Q&A
10:33 AM | 23-08-2019

I am suffering from leg pain and heel pain


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7 Answers

05:08 PM | 05-09-2019

hello,
Leg pain n heel pain is common problem.

you should take foot bath n use Epsom salt.
Avoid undigestive food spicy n dairy food.
increase the magnesium n zinc-rich diet.
eat more fruits n salads.
avoid all types of sugar.
Take acupressure therapy n do exercise daily.
Avoid high heel n uncomfortable footwear. avoid tight clothes.



03:08 PM | 26-08-2019

Namaste,

Leg pain is a very common medical condition that occurs due to constant wear and tear of the knee joint.

Pain in the leg can be caused by weakened bone structure, and wear and tear due to ageing. Other common causes include fractures, ligament injuries, dislocation of the knee joint and stiffness in the joint due to arthritis, lupus and other chronic ailments.

Overweight or stiffness in the knee also possible.

Wrap a handful of ice cubes in a thin towel.
Apply the compress to the affected knee area for 10 to 20 minutes.
Do this two or three times daily until your pain is gone.

Prepare a mixture by adding two tablespoons of cayenne pepper powder in one-half cup of warm olive oil. Apply this paste on the affected area twice daily for at least one week.

Crush a small piece of fresh ginger root, add to one cup of water and boil it for 10 minutes. Strain and add a little honey and lemon juice. Drink two to three cups of this ginger tea daily until the pain is gone.

Take care.



03:07 PM | 26-08-2019

Hello
You can lightly massage the toes and big toe lightly for few minutes than keep the leg in hot water with epsom salt for 20 minutes, you have to do this daily before sleeping. 
Thank you  ! 



03:07 PM | 26-08-2019

First of all I would advice to get it checked if it off  bone origin or msucle origin. if it of a bone origin then I would advice you seek help of orthopedician and as a supportive treatment natural therapies,acupuncture and exercise therapy could help

To manage leg pain massage could be one of the best choice...

Some kneading movements could be analgesic and could relieve pain if the pain is of muscle oririgin followed with infra red light treatment.

For heal pain again massage therapy could be useful and also hot water bath where you could soak your feet in hot water for 10-15 mins or whatever time is tolerable. You may also use Epsom salt or Magnesium sulphate could be used...



02:50 PM | 05-09-2019

Hello Manjit,

Leg and heel pain could be caused either due to obesity or due to vitamin deficiencies. However, the best you can do right now is, at night before going to bed, you can get warm water and add pink salt to it, soak your heels into it, you can keep your feet soaked in it for 30 minutes. This procedure not only helps with heel pain but it will automatically extend its healing to the knees as well.

Secondly, you can massage your sole of the feet with cold pressed coconut oil, warm it a little and apply the oil to the sole of your feet and massage the sole of your feet, you can even ask someone to massage it for you, this will automatically relax you.

Additionally,you can eat raw salad,spinach, carrot etc to boost your internal mechanism to fight against the pain. Avoid junk food, carbohydrates, refined and processed food. This will help your body to feel lighter and you will experience the healing. 

Regards

Dr.Stuti Pardhe (Naturopath and a Mental Health Practitioner)



02:50 PM | 05-09-2019


02:50 PM | 05-09-2019

नमस्ते

 

शरीर में अम्लीयता अधिक होने से यह समस्या होती है।आपके शरीर में excess प्रोटीन बन रहा या जमा है। आपका पाचन तंत्र (digestive system) प्रोटीन को पचा नहीं पा रहा जो की शरीर में प्रदाह (inflammation) पैदा कर रहा है। ये दर्द का कारण है।

इस बीमारी का मूल कारण हाज़मा और क़ब्ज़ है।

शरीर पाँच तत्व से बना हुआ है प्रकृति की ही तरह।

आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी ये पाँच तत्व आपके शरीर में रोज़ खुराक की तरह जाना चाहिए।

पृथ्वी और शरीर का बनावट एक जैसा 70% पानी से भरा हुआ। पानी जो कि फल, सब्ज़ी से मिलता है।

1 आकाश तत्व- एक खाने से दूसरे खाने के बीच में विराम दें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें।

2 वायु तत्व- लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें रुकें फिर स्वाँस अंदर भरें ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक टाइम पर करना है। ये दिन में चार बार करें।I

खुली हवा में बैठें या टहलें।

3 अग्नि तत्व- सूरर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।

4 जल तत्व- खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें और खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा करना है।

नीम के पत्ते और खीरे का पेस्ट अपने पैर और ऐँड़ी पर रखें। 20मिनट तक रख कर साफ़ कर लें।

दिन में दो बार तिल के तेल से घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। 

5 पृथ्वी- सब्ज़ी, सलाद, फल, मेवे, आपका मुख्य आहार होगा। आप सुबह सफ़ेद पेठे 20ग्राम पीस कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है।

दोपहर में 12 बजे फिर से इसी जूस को लें। इसके एक घंटे बाद खाना खाएँ।शाम को 5 बजे सफ़ेद पेठे (ashguard) 20 ग्राम पीस कर 100 ml पानी मिला। 2घंटे तक कुछ ना लें। रात के सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurad) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें। ताज़ा नारियल पीस कर मिलाएँ। कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। रात का खाना 8 बजे खाएँ

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। इसे बिना नमक के खाएँ। नमक सेंधा ही प्रयोग करें। नमक की मात्रा दोपहर के खाने में भी बहुत कम लें। सब्ज़ी पकने बाद उसमें नमक डालें। नमक पका कर या अधिक खाने से शरीर में (fluid)  की कमी हो जाती है। एक नियम हमेशा याद रखें ठोस (solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल (liquid) को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें। ठोस (solid) भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ (liquid) ले सकते हैं।

ऐसा करने से हाज़मा कभी ख़राब नहीं होगा।

जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ या सुखा फल लें।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद। धन्यवाद।


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