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Q&A
11:00 PM | 30-09-2020

What is solution for urine incontinence?

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

09:51 AM | 05-10-2020

Hello,

Urinary incontinence means the inability to control urination. It may be due to urine retention or due to some functional problem or any disorder.

What to do to manage urine incontinence?

Urine retention is when your bladder doesn't get empty completely. For this, the following steps will help.

  • Take plenty of water.
  • Have a fibre-rich diet to avoid constipation to remove any unnecessary pressure on the bladder. 
  • Have fresh fruits, vegetables, soaked raisins.
  • Include salads, sprouts, nuts and beans in your diet. 
  • Avoid junk food.
  • Avoid refined oils, refined grains and refined sugars. 
  • Include whole grains in your diet.

Functional problem is when you don't feel an urge to pee. For this, the following steps will help.

  • Do exercise that strengthens your pelvic floor muscles. 
  • Wear clothes that are easy to remove as a precaution.

Do follow these tips and if the problem still persists then consult a specialist.

Thank you 



09:50 AM | 05-10-2020

Hello User,

Urine Infection to muscle weakness these things can cause urinary incontinence. When taken care of in a natural manner can be treated very well than supporting them through any other way. A lifestyle change in addition to the change in any kind of diet is very helpful.

Urinary tract problems generally happen due to the fact, that our body gets exposed to the toxicity of the environment our body becomes vulnerable to it. Our immunity decreases making our body weaker. As we flush out the toxins by going through the natural process our body can easily take care of itself with the help of natural stimulations.

Here are a few things which you can try in your regular routine:

Eat:

A diet which is rich in Vitamin C is found to be very helpful in this case, Vitamin C takes care of our immunity very well in order to get us treated from the infections. So start with consumption of, oranges, mosumbi, lemon, strawberries, sprouts, sweet potatoes. Starting your day with a two-three glass of warm water helps a lot in flushing out all the toxins, this should be your daily practice.

You can try, by soaking one tablespoon chia seeds in one glass of water for three hours, use the same glass and add one tablespoon lemon juice. Drink this water twice a day. This will help in treating the incontinence.

Exercise:

Exercise helps a lot in detoxing if you take care of yourself and exercise daily then our body can easily help in flushing out all the toxins.

  • Going for a brisk walk in early morning sun helps in rejuvenating the cells, and making you feel more fresh and away from infections. Kegel exercise is another thing that you can start with.
  • Contract your pelvic floor muscle, hold it for 10 counts, and relax. Again do it. This exercise can be done at any time of the day, ideally, the bladder should be empty. Kegel exercise is very helpful in urinary bladder issue.

Meditation:

Meditation helps in releasing all the stress the ideal way to meditate is, take a bowl of water pour two-three drops of essential oil it, ideally, lavender or orange then inhale it.

Take deep breaths and calm the music, doing this all the stress will release, leaving you with a healthy body.

Sleep:

A sound sleep of 7-8 hours helps in making our cells healthier and calmer, sleep always makes immunity stronger and rejuvenate our cells.

Hopefully, these suggestions will help you.

Thank you



09:49 AM | 05-10-2020

हेलो,
कारण - मूत्र असंयमिता (Urinary incontinence) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें अनैच्छिक रूप से पेशाब का रिसाव होने लगता है। यह पेशाब को ना रोक पाने की स्थिति होती है। (peripheral nervous disoreder, सिस्टम्स : तंत्रिका तंत्र) में विकार उत्पन्न होने के कारण होता है।

हिप बाथ, संकुुुुचन क्रिया, आहार शैली में परिवर्तन और जीवन शैली में परिवर्तन कर इसे ठीक  किया जा सकता है। 

समाधान -

1. मेरुदंड स्नान काफी लाभकारी होता है, यह हमारे स्नायु तंत्र को स्वस्थ रखता है । एक मोटा तोलिया लेकर उसको भिगो दें बिना निचोड़े योगा मैट पर बिछाए और उसके ऊपर कमर से लेकर के कंधे तक का हिस्सा रखें। उस गीले तौलिए पर रहे 20 मिनट के बाद इसको हटा दें। ऐसा करने से आप का मेरुदंड में ब्लड और ऑक्सीजन का सरकुलेशन ठीक हो जाएगा। जो कि हमारे सिर के नसों से कनेक्टेड रहता है। हीप बााथ करते हुए संकुचन क्रिया करें।

2. प्राणायाम करना है। लंबा गहरा श्वास अंदर लें रुको थोड़ी देर सांस को पूरी तरीके से खाली करें और फिर रुके थोड़ी देर ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन का सरकुलेशन ठीक हो जाएगा । प्रतिदिन दौड़ लगाएं दड़ना बहुत आवश्यक है। इसे शरीर में तापमान और शरीर का ऑक्सीजन सामान्य रूप से संचालित हो पाता है।

3. सर पर जब इस तरीके की समस्या देखी जाती है तो हमारी सलाह होती है कि सर पर सूती कपड़ा बाँध कर उसके ऊपर खीरा और मेहंदी या करी पत्ते का पेस्ट लगाएँ, नाभि पर खीरा का पेस्ट लगाएँ। पैरों को 20 मिनट के लिए सादे पानी से भरे किसी बाल्टी या टब में डूबो कर रखें। अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।

तिल के तेल रीढ़ की हड्डी पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

4. खानपान में मुख्य रूप से गहरे हरे रंग के पत्तों का जूस बहुत ही फायदेमंद होता है। गहरे हरे रंग के पत्तों में क्लोरोफिल होता है और ऑक्सीजन की संचार में यह बहुत ही मददगार साबित होता है। नमक की मात्रा कम ले दिन में एक बार ले और सेंधा नमक या काला नमक ही लें क्योंकि नमक ज्यादा रहने से भी सिर में  फ्लूइड में कमी आती है।  सिर में liquid रहता है नमक में सोडियम होता जो कि liquid को सोख लेता है।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे  (ashgourd ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल (yellow pumpkin) 50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgourd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस  (solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

 


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