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Q&A
11:43 AM | 03-12-2020

I m 56 yrs old female. For last one week my right ear is blocked. I did steaming twice a day for 5 days. But I could feel only 10% improvement. Still I can hear very compressed sounds from right side ear. Plz suggest how to open it. There is a lot of uneasiness


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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2 Answers

01:33 PM | 04-12-2020

Hello NT Arora,

There are times when the ear can become clogged due to factors both outside and inside the ears. Clogged ears can affect the hearing and balance and cause pain and discomfort. 
Causes for clogged ears include earwax buildup, blocked eustachian tube, sinus infections, colds or allergies. High altitudes may also result in clogged ears. Acoustic trauma or benign growth inside the ear may also be the reason for clogged ears.
Here are some ways that will help you to deal with the blocked ears naturally. 

Ear drops to loosen ear wax

Ear wax forms a barrier between the opening of the ear and the sensitive apparatus of the inner ear. This wax builds up and eventually blocks the entire tube.

Put 2 - 2 drops of warm mustard oil in each ear at night. Do this for 3 to 5 days continuously. It will help to remove the build-up earwax.

Avoid cotton swabs or tools

People should never use cotton swabs to clean their ears. Cotton swabs can cause blockages by pushing earwax deeper into the ears.
People should not try to dig the earwax out as it could cause damage to the ears.

Take steam

Steam can help unclog an ear when the cause is an infection or allergies. This is because the sinuses connect directly back to the ears. 
To use steam :

  • Heat up the water in a pot until it boils.
  • Remove the pot from the heat and place a towel over it and head.
  • Take several deep breaths to inhale the steam.

Use a warm compress

A compress can be applied to drain the nasal passages of mucus and reduce the amount in the ears.

Applying a warm compress is simply done as follows :

  • Pour hot water into a clean washcloth.
  • Once the cloth is soaked, it should be squeezed out.
  • Hold the washcloth below the affected ear for about 5 to 10 minutes.

Gargle with saltwater

 A saltwater gargle can aid in reducing mucus in both the nose and ears.

To use a saltwater gargle, a person needs to add a little salt to some water and mix them together. Once mixed, gargle with salt water for a few seconds and then spit it out.

In case of high altitude 

If the blockage is due to the high altitude, then try -

  • Yawning
  • Chewing
  • Swallowing
  • Gently blowing the nose while pinching the nostrils shut until a popping sound is heard.

Thank you

01:10 PM | 08-12-2020

Thank u Nikita ji... Whatever u have suggested i m already following few of the things... like drops of mustard oil in ear but for once only ( will continue it further) .took steam twice a day for a week... Blowing out air from ears by pressing nose .. that has helpd a lot. I haven't tried any ear drop to.loosen the wax till now. I vl try now salt watr gargles as per ur suggestion... And hoping for the best wid all these things. Thanks a lot for guiding me.

Reply


01:36 PM | 07-12-2020

हेलो,
कारण - कान में खराब म्यूकस इंफेक्शन के कारण ऐसा होता है।यह स्तिथि ऑक्सीजन और रक्त संचार में कमी का कारण है। शरीर में अम्ल की अधिकता हो जाती है तो हमारे शरीर में ऑक्सीजन और रक्त संचार ठीक प्रकार से नहीं हो पाता है और जिसकी वजह से 
म्यूकस इंफेक्शन होता है। 

यह लंबे समय तक खराब हाजमा होनेे  के कारण होता है।

प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति में इसका समाधान है।

समाधान - 1. सफेद पैठे (ashguard) का जूस कान में 4 - 4 बूंद दिन में 3 से 4 बार डालें।

चार भिंडी को लंबा काटकर एक गिलास पानी में डाल दें और सुबह खाली पेट नेचुरल मोशन होने से पहले उसको पी लें। पीते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि पानी को मुंह में रख रख केपीए।

2. सूर्य की रोशनी में 20 मिनट का स्नान सूर्य की रोशनी से करें 5 मिनट सामने 5 मिनट पीछे 5 मिनट दाएं 5 मिनट बाएं भाग में धूप लगाएं। धूप लेट कर लेना चाहिए धूप की रोशनी लेते वक्त सर और आपको किसी सूती कपड़े से ढक ले। सूर्य नारी मंद होने पर  इन्फेक्शन अधिक होता है अतः आप जब भी सोए अपना दायां भाग ऊपर करके सोए। 

3. प्रतिदिन अपने पेट पर खाने से 1 घंटे पहले या खाना खाने के 2 घंटे बाद गीले मोटे तौलिए को लपेटे एक तौलिया गिला करके उसको निचोड़ लें और हूं उस तौलिए को 20 मिनट तक अपने पेट पर लपेटकर रखें ऐसा करने से आपका पाचन तंत्र दुरुस्त होगा।

4. हर 3 घंटे में लंबा गहरा श्वास अंदर लें उसको थोड़ी देर रोकें और फिर सांस को खाली करें। खाली करने के बाद फिर से रुके और फिर लंबा गहरा सांस ले। यह एक चक्र है ऐसा दिन में 10 चक्र करें केवल एक शर्त का पालन करें जब आप लंबा गहरा सांस ले रहे हैं तो अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का बढ़ेगी और ऑक्सीजन का संचार सुचारू रूप से हो पाएगा।

5.सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आ कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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