11:56 AM | 13-07-2020

I am suffering from allergy and post nasal drip from past 10 months I have taken English medicine for allergic cough. The cough has stopped but post nasal drip has not yet stopped. Its really very irritating. Please suggest best way to cure my problem.

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

12:59 PM | 14-07-2020

Hello TN Nani, 

Here let us talk about what is the change we have to keep in with diet and lifestyle and how do we correct it.

Postnasal drip, where the body's immunity is at stake and with this, we have to keep our body-safe. The body's immunity is hampered because of the fact that the body is continuously getting exposed to toxic things that need to be protected from.

A person's immunity is already at on the developing stage making it more vulnerable to toxins, by following prevention methods, we can take care effectively.

Now let us follow these four things, in order to deal with the body's immunity.


Here are a few things which we need to take care of is:

Avoiding, milk, and milk products refine sugars and salt, anything which is packed needs to be avoided.

Now, what to eat?

  • Start your day with a vegetable juice, green leafy vegetables, carrot, cucumber, bottle gourd can be your choices. Sprouts are another thing which can be given as breakfast.
  • After lunch two hours later you can give a cup of ginger honey tea. This can be helpful for the kid. Also, sprouts have a good amount of Vitamin C which will help in treating the immunity, sweet potatoes are another good source of vitamin C. Inducing legumes in the diet is also another good way of treating adenoid and nasal septum deviation.
  • A Tulsi leaf has given with a glass of warm water, empty stomach in the morning will help in removing the toxins.


Now let us understand the exercise part:

  • Deep breathing exercises like pranayama will be helpful in the treatment of the problem.
  • Doing cat and cow pose from our yoga books helps in improving lung capacity and clear the respiratory tract from toxins.
  • Take your little one for an early morning walk in the sun, which will help the kid in taking in the fresh air and the sun will activate the cells.


This is the right time to expose your kid towards meditation. Tell him to sit crossed leg on the floor and repeat, " I am healthy and happy" for 10 times, slowly with each breath.

With this tell him to imagine himself to be healthy and to breathe freely.

This exercise of visualization will surely help the kid, in a long way.


Sleep is the most important part, teach him the importance of early to bed and early to rise. Tell him how important it is to wake up during sunrise. If he is taking any gadget and using it, please avoid an or two before sleep.

These things will surely help the kid with the problem.

Thank you

01:23 PM | 14-07-2020


Thanks for sharing your concern. Please consider this -

As per Nature cure, toxic overload is the basic root cause of all diseases, in your case allergy in eyes, ear, nose, throat, and skin is nothing but insufficient elimination of toxins (via kidneys, skin & lungs) as a result the body gets clogged and the toxins cause inflammation of tissues. Cold is basically inflammation of the inner lining of the nose. Cold, cough and any skin allergy are an action initiated by the body in its attempt to throw out toxins and get back to balance.

  As per nature cure, one can reverse this state of imbalance by getting back in sync with the natural laws of living. You can explore our Nature-Nurtures program that helps you in making the transition, step by step. Our Natural Health Coach will look into your daily routine in a comprehensive way and give you an action plan. She/he will guide you on the diet, sleep, exercise, stress to correct your existing routine & make it in line with Natural Laws.

In the meanwhile, you can go through: 

 Blogs -

You can also read stories on healing skin issues naturally here and some more stories of people who could take care of their cold/respiratory issues just by following Natural Laws.  

We wish you the best of health!

Team wellcure

01:00 PM | 14-07-2020

कारण - कुछ चीजों या पदार्थो को छूते, खाते या सूंघते हैं, जिससे आपको एलर्जी है तो आपको नाक बहने की समस्या हो सकती हैं। पशुओं के बाल और घास आदि एलर्जी पैदा करने वाले सबसे आम पदार्थों में आते हैं। आपका शरीर एलर्जी के पदार्थों के प्रति भी ऐसे ही प्रतिक्रिया करता है जैसे कि वे हानिकारक बैक्टीरिया हैं, और इस कारण से नाक बहने लगती है।  संक्रमण जैसी बीमारियों के कारण नाक बहने लगताा है।
अंग्रेजी दवाइयों सेे प्रतिक्रिया  को बंद किया जा सकता है लेकिन मूूूूूूूूूल कारण पर काम किए बिना प्रतिक्रिया समाप्त नहीं हो सकता है। म्यूकस में संक्रमण का पहचान है आपके शरीर में म्यूकस इंफेक्शन है। यह आंत के संक्रमित होने पर होता है। शरीर में अम्ल की अधिकता होने पर संक्रमण का खतरा हमेशा बना रहता है। प्राकृतिक जीवन शैली को अपनाकर पूर्ण स्वास्थ्य का लाभ उठा सकते हैं।

प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति में इसका समाधान है।

समाधान - 1. चार भिंडी को लंबा काटकर एक गिलास पानी में डाल दें और सुबह खाली पेट नेचुरल मोशन होने से पहले उसको पी लें। पीते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि पानी को मुंह में रख रख केपीए।2. सूर्य की रोशनी में 20 मिनट का स्नान सूर्य की रोशनी से करें 5 मिनट सामने 5 मिनट पीछे 5 मिनट दाएं 5 मिनट बाएं भाग में धूप लगाएं। धूप लेट कर लेना चाहिए धूप की रोशनी लेते वक्त सर और आपको किसी सूती कपड़े से ढक ले। सूर्य नारी मंद होने पर  इन्फेक्शन अधिक होता है अतः आप जब भी सोए अपना दायां भाग ऊपर करके सोए। 

3. प्रतिदिन अपने पेट पर खाने से 1 घंटे पहले या खाना खाने के 2 घंटे बाद गीले मोटे तौलिए को लपेटे एक तौलिया गिला करके उसको निचोड़ लें और हूं उस तौलिए को 20 मिनट तक अपने पेट पर लपेटकर रखें ऐसा करने से आपका पाचन तंत्र दुरुस्त होगा।

4. हर 3 घंटे में लंबा गहरा श्वास अंदर लें उसको थोड़ी देर रोकें और फिर सांस को खाली करें। खाली करने के बाद फिर से रुके और फिर लंबा गहरा सांस ले। यह एक चक्र है ऐसा दिन में 10 चक्र करें केवल एक शर्त का पालन करें जब आप लंबा गहरा सांस ले रहे हैं तो अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का बढ़ेगी और ऑक्सीजन का संचार सुचारू रूप से हो पाएगा। प्रतिदिन दौड़ लगाना आवश्यक है।

5.सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आ कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ash guard) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं। हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।



प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

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