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Q&A
02:02 PM | 13-08-2019

I have persistent cough. How to heal naturally???

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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2 Answers

11:45 AM | 14-08-2019

नमस्ते

 

 निष्कासन ठीक प्रकार से और सही माध्यम से ना हो तो शरीर ग़लत माध्यम से शरीर में पनप रहे विषाक्त कणों को निकालता है क्योंकि शरीर का एक लक्ष्य है अनचाहे विषाणुओं को शरीर से निकाल बाहर करना है।

एक खाने से दूसरे खाने के बीच में विराम दें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें।

आहार शुद्धि और सही स्वाँस लेने के तरीक़े से हम इस बीमारी पर नियंत्रण पा सकते हैं।

गहरा स्वाँस अंदर भरें, रुकें फिर पूरा स्वाँस ख़ाली कर के हल्का रुकें, और फिर सहज साँस लें तो एक चक्र पूरा होता है। ऐसे 10 चक्र करें, मेरुदंड को सीधा रखें और पेट ख़ाली रखकर इस अभ्यास को करें। जितनी देर स्वाँस को सहजता से रोक सकें उतना ही रोकें। 

खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें। खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

मेरुदंड ( स्पाइन) सीधा करके बैठें, हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। 

 

मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

सूर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।

एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 100ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये।

एक नियम हमेशा याद रखें ठोस (solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल (liquid) को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें। ठोस (solid) भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ (liquid) ले सकते हैं।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। 

खाना अच्छी तरह चबा कर खाएँ, खाने के 1 घंटे बाद पानी पीएँ खाने के बीच में या खाने के तुरंत बाद पानी पीने से खाना हज़म ठीक से नहीं होता है। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन से बचें।

तेल, मसाला, और (wheat) गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा।

सुबह 5 बेल पत्ते को पीस कर 100ml पानी मिला कर  पीएँ, 2 घंटे बाद फल खाएँ, दोपहर 12 बजे पालक 10 पत्ते+पुदीना 10 पत्ता पीस कर 100ml पानी मिला कर पीएँ। इसके 1घंटे बाद खाना खाएँ, शाम5 बजे नारियल पानी या सफ़ेद पेठे (ashguard) 20 ग्राम पीस कर 100ml पानी में मिला कर पीएँ।

रात के खाने में सलाद लें और सलाद 8 बजे से पहले लें, सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें। नारियल पीस कर मिलाएँ।

 

धन्यवाद।

 

रूबी, Ruby

प्राकृतिक जीवनशैली शिक्षिका (Nature Cure Educator)

 



10:26 AM | 14-08-2019

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