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Q&A
02:31 PM | 18-01-2021

Have to travel 6 hrs daily. Unmarried,working lady, age 30 years. Suffering from pitta vata imbalance for long time. As a result, having tremendous hair fall, going bald, constipation, acne problem. I'm so frustrated, plz suggest me some easy steps to balance my life.

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

03:20 PM | 19-01-2021

Hello, 

Constipation, hairfall, acne are all interrelated. Constipation becomes the reason for hairfall and acne as it results in the accumulation of excessive toxins in the body. 

Acne is a skin condition which commonly develops on the face, chest, upper neck but it may also occur in other parts of the body. In this, pimples, rashes, etc get developed in the skin and it is mostly due to blocked pores of the skin. But, a proper diet along with some exercise and local applications can cure the problem naturally. It will require discipline but it is better to have those acne scars.

Reasons for acne are -

  • Unhygienic conditions. 
  • Any infection. 
  • Use of chemical-based products. 
  • Exposure to dust, dirt, and pollution. 
  • Having oily and spicy foods.

 Local application 

  • Mix besan and turmeric to make a paste. Apply this paste on the affected part. Keep it for 10 minutes and then rinse it with cold water.
  • Apply fresh aloe vera gel and Gulab Jal on the affected part.
  • Avoid using any chemical-based products. 

Health of our hair is the reflection of our body's internal health. Improper lifestyle, eating wrong foods, lack of sleep, constioation, increased stress levels are the reasons which lead to toxic accumulation and result in issues like hairfall, etc. External factors like exposure to dust, chemicals and pollution are also the reason for hairfall and damaged hairs. 

Local application 

  • Mix amla powder with warm water. Keep it for around 2 hours. Then, apply it on your hair and leave it for half an hour and then wash your hair.
  • Don't use any chemical-based products on your hair.
  • Apply fresh aloe vera jel on your hairs.
  • Protect your hair from dust, smoke, etc.

Constipation also leads to severe hairfall and skin problems. The root cause for constipation is incorrect lifestyle and wrong eating habits. 

Diet to follow- 

  • Drink 3 to 4 glasses of warm water on an empty stomach in the morning. This will help to flush the toxins out of the body. 
  • Have Vitamin C rich foods like blueberries, orange, etc.
  • Eat soaked raisins on an empty stomach in the morning. 
  • Have sprouts, nuts, beans, and salads. 
  • Eat fresh, seasonal, and locally available fruits and vegetables. 
  • Drink freshly prepared homemade fruit juices with fibers. This will add bulk to the stool and will aid in the movement of the stool.
  • Drink plenty of water during the day. 
  • Have your dinner 3 to 4 hours before your sleeping time.

Foods to avoid- 

  • Avoid dairy products and animal foods. 
  • Avoid processed, packaged, oily, and spicy foods. 
  • Avoid refined oils and refined grains. 
  • Avoid tea, coffee, and other caffeinated drinks. 
  • Avoid carbonated drinks. 

Exercise 

  • Start the day with a brisk morning walk of at least 30min. 
  • Do 12 sets of suryanamaskar daily in the morning. 
  • Perform pranayam, specially anulom-vilom and bhastrika pranayam. 
  • Take sunrays early in the morning. 
  • Take short walks after every meal.

Sleep

A proper sleeping pattern is very important for a healthy digestive system. Hence, take proper sleep of at least 7-8 hours daily. Sleep early at night and also wake up early in the morning. 

Thank you 



03:20 PM | 19-01-2021

हेलो,
कारण - वात दोष “वायु” और “आकाश” इन दो तत्वों से मिलकर बना है। वात या वायु दोष को तीनों दोषों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना गया है। हमारे शरीर में गति से जुड़ी कोई भी प्रक्रिया वात के कारण ही संभव है। चरक संहिता में वायु को ही पाचक अग्नि बढ़ाने वाला, सभी इन्द्रियों का प्रेरक और उत्साह का केंद्र माना गया है। वात का मुख्य स्थान पेट और आंत में है।
 पित्त दोष ‘अग्नि’ और ‘जल’ इन दो तत्वों से मिलकर बना है। यह हमारे शरीर में बनने वाले हार्मोन और एंजाइम को नियंत्रित करता है। शरीर की गर्मी जैसे कि शरीर का तापमान, पाचक अग्नि जैसी चीजें पित्त द्वारा ही नियंत्रित होती हैं। पित्त का संतुलित अवस्था में होना अच्छी सेहत के लिए बहुत ज़रूरी है। शरीर में पेट और छोटी आंत में पित्त प्रमुखता से पाया जाता है। बालों का गिरना, पिंपल्स और कब्ज यह सभी प्रतिक्रिया है यह वात और पित्त के दोष के वजह से हो रहा है प्राकृतिक जीवन शैली को अपनाकर इन सभी प्रतिक्रिया  से मुक्ति मिल सकती है। प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति में इसका समाधान है।

