Q&A
01:29 PM | 18-05-2020

Hi all, I am 40 year old , I am having irregular periods from the last 10 months ( I am getting my periods every three months) but before my periods were very regular. Please suggest what to do?. Thank you.


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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4 Answers

12:28 PM | 20-05-2020

Hello Shobha, 

Irregularity in periods is a result of hormonal changes that are caused by our wrong eating habits and sedentary lifestyle. A wrong living style leads to accumulating toxins within the body which disturbs the functioning and hormonal balance.

Possible reasons for irregular periods 

  • Stress.
  • Incorrect sleeping pattern. 
  • Poor nutrition. 
  • Hormonal imbalance. 

Diet to take

  • Start the day with 2-3 glasses of warm water. This will help to flush out the toxins out of the body. 
  • Eat only plant-based natural foods. 
  • Take overnight soaked raisins in the morning. 
  • Drink freshly prepared homemade fruit juices like pomegranate juice, beetroot juice. This will provide the body with easily absorbable nutrients. 
  • Drink coconut water. 
  • Include green leafy vegetables, salads, sprouts to your diet.

Foods to avoid

  • Avoid processed foods and packaged foods.
  • Avoid tea, coffee, and other caffeinated drinks. 
  • Avoid dairy products as they are not meant for the human digestive system and hence facilitates the accumulation of toxins in the body. 
  • Avoid animal products. 
  • Avoid carbonated drinks. 

Physical activity 

Exercising is very important to improve the body's metabolism and blood circulation. 

  • Do 12 sets of suryanamaskar daily.
  • Do bhujanga asana, trikona asana, vriksha asana, tada asana.
  • Take a short morning walk of at least 30min daily. 
  • Take sunlight in the morning. 

Meditation and pranayam 

Meditation and Pranayam, both help to relieve stress. The vibrations that are generated during the pranayam heal many health issues along with relieving stress.

So, practice meditation for 20 minutes daily.

Perform bhramri pranayam, ujjayi pranayam.

Sleep 

A correct sleep cycle is very important to maintain the circadian rhythm. Hence, take 7-8hours of sleep regularly. Sleep early at night and also wake up early in the morning. 

Thank you 

01:08 PM | 20-05-2020

Thank you mam .

Reply


04:35 PM | 19-05-2020

Hello User, 

If we keep on loading ourselves with adulterated things and chemical-based products, we are definitely going to be prone to any kind of illness. Once the disease enters the body, it is the whole body that needs to heal and not just the part and this is what natural cure is all about.

A disease of the reproductive system starts with the high fat and chemical-based diet that we are loading our gastrointestinal tract with. Any disease can make you pre-dispose to another, because of your lifestyle continuation. If you take care of your lifestyle at this moment, then, there are definite chances that you get yourself treated well and your menstrual cycle will regularise. But we have to treat our body on the whole so that we can even stop any future problems with our reproductive tract.

In any case, the cure remains the same, which is a holistic cure in nature's way.

Eat:

  • Start with food items like jaggery, dates, sprouts, green leafy vegetables which help in increasing iron content.
  • Vitamin C addition helps in easy-iron absorption, for example adding lemon to dals. Vitamin C keeps our cells activated by absorbing the iron in the body.
  • Include one fruit like apple, papaya, a banana a day to have a healthy GUT.
  • Apply ice packs every 20 minutes which helps in lowering the pain, if you have any.
  • Cumin water acts as a coolant and helps in enhancing the reproductive cycle.

Exercise:

  • Sleep on your back, raise your one leg and start rotating in a circular motion for 5 times and place it back, repeat the same with another leg. This will elevate your uterine muscles.
  • Squats are another exercise to improve uterine health. Do it 15-20 times at one time.
  • Sit and take 10-15 long deep breaths from the abdomen, to release all the toxicity from the body helping us to gain back our healthy uterus.

Meditation:

While sleeping, take a bowl of water. Put two-three essential oil drops like lavender or orange and inhale it. It will help in calming nerves and automatically our body will start getting the rhythm back. Listen to music for 15 minutes by closing your eyes and deep breathing.

This will help in controlling anxiety during stress.

Sleep:

Sleep should be of 7-8 hours, sound. This will help in releasing all stress and treat all the issues in a healthy manner. It is time to get yourself healthy and wise.

Hopefully, these suggestions will be helpful

Thank you.



