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Q&A
11:11 AM | 20-04-2020

Hi, I am 35 years old male. From last 1 year I am unable to sleep early. I always sleep at around 3 am and wake up by 9 or 10 in the morning. When I try to sleep early I always think of an illness. I am always having gastritis in the night especially. I always have a fear of drowning. Pls advise.

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

07:25 PM | 20-04-2020

Hello User,

Regular consumption of fatty diet and highly spiced food, toxins are the primary cause of gastritis, our sedentary lifestyle also plays a role in this picture. What needs to be taken care of now is the fact that a major change in lifestyle and diet will be the cure of the problem.

In gastritis with the consumption of this kind of food, what is disturbing is from the esophagus to rectum everything is disturbed. The toxins are in the body, call it stomach ulcers or piles they relate to the same cause.

With a healthy change in the diet and your routine, we can readily deal with all the issues related to the problem of the gastrointestinal tract which in turn definitely disturbs our sleep cycle. What makes a major difference is by changing lifestyles, that we are not only curing the disease at this stage but also preventing future relapses.

Now let us understand what changes we can make:

Eat:

Starting your day with something light in nature and easy to digest is what your breakfast should be. Even the early morning ritual should include consumption of two-three glasses of warm water will help in flushing out all the toxins.

  1. Including a fiber-rich food item that helps in adding bulk to the stools, for example having apples, bananas, nuts, etc. which have a good amount of fiber in them.
  2. Have one tomato with black pepper in the evening time an hour before dinner.
  3. Before sleep, take an inch of ginger and boil in two cups of water with half a teaspoon of turmeric and honey. This will be soothing for your nerves and sleep.

Exercise:

  • Sitting in the position of Vajraasana will help in the treatment of gastritis. After your meals practice, this poses for better digestion and easy stools.
  • A brisk walk in early morning sun from 30-45 minutes, helps in treating your body to its level best.

Meditation:

In any kind of disease, stress comes complementary to it, but with our assurance and positive attitude, we can treat anything. The best thing to start with is breathing mindfully before sleep with the help of music to stay positive.

A positive attitude will help you to deal with everything in life.

Sleep:

Sleeping for at least 7-8 hours is really helpful in dealing with any problem, sleep is our body's natural response and helps the body to heal. Sleep relaxes the muscles and strengthens our body.

Hopefully, these suggestions will help you

Thank you.



11:23 AM | 20-04-2020

Dear Sunny,

Dear Anoop,

A good night's sleep indeed plays an important role in maintaining good health - physical as well as mental. There are a number of factors that govern the quality of our sleep, like the food we eat, our stress level, nature of work, physical activity, emotional well-being and so on. When we align our habits and lifestyle to the Laws of Nature we can ensure the right inputs to our body. Physical, as well as mental health, becomes a natural outcome. We would recommend you to re-consider your current lifestyle. Try and align it to nature. 

You can explore our Nature-Nurtures Program that helps you in making the transition, step by step. Our Natural Health Coach will look into your daily routine in a comprehensive way and give you an action plan. She / he will guide you on diet, sleep, exercise, stress to correct your existing routine & make it in line with Natural Laws. 

It seems that you are struggling with anxiety and fear issues as well. As you start following a natural lifestyle and are able to sleep well you can expect improvement in your mental health as well. However, should you feel the need to consult a Mental Health expert, we could help you connect to one. Please let us know by sending an email at info@wellcure.com (do mention your city) 

In the meanwhile, you could read the following articles on sleep:

  1. Sleep - your natural doctor 
  2. 9 ways to sleep better, naturally
  3. Tackle sleeplessness through nature

All the best!

Team Wellcure

12:06 PM | 20-04-2020

Thanks a lot

Reply


03:28 PM | 20-04-2020

हेलो,
कारण -ऐसा माना जाता है कि जब कोई जीवन में समस्या या चिंता या किसी दर्दनाक घटना से हम गुजरते हैं तो नींद की कमी आती है लेकिन कभी-कभी ऐसा भी हो सकता है कि जीवन में सब कुछ ठीक चल रहा हो फिर भी हमें नींद की समस्या हो सकती है इसका कारण है कि हमारा पाचन तंत्र स्वास्थ्य नहीं है हमारे शरीर में अम्ल की अधिकता हो रही है और अम्ल की अधिकता होने पर शरीर दिमाग में ऑक्सीजन का कमी हो जाता है रक्त संचार ठीक प्रकार से नहीं होता है तो हमारा दिमाग नींद के लिए किसी दवाई पर स्थित होने लगता है। शारीरिक और मानसिक क्रिया का संतुलन बनाना भी स्वाभाविक नींद आने के लिए आवश्यक होता है। टीवी, मोबाइल का यूज रात को सोने से 2 घंटे पहले ही बंद कर देना चाहिए ताकि हम सोने से पहले माहौल बना सके रात को सोने से 3 घंटे पहले अपना रात का भोजन खा ले या फिर रात को भोजन बहुत ही हल्का करें अगर आप देर से खा रहे हैं जैसे कि सूप या सलाद या फल केवल ले। 

उत्तम स्वास्थ्य हेतु प्राकृतिक जीवन शैली को किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में अपनाएं।

समाधान -1 .मेरुदंड स्नान काफी लाभकारी होता है। यह हमारे स्नायु तंत्र को स्वस्थ रखता है। एक मोटा तोलिया लेकर उसको भिगो दें बिना निचोड़े योगा मैट पर बिछाए और उसके ऊपर कमर से लेकर के कंधे तक का हिस्सा रखें। उस गीले तौलिए पर रहे 20 मिनट के बाद इसको हटा दें। ऐसा करने से आप का मेरुदंड में ब्लड और ऑक्सीजन का सरकुलेशन ठीक हो जाएगा। जो कि हमारे सिर के नसों से कनेक्टेड रहता है।

2. प्राणायाम करना है। लंबा गहरा श्वास अंदर लें रुको थोड़ी देर सांस को पूरी तरीके से खाली करें और फिर रुके थोड़ी देर ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन का सरकुलेशन ठीक हो जाएगा ।

जीवन शैली - 1. आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

2.वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

3.अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

4.जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है। तिल के तेल रीढ़ की हड्डी पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise) में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग, धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashgourd ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल (yellow pumpkin) 50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgourd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू, बादाम, अखरोट, मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस (solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें। ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं। हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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