समाधान - 1. चार भिंडी को लंबा काटकर एक गिलास पानी में डाल दें और सुबह खाली पेट नेचुरल मोशन होने से पहले उसको 

2. सूर्य की रोशनी में 20 मिनट का स्नान सूर्य की रोशनी से करें 5 मिनट सामने 5 मिनट पीछे 5 मिनट दाएं 5 मिनट बाएं भाग में धूप लगाएं। धूप लेट कर लेना चाहिए धूप की रोशनी लेते वक्त सर और आपको किसी सूती कपड़े से ढक ले। सूर्य नारी मंद होने पर  इन्फेक्शन अधिक होता है अतः आप जब भी सोए अपना दायां भाग ऊपर करके सोए। 

3. प्रतिदिन अपने पेट पर खाने से 1 घंटे पहले या खाना खाने के 2 घंटे बाद गीले मोटे तौलिए को लपेटे एक तौलिया गिला करके उसको निचोड़ लें और हूं उस तौलिए को 20 मिनट तक अपने पेट पर लपेटकर रखें ऐसा करने से आपका पाचन तंत्र दुरुस्त होगा।

सर पर सूती कपड़ा बाँध कर उसके ऊपर गुड़हल(hibiscus) के पत्ते का पेस्ट लगाएँ। 

त्वचा को गुलाब जल बेसन और हल्दी से साफ़ करें। साबुन या कोई भी क्रीम का प्रयोग बंद कर दें। गुड़हल के फूल को पीस कर उसका लेप 20 मिनट लगा कर फिर चेहरा साफ कर लें।

पैरों को 20 मिनट के लिए सादे पानी से भरे किसी बाल्टी या टब में डूबो कर रखें। 

  मेरुदंड स्नान काफी लाभकारी होता है यह हमारे स्नायु तंत्र को स्वस्थ रखता है । एक मोटा तोलिया लेकर उसको भिगो दें बिना निचोड़े योगा मैट पर बिछाए और उसके ऊपर कमर से लेकर के कंधे तक का हिस्सा रखें। उस गीले तौलिए पर रहे 20 मिनट के बाद इसको हटा दें। ऐसा करने से आप का मेरुदंड में ब्लड और ऑक्सीजन का सरकुलेशन ठीक हो जाएगा। जो कि हमारे सिर के नसों से कनेक्टेड रहता है।

4. हर 3 घंटे में लंबा गहरा श्वास अंदर लें उसको थोड़ी देर रोकें और फिर सांस को खाली करें। खाली करने के बाद फिर से रुके और फिर लंबा गहरा सांस ले। यह एक चक्र है ऐसा दिन में 10 चक्र करें केवल एक शर्त का पालन करें जब आप लंबा गहरा सांस ले रहे हैं तो अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का बढ़ेगी और ऑक्सीजन का संचार सुचारू रूप से हो पाएगा।

5.खानपान में मुख्य रूप से गहरे हरे रंग के पत्तों का जूस बहुत ही फायदेमंद होता है। गहरे हरे रंग के पत्तों में क्लोरोफिल होता है और ऑक्सीजन की संचार में यह बहुत ही मददगार साबित होता है।

सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आ कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)



02:57 PM | 18-01-2021

Namaskar,

Thanks for sharing your query with us! We would want you to understand your health issues from Nature Cure perspective.

Thanks for sharing your problem with us! Constipation is known to be the mother of all diseases and it is important to control it to stay in good health. Let us try to understand constipation from a Nature Cure perspective - once the food is digested the undigested matter is passed onto the large intestine. All such matter (mainly matter which cannot be used by the body, consisting of chemicals, fibre etc) is eliminated in the form of stools. When our lifestyle choices are unnatural (like wrong food habits, lack of sleep, disturbed circadian rhythm etc.), the intestine gets blocked with this undigested matter. This causes gas and hardening of the stools or constipation. Some of the waste may even be absorbed into the blood causing toxins to circulate to other parts of the body and causes further problems, like the ones you have mentioned.

Constipation can certainly be relieved by making appropriate lifestyle choices. This would include food as well as non-food elements (like stress management, emotional health, proper rest and exercise etc.). We suggest you explore our Natural Health Coaching Program that helps you in making the transition, step by step. Our Natural Health Coach will look into your daily routine in a comprehensive way and give you an action plan. She/he will guide you on diet, sleep, exercise, stress to correct your existing routine & make it in line with Natural Laws. 

In the meanwhile, you may explore these resources

  1. Blog - Take control of constipation

  2. Real-life natural healing stories of people who cured digestive issues just by following Natural Laws.

We wish you the best of health!

Team Wellcure


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