Q&A
11:16 AM | 15-10-2020

My daughter's age is 24 and is diagnosed with bilateral complex ovarian cysts. The cysts are very large that her abdomen got distended and other parts are compressed by the cyst. Is there any treatment for her in naturopathy with out surgery.

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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2 Answers

12:33 PM | 19-10-2020

Hello,

Polycystic ovary syndrome (PCOS) is a hormonal disorder which is common in women of reproductive age. Women suffering from PCOS may have prolonged menstrual periods or infrequent periods.
The exact cause of PCOS is not known. However, Obese women and women having a family history of PCOS are more prone to this disorder. 

Diet to follow- 

  • Eating processed and preserved foods may contribute to inflammation and insulin resistance. So, avoid processed, preserved and packaged foods. 
  • Add fruits, legumes and vegetables in your diet. 
  • Eat nuts, sprouts and soaked raisins in the morning. 
  • Add iron-rich foods like broccoli, spinach to your diet.
  • Have magnesium-rich foods like almonds, cashews and bananas.
  • Include turmeric and cinnamon in your diet. Turmeric has anti-inflammatory properties and cinnamon has positive effects on insulin resistance. 
  • Avoid caffeine. 
  • Avoid carbonated drinks. 
  • Say no to alcohol, tobacco. 
  • Avoid dairy products and animal products. 

Exercise 

Doing yoga is very beneficial for PCOS.

  • Perform bhujanga asana, vriksha asana and padahasta asana. 
  • Do pranayam regularly specially anulom-vilom pranayam. 
  • Take sunrays regularly in the morning for at least 20min. 

Sleep

Sleeping pattern is very essential for a healthy hormonal balance. Hence, take proper sleep of at least 7-8 hours daily. Sleep early at night and also wake up early in the morning. 

Thank you



12:31 PM | 19-10-2020

हेलो,

कारण - अंडाशय, महिलाओं की प्रजनन प्रणाली का हिस्सा होते हैं। ये गर्भाशय के दोनों तरफ निचले पेट में स्थित होते हैं। महिलाओं के दो अंडाशय होते हैं जो अंडे के साथ साथ एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का उत्पादन करते हैं।

हार्मोन के असंतुलन से ओवेरियन सिस्ट बनता है। अंडाशय सिस्ट जो बंद थैलीनुमा (sac like) आकृति के होते हैं और उनमें तरल पदार्थ भरा होता है। ये शरीर में खराब हाजमा के कारण बनता है। इसको ठीक होने में 8 से 10 महीने का समय लगेगा। आहार शैली में परिवर्तन और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को अपनाकर पूर्ण स्वास्थ्य पा सकते हैं।

समाधान- 1. पेट पर खीरा और नीम के पत्ते का पेस्ट 20 मिनट तक लगाकर छोड़ें। नीम के पानी से वेजाइनल डूस लेना आवश्यक है।

किसी प्राकृतिक चिकित्सक की देखरेख में ऐसा करें।

2. हरे पत्ते का जूस आपको बहुत फायदा करेगा कोई भी हरा पत्ता दूब घास, बेलपत्र या पालक के पत्ते का जूस खाली पेट में 200 ml पिएं।

3. खाना खाने से घंटा पहले या खाना खाने के 2 घंटे बाद पेट पर गिला कपड़ा लपेटकर रखें ऐसा करने से हाजमा दुरुस्त होगा।

हफ्ते में 3 दिन एकदम में पानी भरे नाभि तक वह पानी रहना चाहिए उसमें बैठे 20 मिनट बाद उसे बाहर निकले यह आपके गर्भाशय को स्वच्छ करने में मुख्य भूमिका निभाएगा। हफ्ते में 3 दिन मेरुदंड स्नान करें एक गीला तोलिया बिनानी निचोड़े योगा मैट पर बिछाए और अपनी रीढ़ की हड्डी से लेकर कंधे तक का हिस्सा यानी अपनी पूरी रीढ़ की हड्डी को गीले तौलिए पर रखें 20 मिनट बाद वहां से उठ जाए।

जीवन शैली-  1आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें। ऐसा करने से अमल की अधिकता में कमी आएगी।  शरीर का इंटरनल हाइजीन को मेंटेन कर सकेंगे।

2.वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ। दौड़ लगाने से ऑक्सीजन का संचार ठीक प्रकार से होगा। रक्त का संचार ठीक प्रकार से होगा तो बीमारी का अस्तित्व रहेगा ही नहीं।

3.अग्नि - सूर्य की रोशनी लें। मैग्नीफाइंग ग्लास से सूर्य की किरणों का सेक लगाएं जहां पर सिस्ट है। सेक लगाने से पहले थोड़ा पानी लगाएं थोड़ा नारियल का तेल लगाएं उसके बाद एक हरा कलर का पत्ता वहां पर रखें फिर सूर्य की रोशनी की रोशनी को घुमाए मैग्नीफाइंग लेंस के द्वारा घड़ी की सीधी दिशा में आउटलाइन होगा घड़ी की उलटी दिशा में इधर लाइन होगा प्रतिदिन इस तरीके से मसाज करना है 15 मिनट तक इससे सिस्ट बहुत जल्दी छोटा हो जाता है और धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है।इस प्रक्रिया में 6 से 8 महीने का समय लग सकता है।

4.जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।

कपूर मिश्रित नारियल तेल से पेट पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ash guard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100 ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है।

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ash guard) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6.सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

7.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

8.उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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