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Q&A
10:44 AM | 26-10-2020

I am 39 years old. My weight is 74 kgs according to my height I must be 67 kgs. I eat only once during dinner and in lunch I have salads or sometimes mono fruit. But since few days I am suffering from flattuence problem and acidity that is during night when I am sleeping.. Please let me know how can this flattuence problem be solved. Thanks.


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

01:21 PM | 29-10-2020

Hello Meghana,

As you said that you are eating only once and that is at dinner, I don't support this. In the start of the day, it is essential to have breakfast and breakfast should be heavy in nutrition. You can have a light dinner. But skipping breakfast or lunch may lead to health issues like acidity, flatulence, lack of energy, etc. Here are some tips to follow. 

Diet

  • Start the day with 3 to 4 glasses of warm water on an empty stomach. This will help to flush the toxins out of the body. 
  • Drink green tea twice a day, one in the morning on an empty stomach and the other at night before sleeping. 
  • Eat sprouts in your breakfast as they are light in nature and are rich in nutrients also.
  • Drink freshly prepared homemade fruit juices. 
  • Have fresh, seasonal, and locally available fruits and vegetables. 
  • Don't use refined oils for cooking. Instead, use cold-pressed oil for cooking.
  • Have Vitamin C rich diet like include lemon, oranges, amla, blueberries, etc in your diet.
  • Drink plenty of water throughout the day. 

Exercise 

Physical activities are also essential for good digestion as it improves the blood circulation in the body and also the metabolism of the body. 

  • Start the day with a brisk morning walk of at least 30min. 
  • Do plank for 5min. 
  • Perform yoga asanas like bhujanga asana, trikona asana, paschimottan asana and padahasta asana. 
  • Do pranayam regularly for 15-20min, specially anulom-vilom and bhastrika pranayam. 

Sleep

Good quality of sleep is also needed for good metabolism. Sometimes lack of sleep or bad quality sleep also leads to digestive issues like acidity, anorexia, etc. So, proper sleep is required. 

Take proper sleep of at least 7-8hours daily. Sleep early at night and also wake up early in the morning. 

Avoid using electronic gadgets like mobiles, tv, computers, laptops, etc at least 1hour before sleeping for an improved quality of sleep. 

Thank you



12:45 PM | 30-10-2020

हेलो,
कारण -
यह आंतों में इन्फ्लेमेशन के कारण होता है।  खाना जो देर तक पचता नहीं है और शरीर के अंदर काफी लंबे समय तक सड़ रहा होता है उसके वजह से यह संक्रमण होता है। विषाणु को पनपने के लिए शरीर में अम्लीयता होना जरूरी होता है। आहार शुद्धि और प्राकृतिक जीवन शैली को अपनाकर इसे छुटकारा पाया जा सकता है।

समाधान - 1. चार भिंडी को लंबा काटकर एक गिलास पानी में डाल दें और सुबह खाली पेट नेचुरल मोशन होने से पहले उसको पी लें। पीते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि पानी को मुंह में रख रख केपीए।

2. सूर्य की रोशनी में 20 मिनट का स्नान सूर्य की रोशनी से करें 5 मिनट सामने 5 मिनट पीछे 5 मिनट दाएं 5 मिनट बाएं भाग में धूप लगाएं। धूप लेट कर लेना चाहिए धूप की रोशनी लेते वक्त सर और आपको किसी सूती कपड़े से ढक ले। सूर्य नारी मंद होने पर  इन्फेक्शन अधिक होता है अतः आप जब भी सोए अपना दायां भाग ऊपर करके सोए। 

3. प्रतिदिन अपने पेट पर खाने से 1 घंटे पहले या खाना खाने के 2 घंटे बाद गीले मोटे तौलिए को लपेटे एक तौलिया गिला करके उसको निचोड़ लें और हूं उस तौलिए को 20 मिनट तक अपने पेट पर लपेटकर रखें ऐसा करने से आपका पाचन तंत्र दुरुस्त होगा।

4. हर 3 घंटे में लंबा गहरा श्वास अंदर लें उसको थोड़ी देर रोकें और फिर सांस को खाली करें। खाली करने के बाद फिर से रुके और फिर लंबा गहरा सांस ले। यह एक चक्र है ऐसा दिन में 10 चक्र करें केवल एक शर्त का पालन करें जब आप लंबा गहरा सांस ले रहे हैं तो अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का बढ़ेगी और ऑक्सीजन का संचार सुचारू रूप से हो पाएगा।

5.सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आ कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें। दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ। रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं। हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)



10:54 AM | 28-10-2020

Dear Meghana,

Thanks for sharing your query with us. First of all, we need to understand our body, its symptoms, and discomforts from nature cure's perspective. This will help you arrive at an answer to your question. Digestive issues like gastric problems, acidity etc. occur due to unnatural lifestyle choices (wrong food habits, lack of rest, stress, etc.), there is improper digestion of food and accumulation of toxins. Nature Cure identifies the root cause of most diseases as TOXAEMIA - accumulation of un-eliminated toxins within the body.  This toxic overload may affect different organs in different individuals and hence the variation in symptoms and diseases. All the symptoms that you have mentioned in your question indicate the accumulation of toxins.

From Nature Cure point of view, toxicity is the root cause of all diseases. The way out to your stomach problem is to get rid of the toxins. We would encourage you to adopt a natural lifestyle to deal with your condition. You can explore our Natural Health Coaching Program that helps you in making the transition, step by step. 

Also, we suggest you read real-life natural healing stories of people who cured digestive issues just by following Natural Laws.

All the best!

Team Wellcure


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