10:42 AM | 12-11-2020

Can swollen lymph nodes be treated. I have swollen lymph nodes under my neck ,from then I have cough problem. It's been a year still not cured. Please help me

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

11:15 AM | 18-11-2020


Swollen lymph nodes usually occur as a result of infection from bacteria or viruses. Rarely, swollen lymph nodes are caused by cancer. 
The lymph nodes play a vital role in your body's ability to fight off infections. They work as filters, trapping viruses, bacteria and other causes of illnesses before they can infect other parts of the body. Common areas where you can notice swelling in lymph nodes include your neck, under your chin, in your armpits and in your groin.

Lymph node swelling will usually disappear once the infection clears. The swelling may also go away by proper treatment of the underlying infection. 

Here are some tips for you to care for yourself at home.

Warm compress 

Make a warm compress by running warm water over a washcloth. Put the compress on the sore area until the compress cools off. Repeat this for atleast 20 minutes. Use the compress thrice a day for the first three days, or till when the pain and redness start to get better. The heat will make more blood flow to the area and speed the healing process. 


Most of the lymph channels lie just below the skin. So a very light massage is all it takes to stimulate the flow of the lymph. Just the weight of your hand will suffice as you stroke towards the chest, starting at the feet and working up each limb and the body.


It will be more effective if you modify your diet to keep all the systems of your body function smoothly. For example, lymph nodes become thicker and less mobile when we are dehydrated, but flows well when we drink plenty of foods. To stay well hydrated, you should drink 64 or more ounces of water a day.

Avoid inflammation-causing foods like sugar, wheat, refined flour, soda, coffee, tea, dairy products, eggs and peanuts. Instead eat foods that counter inflammation, such as fresh green leafy vegetables, lemon, avocados, beans, sprouts, some whole grains and flax seeds. 


Yoga can improve the flow of the lymph. Practice yoga daily for atleast 20min. You can perform 12 sets of suryanamaskar. In yoga asanas, do bhujanga asana, gomukha asana, trikona asana and paschimottan asana. 

Pranayam also greatly helps in improving the flow. Do kapalbhati pranayam and bhramri pranayam regularly. 

Thank you 

12:32 PM | 16-11-2020


Thanks for sharing your query with us! Please try to understand the problem from the Nature Cure perspective.

As per Nature Cure, toxic ​​​​​​overload is the basic root cause of all diseases. Some toxins are added to the body as a byproduct of metabolic activity and others due to wrong lifestyle choices (like lack of sleep, unnatural food habits, lack of movement, stress etc. Due to insufficient elimination of toxins (via kidneys, skin & lungs) the body gets clogged and the toxins cause inflammation of tissues. Lymph nodes are a part of our lymphatic system which helps keep the bloodstream clean. When there is excessive toxic overload these nodes become swollen or enlarged. 

We need to support the body to eliminate toxins by providing the right inputs like natural food, good rest/sleep, relaxed mind etc. Therefore, we recommend you to align your lifestyle as per Natural Laws and you will be surprised to see how beautifully the body heals itself. You can also explore our Natural Health Coaching Program that can help in making the transition, step by step. Our Natural Health Coach will look into your routine in a comprehensive way and give you an action plan. She/he will guide you to correct your existing routine & make it in line with Natural Laws. Please let us know if you are keen to explore. 

In the meantime, here are some suggested resources for you:

Blog- The lymphatic system - the body's drainage system

Real-life natural healing stories of people who healed themselves just by following Natural Laws.  

 Wishing you good health!

Team Wellcure

11:30 AM | 16-11-2020


कारण - लिंफ नोड में सूजन होना इस बात का सूचक हैै कि शरीर में म्यूकस संक्रमण है। इसको ठीक करने के लिए जीवन शैली में परिवर्तन और आहार शुद्धि एवं प्राणायाम बहुत जरूरी है। प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति अनुसार किसी भी तरीके के स्वास्थ्य में कमी को  दूर करने हेतु पाचन तंत्र को स्वावस्थ आवश्यक है।

शरीर की आंतरिक और बाह्य सफाई बहुत जरूरी है। आंतरिक सफाई के लिए किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

जीवन शैली- 1. सुबह खाली पेट हर्बल जूस लें। बेल पत्र 3 पीस कर 200 ml पानी मिला कर छान कर मुंह में रख रख कर पिएं।

2. सूर्य के रोशनी शरीर में लेट कर लगाएं। सिर और आंख को सूती कपड़ा से ढक लें। ऐसा 20 मिनट करें। सूर्य उदय के एक घंटे बाद का धूप या सूर्य अस्त के एक घंटे 1 का धूप बहुत अच्छा होता मगर धूप यदि सिर और आंख को ढक कर लें तो किसी भी वक़्त धूप ले सकते हैं।

3. हर 3 घंटे में लंबा गहरा श्वास अंदर लें उसको थोड़ी देर रोकें और फिर सांस को खाली करें। खाली करने के बाद फिर से रुके और फिर लंबा गहरा सांस ले। यह एक चक्र है ऐसा दिन में 10 चक्र करें केवल एक शर्त का पालन करें जब आप लंबा गहरा सांस ले रहे हैं तो अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का बढ़ेगी और ऑक्सीजन का संचार सुचारू रूप से हो पाएगा।

4. नाश्ते में केवल मौसम के फल केवल एक प्रकार के लें।

 दोपहर में सलाद बिना नमक नीबू के लें।

सलाद को अकेले पूर्ण खुराक के रूप में लें। उसके साथ या बाद में पका हुए भोजन को ग्रहण ना करें। सलाद का पाचन समय 5 घंटा है तो पांच घंटे के बाद रात का भोजन लें।

रात के भोजन में 70% सब्जी डालें और 30% अनाज या millet लें। पका हुआ भोजन 35 साल से ऊपर के सभी व्यक्ति को दिन में केवल एक बार पका हुआ भोजन का सेवन करना चाहिए। यदि स्वास्थ में किसी प्रकार का कमी हो तो एक वक़्त का पका हुआ भोजन भी नहीं लेना उत्तम होता है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी ले।

 ये जीवन शैली में अनिवार्य रूप से उतारने से स्वास्थ उत्तम होता है।

5. पानी को या जूस को मुंह में घूंट भर कर रखे फिर घूंट को अंदर लें इससे आपका मुंह का लार जूस में मिल कर सुपाच्य प्रोटीन का निर्माण करता है जो कि शरीर की जरूरत है।

फल या सलाद को खूब चबा कर खाएं। ऐसा करने से शरीर 

को इन के पोषक तत्व ठीक प्रकार से मिल पाते हैं। फल और सलाद ठीक प्रकार से चबाने से हमारा लार उसके साथ मिलकर के कई विटामिन और कई मिनरल्स खुद से क्रिएट करता है जो कि हमारे शरीर का अहम घटक है।

6. हफ्ते में एक दिन उपवास करने से शरीर को मौका मिल जाता है स्वता ही पूरे शरीर की आंतरिक सफाई का जो कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए अहम भूमिका निभाता है।

उपवास का मतलब यह है कि आपका 2 बार का भोजन ना लें जैसे सुबह का नाश्ता दोपहर का खाना ना लेकर सीधा शाम को ले या हो सके तो पूरे दिन का उपवास रखें शाम को भी कुछ ना ले। प्यास लगने पर पानी घूंट भर कर रखें फिर अंदर गट करें।  पानी पेट भरने के लिए ना पीएं केवल प्यास बुझाने के लिए,  मुंह में घूंट भरते ही दो से तीन घूंट आपके प्यास को बुझा देगा।



प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

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