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Q&A
10:26 AM | 02-08-2019

I have to go for potty after every meal (after one or two hours) i have taken english as well as ayurvedic medicine but not much relif. Plz help


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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2 Answers

10:25 AM | 03-08-2019

Your gut has become highly irritable. Switch off all forms of solid food for 3 days and resume only tender coconut for 2 days and vegetable juices for the third day. Resume fruits for lunch with rest of the day on juices ( no sugar salt or jaggery or milk or any other products except for the juice in a vegetable). Buy an enema kit and take water enema for 1 month. Let us know after you have done this. Younwill continue to have motions, let the bowels get cleaned and heal. Kindly stop taking any animal products like diary and diary related products meat eggs fish sugar wheat. Take only uncooked fruits greens and vegetable juices for a month. Your body will slowly start healing



06:12 PM | 04-08-2019

नमस्ते 

 

सूर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सुती कपड़े से ढक कर।

नाभि पर खीरा का पेस्ट लगाएं,20 मिनट बाद साफ़ कर लें। किसी टब में पानी भर कर उसमें बैठें, 20 मिनट के लिए।

गहरा स्वाँस अंदर भरें, रुकें फिर पूरा स्वाँस ख़ाली कर के रुकें, साँस लें तो एक चक्र होता है। ऐसे 10 चक्र करें, मेरुदंड को सीधा रखें और खाली पेट में इस अभ्यास को करें। जितनी देर स्वाँस को सहजता से रोक सकें उतना ही रोकें।

पहला एक दिन केवल नारियल पानी लें या 20 ग्राम पेठे (ashguard) को पीस कर छान लें और उसको पीएँ। नारियल पानी से भी ज़्यादा अच्छा  क्षार (alkaline) पेठे का रस होता है।

सुबह ख़ाली पेट आधा खीरा 5 पुदीने या करी पत्ते के साथ पीस कर उसमें 1०० ml पानी मिला कर पिएँ।

जूस को मुँह में रख कर एक बार सहज स्वाँस लें फिर घूँट अंदर लें।

२ घंटे बाद कोई भी एक तरीक़े का फल नाश्ते में लें। फल को ठीक से चबा कर खाएँ। उसमें कोई नमक या चाट मसाला या चीनी, दूध ना मिलाएँ।

सलाद दोपहर 1 बजे, बिना नमक के खाएँ तो अच्छा होगा क्योंकि नमक सलाद के गुणों को कम कर देता है। रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1 कटोरी चावल या 1 रोटी लें, ८ बजे के बाद कुछ ना खाएँ, 12 घंटे का अंतराल (gap) रखें। 8 बजे रात से 8 बजे सुबह तक कुछ नहीं खाना है ताकि शरीर को पाचन क्रिया से आराम मिल सके। खाना अच्छी तरह चबा कर खाएँ, खाने के 1 घंटे बाद पानी पीएँ। खाने के बीच में या खाने के तुरंत बाद पानी पीने से खाना हज़म ठीक से नहीं होता है। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा।

 


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