Q&A
12:04 PM | 20-09-2019

How does diabetes affect your sleep?


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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4 Answers

03:43 PM | 20-09-2019

नमस्ते ,

अनियमित दिनचर्या, गलत खानपान की वजह से ,क्रोध, ईर्ष्या ,चिंता , आलस्य, अनुवांशिक रूप से पैंक्रियाज का सही तरीके से कार्य न करने की वजह से शरीर भोजन से ऊर्जा बनाने में असफल हो जाता है जिससे रक्त में शुगर का स्तर बढ़ने लगता है।

 

जब मधुमेह के रोगी में शुगर का स्तर बढ़ जाता है तो शरीर स्वाभाविक रूप से पेशाब के माध्यम से उसे संतुलित करने का प्रयास करती है जिससे मधुमेह के रोगी को बार-बार नींद से जागना पड़ता है उसकी नींद पूरी नहीं हो पाती है।

 

 

  • रात्रि का भोजन-हल्का सुपाच्य भोजन सायं 5:00 -7:00 के बीच कर ले ,इससे भोजन का पाचन सही से होता है व रात्रि को नींद अच्छी आती है।

 

  • सोने से 2 घंटे पहले मोबाइल, टेलीविजन या कंप्यूटर का प्रयोग ना करें, धीमी रोशनी या अंधेरे कमरे में सोएं।

 

  • प्रतिदिन प्रातः गुनगुने पानी में नींबू का सेवन करें इससे शरीर की अशुद्धियां बाहर निकल जायेगी ।

 

  • प्रतिदिन 3 से 4 लीटर पानी बैठकर धीरे-धीरे पीएं-शरीर को आवश्यक पानी की आपूर्ति होती है वह अशुद्धियां बाहर निकलती रहती हैं।

 

 

  • भोजन में हल्के सुपाच्य मौसमी फल व हरी पत्तेदार सब्जियों का प्रयोग करें, इससे भोजन का पाचन, अवशोषण व निष्कासन आसानी से होता है।

 

  • प्रतिदिन प्रातः सूर्योदय के बाद व सूर्यास्त से 1 घंटे पहले धूप में व्यतीत करें- इससे शरीर को आवश्यक विटामिन डी व ऊर्जा मिलती है योगिक सच में व्यायाम शरीर की समस्त जोड़ों को क्रियाशील बनाते हैं ।

 

  • आसन- पश्चिमोत्तानासन ,मंडूकासन, अर्धमत्स्येंद्रासन ,भुजंगासन पाचन अंगों को क्रियाशील बनाता है ।

 

निषेध -चाय, चावल ,चीनी, अचार, मिठाईयां ,नमक -नमकीन, ठंडे पेय पदार्थ, क्रोध, ईर्ष्या, चिंता रक्त को अम्लीय बनाते हैं जिससे अंगों की कार्यक्षमता कम हो जाती है और वे सुचारू रूप से कार्य नहीं कर पाते।

 

ठहाके के साथ हंसे, सकारात्मक सोचें।

 

डॉ.राजेश कुमार 

योग व नेचुरोपैथी फिजीशियन

 

 

 

 

 

 

 



03:42 PM | 20-09-2019

Diabetes is a condition of a toxic body. Disturbed sleep is also due to a toxic body.
The medicines can also cause disturbed sleep. Plus thirst and going to the toilet multiple times which diabetics suffer from affect sleep



03:42 PM | 20-09-2019

नमस्ते

 

शुगर की बीमारी में रात को पेशाब बार बार आने की प्रवृति बढ़ जाती है। ये मुख्य वजह होता नींद ठीक प्रकार से नहीं हो पाने का, अन्य कारणों से नकारा नहीं जा सकता जैसे की कंठ सुखना, हांथ, पैर में झनझनाहट होना।

समाधान- गले पर गिला सुती कपड़ा लपेट कर 20 मिनट के लिए रखें। फल, कच्चे सब्ज़ी का जूस और सलाद लें। 

जीवन शैली - आपका मुख्य आहार ये हुआ तो बहुत अच्छा हो जाएगा।

1 आकाश तत्व- एक खाने से दूसरे खाने के बीच में विराम दें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें।

2 वायु तत्व- लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें। इसके बाद फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें, रुकें, फिर स्वाँस अंदर भरें। ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक समय पर करना है। ये दिन में चार बार करें। खुली हवा में बैठें या टहलें।

3 अग्नि तत्व- सूर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।

4 जल तत्व- खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

नीम के पत्ते का पेस्ट अपने नाभि पर रखें। 20मिनट तक रख कर साफ़ कर लें। मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। 

5 पृथ्वी- सब्ज़ी, सलाद, फल, मेवे, आपका मुख्य आहार होगा। आप सुबह खीरे का जूस लें, खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। बेल का पत्ता 8 से 10 पीस कर I100ml पानी में मिला कर पीएँ। खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। बेल पत्ता 8 से 10 पीस कर 100 ml पानी में मिला कर लें। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। जो की आपको ज़बर्दस्त फ़ायदा करेगा। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें।

दोपहर में 12 बजे फिर से कच्चे सब्ज़ी जूस को लें। इसके एक घंटे बाद खाना खाएँ।शाम को 5 बजे सफ़ेद पेठे (ashguard) 20 ग्राम पीस कर 100 ml पानी मिला। 2 घंटे तक कुछ ना लें। रात के सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डाले। ताज़ा नारियल मिलाएँ। रात का खाना 8 बजे खाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। इसे बिना नमक के खाएँ, बहुत फ़ायदा होगा। पृथ्वी तत्व को शरीर में डालने का एक नियम हमेशा याद रखें ठोस (solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल (liquid) को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें। ठोस (solid) भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ (liquid) ले सकते हैं। ऐसा करने से हाज़मा कभी ख़राब नहीं होगा। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन छोड़ने से ज़्यादा लाभ होगा। तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। एनिमा किट मँगा लें । यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 100ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में एक बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में उपस्थित विषाणु निष्कासित हो जाये। ये किसी प्राकृतिक चिकित्सक देख रेख में पहली बार लें।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)



09:09 AM | 23-09-2019

Hi there,

 

 

Diabetes is nothing but an uncontrolled rise in blood sugar level which is of two types, type 1 and type 2 diabetes.

 

How does it affect your sleep? 

Well, the basic and classic symptom of diabetes is the feeling of excessive thirst and urge to go for urination frequently. These will wake you up for a number of times, disturbing your sleep and in turn deprives you a good sleep.

One of the common complications of diabetes is the diabetic neuropathy or nerve damage which usually painful and keeps the person awake at night. While some experience an uncontrollable urge to move the legs because of some uncomfortable feelings like something creeping or crawling on the feet. This is also known as restless leg syndrome which usually starts once you're up on the bed. 

Sleep apnea can be one factor that disturbs sleep which is very common with people suffering from diabetes.

• All these symptoms can be treated once the blood sugar is under control.

• A healthy natural diet with low carbs, high fibrous diet, low saturated and trans fats can improve the condition.

• Daily exercises and workouts are very important to keep the body fit and fine. It'll help reduce body weight, improves the body's metabolic activity.

• Correcting the sleep posture, such as avoiding sleeping on your back can help prevent sleep apnea.

• Practice yoga asanas and pranayama daily.


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