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Q&A
03:16 PM | 03-04-2020

Hi I am suffering from psoriasis & auto immune diseases since 12 years, age 58 male. Pls give some guidelines.


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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2 Answers

04:09 PM | 03-04-2020

Hello Sandu,

Psoriasis is an autoimmune disorder causing inflammation in the body which makes our immunity vulnerable and does not allow our body to function in a healthy manner. Skin is the first line of defence that is why our immunity has to play a major role in this to protect. So, this is why immunity needs to be protected in order to heal the skin.

Herewith these tips, you can achieve health.

Eat:

The first thing in the morning is to start your day with something light in nature and easy to digest. This is what your breakfast should be because they are the kind of nutrients that get absorbed easily. Even the early morning ritual should include consumption of two-three glasses of warm water will help in flushing out all the toxins. The ideal diet would be to depend on fruits and raw vegetable intake and refrain from something which is oil-based. Have fruit salad in the afternoon time and vegetable salad as evening snack this will be light on your stomach.

A diet rich in Vitamin C will help in dealing with skin problems. Sources like lemons, oranges, mosumbi will help in dealing with any type of skin disorders.

Have ginger lemon tea, in the evening to fight against inflammation which has taken place in your body.

Use packs which you can use to improve your psoriasis lesion:

1. Massage the prone area with one tablespoon aloe vera gel and one tablespoon coconut oil.

2. Use tea tree essential oil on the boils, if you have, by dabbing on the cotton after cleaning it. You can do it during night time.

​​Exercise:

  • Pranayam helps in detoxifying the body, practising it early morning in an area which has good sunlight will help in improving blood circulation. Help in removing toxicity.
  • Suryanamaskar, daily 12 sets will help in increasing the blood circulation of your body.

 

Meditation:

In any kind of disease, stress comes complementary to it, but with our assurance and positive attitude, we can treat anything. The best thing to start with is breathing mindfully before sleep with the help of music to stay positive. Use a 15-minute relaxation technique before sleep, by hearing a piece of soothing music and deep breathing will help in relaxing your mind.

A positive attitude will help you to deal with everything in life.

Sleep:

Sleeping for at least 7-8 hours is really helpful in dealing with any problem, sleep is our body's natural response and helps the body to heal. Sleep relaxes the muscles and strengthens our body. During sleep, our body goes into a repair mechanism where it heals thy self.

Hopefully, these suggestions will help you

Thank you.



04:04 PM | 03-04-2020

हेलो,
कारण -  त्वचा संबंधी रोग को ‘सरायसिस ’कहते हैं। इसके लक्षण हैं - शरीर पर लाल चकत्ते और उन पर सफेद रंग की ऊपरी त्वचा, त्वचा में दरारें पड़ना, पानी जैसा पतला द्रव बहना, खुजली और जलन।  सरायसिस की समस्या वात-पित्त के असंतुलन से होती है। पाचन तंत्र के स्वस्थ ना होने के कारण शरीर में विषैले तत्व इकट्ठे हो जाते हैं जो रक्त और मांसपेशियों के अलावा इनके अंदर के ऊत्तकों को संक्रमित करने लगते हैं। ऑटो इम्म्यून  रोग भी इसी कारण सेे होता है। विटामिन डी की कमी संक्रमण को पोषण देता है। शरीर में अम्ल की मात्रा अधिक होने पर  विटामिन डी की कमी होती है।

प्राकृतिक जीवन शैली अपनाकर पूर्ण स्वास्थ को पा सकते हैं।

समाधान - केले के पत्ते या बंद गोभी के पत्ते को त्वचा के उसी हिस्से  पर लगाएं जंहा पर समस्या है। उसके बाद  उस हिस्से को सूर्य की रोशनी 40 मिनट के लिए  लगाएं। 

अपने खाने में सेंधा नमक दिन में एक बार केवल पके हुए खाने में लें। क्योंकि नमक त्वचा के नमी को सोख लेती है। खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। 

जीवन शैली - जीवन शैली-  1आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें। फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

2.वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

3.अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

4.जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।

कपूर मिश्रित नारियल तेल से त्वचा के उस हिस्से की मालिश करें जहां पर समस्या है।  घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise) में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे  (ashgourd ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल (yellow pumpkin) 50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgourd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें। कद्दूकस करके डालें। कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ।  लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6.सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं। तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

7.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस (solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

8.उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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