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Q&A
12:36 PM | 13-07-2020

My husband is diabetic for more than 20 years, Lately he is suffering from water retention in stomach due to liver problem, Please suggest!! Some natural remedies for the same


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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2 Answers

12:00 PM | 16-07-2020

Hello Kakul,

Fatty liver, gastritis, esophagitis, piles these all condition going around the digestive tract are all the result of one thing which a chronic bad diet. They all make our metabolism extremely weak which only makes our body susceptible to diseases.

It is the extra load we keep on giving our body on the name of regular meals, n our body needs rest, a good amount of rest in order for nutrients to get absorbed. The main thing is to understand in all these is that our diet is predominantly filled with oil and fats which are not doing anything good.

It is time to allow your gastro-intestinal tract to go under a good amount of rest, and that can only be achieved by a light diet and exercise.

Eat:

  • Start your day with 2-3 glasses of warm water, this will allow your body to release all the toxins.
  • Your breakfast should include a glass of vegetable juice, for example, bottle guard, spinach tomato, or carrot juice this will allow the nutrients to absorb completely in your body. You can add sprouts in your breakfast.
  • Having a fruit like an apple, banana, papaya, guava is very beneficial for your mid-meal you can have it as a snack.
  • The next thing to start with after two hours of your lunch take a raw garlic clove, it helps in treating the liver.
  • Walnuts and almonds are considered to be beneficial in this state, you can have them during evening time.
  • Consuming methi seeds in warm water early morning empty stomach helps in building insulin sensitivity and reduce diabetes. 

Exercise:

Suryanamaskar daily 12 sets in the morning will help in treating any disorder, especially of the digestive tract.

Seated spinal twist is another asana which benefits especially for treating fatty liver.

Brisk walk for 30 minutes in the morning in early sun helps in the treatment of any disease, as the sun has the power to activate our cells and rejuvenates our cells.

Meditation:

  • Practice mindful meditation.
  • Deal with your stress.
  • Allow positivity to be part of your life.

Doing a 15-minute exercise before sleep like deep breathing will help in relaxing your mind, you can use music also for relaxation. A calm mind will lead to a healthier body.

Sleep:

Sleeping for at least 7-8 hours is very important in order to completely relax. In sleep what our body does is go through is the process of repair. Relax your self by taking a water bowl with 2-3 drops of essential oil, like orange and lavender which will help in relaxing. This will aid in treating any kind of disease.

It is time to make ourselves healthier without disease hampering our growth.

Hopefully, these suggestions will help.

Thank you



11:21 AM | 15-07-2020

हेलो,

कारण - शुगर कोई बीमारी नहीं है। ख़राब हाज़मा और ग़लत खान पान के वजह से शरीर इस रूप में प्रतिक्रिया कर रहा है। सही खुराक जो की शरीर की ज़रूरत है।

वॉटर रिटेंशन की प्रॉब्लम हाई साल्ट इनटेक करने से होता है लीवर की समस्या भी हाईसल्ट हजम ना हो पाने की वजह से होता है इसलिए सॉल्ट की मात्रा अपने खाने में कम ले। इन ऑर्गेनिक सोडियम से बचें और ऑर्गेनिक सोडियम हरी पत्तेदार सब्जियों में और फल में मिलता है। इन ऑर्गेनिक सोडियम शरीर में मिल नहीं पाता है और ऑर्गेनिक सोडियम जो है शरीर में मिल जाता है और शरीर का अंश हो जाता है। लिवर का प्रॉब्लम और वॉटर रिटेंशन का प्रॉब्लम इन ऑर्गेनिक सोडियम कंज्यूम करने की वजह से हो रहा है। शुगर, और लीवर के स्वास्थ में कमी का खराब हाजमा मूल कारण है।

समाधान - शारीरिक और मानसिक क्रिया में संतुलन बनाए। दौड़ लगाएँ।सुप्त मत्स्येन्द्रासन, धनुरासन

पश्चिमोत्तानासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, शवासन करें।

10% कच्चे हरे पत्ते और सब्ज़ी का जूस बिना नमक निम्बू के लेना है।30% कच्चे सब्ज़ी का सलाद बिना नमक निम्बू के लेना है।10% ताज़ा नारियल सलाद में मिला कर लेना है। 20% फल को लें। पके हुए खाने को केवल एक बार खाएँ नमक भी केवल एक बार पके हुए खाने लें। पके हुए खाने में सब्ज़ी भाँप में पके हों और तेल घी रहित होना चाहिए सब्ज़ी की मात्रा 20% और millet या अनाज की मात्रा 10% हो।  वर्षों से जमी टॉक्सिन को निकालना ज़रूरी है। किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में पहली बार लें। एनिमा किट मँगा लें । यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 100ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में एक बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में उपस्थित विषाणु निष्कासित हो जाये।

शरीर पाँच तत्व से बना हुआ है प्रकृति की ही तरह।

आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी ये पाँच तत्व आपके शरीर में रोज़ खुराक की तरह जाना चाहिए।

पृथ्वी और शरीर का बनावट एक जैसा 70% पानी से भरा हुआ। पानी जो कि फल, सब्ज़ी से मिलता है।

आपका मुख्य आहार ये हुआ तो बहुत अच्छा हो जाएगा।

1 आकाश तत्व- एक खाने से दूसरे खाने के बीच में विराम दें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें।

2 वायु तत्व- लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें। इसके बाद फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें, रुकें, फिर स्वाँस अंदर भरें। ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक समय पर करना है। ये दिन में चार बार करें। खुली हवा में बैठें या टहलें।

3 अग्नि तत्व- सूर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।र

4 जल तत्व- खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

नीम के पत्ते का पेस्ट अपने नाभि पर रखें। 20मिनट तक रख कर साफ़ कर लें। मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। 

5 पृथ्वी- सब्ज़ी, सलाद, फल, मेवे, आपका मुख्य आहार होगा। आप सुबह खीरे का जूस लें, खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ash guard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। बेल का पत्ता 8 से 10 पीस कर I 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। जो की आपको ज़बर्दस्त फ़ायदा करेगा। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें।

दोपहर में 12 बजे फिर से कच्चे सब्ज़ी जूस को लें। इसके एक घंटे बाद खाना खाएँ।शाम को 5 बजे सफ़ेद पेठे (ash guard) 20 ग्राम पीस कर 100 ml पानी मिला। 2 घंटे तक कुछ ना लें। रात के सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डाले। ताज़ा नारियल मिलाएँ। रात का खाना 8 बजे खाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। इसे बिना नमक के खाएँ, बहुत फ़ायदा होगा। पृथ्वी तत्व को शरीर में डालने का एक नियम हमेशा याद रखें ठोस (solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल (liquid) को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें। ठोस (solid) भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ (liquid) ले सकते हैं। ऐसा करने से हाज़मा कभी ख़राब नहीं होगा। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन छोड़ने से ज़्यादा लाभ होगा।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। 

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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