Q&A
10:50 AM | 04-01-2019

I am pregnant & experiencing a lot of gas problem. What can I eat?


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

Read more
Post as Anonymous User
5 Answers

10:09 AM | 04-01-2019

Food combination is the key.  If eating heavy digesting items such as non veg and eggs, make sure it’s the main part of your meal.  Try and not mix it with a grain; instead eat a lot of veggies esp root vegetables with it along with a salad.

Make sure the fruits are before meals in morning and evening.  



10:38 AM | 06-06-2020

Hello,

Reasons for excessive gas formation may be improper digestion, not doing any physical work, intolerance to certain foods, not drinking enough water.

What should you eat?

  • Eat only plant-based natural foods. 
  • Drink freshly prepared homemade fruit juices. 
  • Eat fresh and seasonal fruits and vegetables. 
  • Include sprouts, nuts, beans, and salads in your diet.
  • Drink plenty of water during the day.
  • Avoid processed, packaged, oily, and spicy foods. 
  • Avoid dairy foods and animal products. 

Physical activity 

Along with the correct diet, do some light physical activity like a brisk walk for 10 to 15 minutes.

Do pranayam like anulom-vilom and bhramri pranayam.

Sleep

Stress may also lead to health issues. Hence, having a proper quality of sleep is very important. So, take proper sleep of at least 7-8hours regularly. Sleep early at night and also wake up early in the morning. 

Thank you 



10:09 AM | 04-01-2019

Keep a lookout on food combinations. Since in pregnancy we focus a lot on eating, we may actually end up mixing foods groups.  Gas is body’s signal that it is having a digestive load. To keep it simple here is what I did during pregnancy.

Mornings would be for fruits, not one, not 2 but atleast good 2-3 rounds of fruits.  I would eat mostly mono fruits in each round (i.e. one fruit at a time instead of mixing all).

This would be followed with a veg juice at about lunch time. After an hour would be lunch, which would be a cooked meal along with salads.  The salads would include a lot of sprouts, nuts, raw veggies.

Evenings again would be for fruits.  I made sure there is enough gap after a cooked meal. I would eat only when hungry. Dinner would also be a standard cooked meal, but with a raw salad again.

I would take small meals instead of eating everything together, to make it easy for body to digest.



10:07 AM | 04-01-2019

Take 2-3 glasses of vegetable juice every day, one glass in morning & 2 glasses in the evening. Eat light & avoid gassy foods. In my view, some foods may cause gas in one person and not for others. You may want to observe and avoid foods that particularly make you feel gassy.



12:14 PM | 04-06-2020

हेलो,
कारण - जब पेट और भोजन नली के बीच का वाल्व, पेट में एसिड को वापस जाने से रोकने में असमर्थ होता है। गर्भावस्था के दौरान, प्रोजेस्टेरोन हार्मोन, वाल्व के इस आराम का कारण होता है, जिससे सीने में जलन अधिक बार हो सकती है। इससे पेट का एसिड भोजन नली में आसानी से प्रवेश कर जाता है और परेशानी का कारण बनता है।प्राकृतिक जीवन शैली को अपनाकर पूर्ण स्वास्थ्य का लाभ उठा सकते हैं।

समाधान- 1. ऐसा खाना जो कि देर तक पछता नहीं है उसका त्याग करें। जैसे दूध, गेहूं, मैदा, रिफाइंड नमक और रिफाइंड शुगर और पैकेट फूड।

फल, सब्जी, और कच्ची सब्जी का जूस को प्रतिदिन ले। खाना को जितना हो सके चबा कर खाएं।

ऐसा करने से पाचन शक्ति मजबूत होगा और आंतों की सफाई हो पाएगी। 

2. सूर्य की रोशनी में 20 मिनट का स्नान सूर्य की रोशनी से करें 5 मिनट सामने 5 मिनट पीछे 5 मिनट दाएं 5 मिनट बाएं भाग में धूप लगाएं। धूप लेट कर लेना चाहिए धूप की रोशनी लेते वक्त सर और आपको किसी सूती कपड़े से ढक ले। सूर्य नारी मंद होने पर  इन्फेक्शन अधिक होता है अतः आप जब भी सोए अपना दायां भाग ऊपर करके सोए। 

3. प्रतिदिन अपने पेट पर खाने से 1 घंटे पहले या खाना खाने के 2 घंटे बाद गीले मोटे तौलिए को लपेटे एक तौलिया गिला करके उसको निचोड़ लें और हूं उस तौलिए को 20 मिनट तक अपने पेट पर लपेटकर रखें ऐसा करने से आपका पाचन तंत्र दुरुस्त होगा।

4. हर 3 घंटे में लंबा गहरा श्वास अंदर लें उसको थोड़ी देर रोकें और फिर सांस को खाली करें। खाली करने के बाद फिर से रुके और फिर लंबा गहरा सांस ले। यह एक चक्र है ऐसा दिन में 10 चक्र करें केवल एक शर्त का पालन करें जब आप लंबा गहरा सांस ले रहे हैं तो अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का बढ़ेगी और ऑक्सीजन का संचार सुचारू रूप से हो पाएगा।

4.जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।

तिल के तेल रीढ़ की हड्डी पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

 

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


Scan QR code to download Wellcure App
Wellcure
'Come-In-Unity' Plan