून को इक्खट्ठा होने से रोकेगा।

 और दुर्वा ग्रास का जूस छान कर पिएं।

2. सूर्य की रोशनी में 20 मिनट का स्नान सूर्य की रोशनी से करें 5 मिनट सामने 5 मिनट पीछे 5 मिनट दाएं 5 मिनट बाएं भाग में धूप लगाएं। धूप लेट कर लेना चाहिए धूप की रोशनी लेते वक्त सर और आपको किसी सूती कपड़े से ढक ले। सूर्य नारी मंद होने पर  इन्फेक्शन अधिक होता है अतः आप जब भी सोए अपना दायां भाग ऊपर करके सोए। 

3. प्रतिदिन अपने पेट पर खाने से 1 घंटे पहले या खाना खाने के 2 घंटे बाद गीले मोटे तौलिए को लपेटे एक तौलिया गिला करके उसको निचोड़ लें और हूं उस तौलिए को 20 मिनट तक अपने पेट पर लपेटकर रखें ऐसा करने से आपका पाचन तंत्र दुरुस्त होगा।

4. हर 3 घंटे में लंबा गहरा श्वास अंदर लें उसको थोड़ी देर रोकें और फिर सांस को खाली करें। खाली करने के बाद फिर से रुके और फिर लंबा गहरा सांस ले। यह एक चक्र है ऐसा दिन में 10 चक्र करें केवल एक शर्त का पालन करें जब आप लंबा गहरा सांस ले रहे हैं तो अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का बढ़ेगी और ऑक्सीजन का संचार सुचारू रूप से हो पाएगा।

5.सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आ कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ash guard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100 ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ash guard) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद ले

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200 ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।



प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

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