05:01 PM | 18-05-2020

हेलो,

कारण - 40 साल के बाद अनियमित मासिक धर्म  का कारण शरीर में पोषक तत्व और रक्त का संचार ठीक प्रकार से ना हो पाना हो सकताा है। साथ ही निम्नलिखित कारणों से भी संभावना होता है।

1. ओवरी में सिस्ट (पीसीओएस (PCOS) मतलब पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) अनियमित मासिक धर्म का एक बड़ा कारण है। 

2. अनियमित मासिक धर्म के दूसरे कारण बाहरी होते हैं जैसे:- अत्यधिक वज़न घटना या बढ़ना।अत्यधिक व्यायाम करना। हार्मोनल गर्भनिरोधक का असर। तनावग्रस्त होना।

अम्ल की अधिकता होने पर रक्त संचार में कमी आती है अतः प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को अपनाकर पाचन तंत्र को स्वस्थ कर आप पूर्ण स्वास्थ्य पा सकते हैं।

समाधान - 1. पेट पर खीरा और नीम के पत्ते का पेस्ट 20 मिनट तक लगाकर छोड़ें। योग करें, प्रणायाम करें। 

हर 3 घंटे में लंबा गहरा श्वास अंदर लें उसको थोड़ी देर रोकें और फिर सांस को खाली करें। खाली करने के बाद फिर से रुके और फिर लंबा गहरा सांस ले। यह एक चक्र है ऐसा दिन में 10 चक्र करें केवल एक शर्त का पालन करें जब आप लंबा गहरा सांस ले रहे हैं तो अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का बढ़ेगी और ऑक्सीजन का संचार सुचारू रूप से हो पाएगा। दौड़ लगाएं। ऐसा करने से रक्त का संचार ठीक होगा।

2. सूर्य की रोशनी में 20 मिनट का स्नान सूर्य की रोशनी से करें 5 मिनट सामने, 5 मिनट पीछे, 5 मिनट दाएं, 5 मिनट बाएं भाग में धूप लगाएं। धूप हमेशा लेट कर लेना चाहिए धूप की रोशनी लेते वक्त सर और आपको किसी सूती कपड़े से ढक ले।  

3. खाना खाने से घंटा पहले या खाना खाने के 2 घंटे बाद पेट पर गिला कपड़ा लपेटकर रखें ऐसा करने से हाजमा दुरुस्त होगा।

हफ्ते में 3 दिन पानी भरे नाभि तक वह पानी रहना चाहिए उसमें बैठे 20 मिनट बाद उसे बाहर निकले यह आपके गर्भाशय को स्वच्छ करने में मुख्य भूमिका निभाएगा। हफ्ते में 3 दिन मेरुदंड स्नान करें एक गीला तोलिया  निचोड़े योगा मैट पर बिछाए और अपनी रीढ़ की हड्डी से लेकर कंधे तक का हिस्सा यानी अपनी पूरी रीढ़ की हड्डी को गीले तौलिए पर रखें 20 मिनट बाद वहां से उठ जाए।

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।

कपूर मिश्रित नारियल तेल से पेट पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग, धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashgourd ) का जूस लें और  बेलपत्र के पत्ते का जूस खाली पेट में 200 ml पिएं। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 

2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल (yellow pumpkin) 50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgourd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें। 

6.सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं। तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

7.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस (solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

8.उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)



01:38 PM | 20-05-2020

Namaskar

We do understand your concern about your irregular periods. Women-health related issues such as irregular periods or cyst etc. are often linked to hormonal balance. We would like to draw your attention to the Nature Cure perspective on the same.

Nature Cure believes that the root cause of most diseases/health conditions is Toxaemia- the accumulation of toxins within the body.  While some toxins are an output of metabolism, others are added due to unnatural lifestyle- wrong food habits, lack of rest and stress. Nature has equipped us with the measures of eliminating the toxins on a regular basis - through breathing, stool, urine, sweat, mucus depositions in the nose, eyes, and genitals, etc. Whenever there is toxic overload due to insufficient or faulty elimination our body tries to throw out the toxins in the form of Flu, Loose-motions, cough, cold, fever, skin rashes, and acute pain. Defying the body’s demand for rest and/ or suppressing the discomforting symptoms by quick-fixes like medicines, leads to an imbalance in the body. Periods are regulated by hormones - estrogen & progesterone. If there is a toxic overload on the body, it can prevent the hormones from performing their routine functions.

One can reverse this state of imbalance by getting back in sync with the natural laws of living. Our Natural Health Coach can look into your routine in a more comprehensive way and give you an action plan. Shifting to a natural lifestyle will also help you deal with all your other health issues. Let us know if you are interested, this coaching will be for a fee. You can explore our Nature-Nurtures Program for the same.  

We encourage you to take charge of your health. Be inspired by Women’s Health stories in our Journeys section - click here. 

We wish you all the best for your good health!

Regds
Team Wellcure 


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