Q&A
01:36 PM | 10-11-2019

Hey there I have operated my right eye before 3yrs for retenal detactmant and now it is all right now. But the left eye causes infections continuosly around per 2 or 3 months , doctors suggests that as a infection and they will prescribe a eye drop. Can you suggest some thing to cure this And i am 20 years old.


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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4 Answers

09:25 AM | 11-11-2019


09:22 AM | 11-11-2019

The reason why you had a retinal detachment was also toxic debris accumulation which is acidic and can corrode tissues and linings. With surgery, they have put the airball pressure and helped it attach back, but the clarity of vision is still a question imo. Another eye is also developing an infection. Any place there is discomfort like watering/redness etc only means that acidic buildup is happening there as well. It's quite possible that today you are making that go away with suppressors but the actual cause is not addressed.

you can follow a juice-only diet for 1-2 days when you have an infection and apply a wet cloth with grated cucumber over that cloth and rest for the whole day until the discomfort clears. This method has worked in many severe cases too. follow this lifestyle when your eye does not express symptoms. This following lifestyle will clean your body as a whole. The body does not work in parts but as a single unit. So your healing starts from your stomach

Morning on an empty stomach

  • Celery juice 500 ml filtered / ash gourd juice/cucumber juice/ green juice with any watery vegetable like ashgourd /cucumber/ridge gourd/bottle gourd/carrot/ beet with ginger and lime filtered/ tender coconut water or more pure veggie juice

Ensure for the whole day you drink 2-3 ltrs of pure liquids from plain water, fruits, vegetables and greens c tender coconut sugarcane juices

Afternoon from 12 :-

  • A bowl of fruits - don’t mix melons and other fruits. Eat melons alone. Eat citrus alone
  • Followed by a bowl of veg salad
  • Dinner 2-3 hrs before sleep with gluten free, unpolished grains cooked oilfree.
  • Please take enema for 30 days with Luke warm water and then slowly reduce the freq. this is not a substitute for daily nature call. Consult an expert as needed
  • Include some exercises that involve moving all your parts ( eyes, neck , shoulder, elbows, wrist, hip bending twisting, squats, knees, ankles). This will help move the lymphatic system
  • See if u can go to the morning sun for sometime in a day 30 mins at least.
  • Ensure that you are asleep between 10-2 which is when the body needs deep sleep. You need a lot of rest to heal your eyes. Avoid a lot of screen time

What to Avoid - these foods cause inflation the body

  • Avoid refined oils, fried food, packaged ready to eat foods, dairy in any form including ghee, refined salt and sugar, gluten, refined oils coffee tea alcohol, using oils in cooking
  • FOod touching Teflon, plastic, aluminium, copper. Use clay / cast iron / steel / glass
  • Avoid mental stress by not thinking about things you cannot control. The present is inevitable. Future can be planned. Stay happy. Happiness is only inside yourself. The world around you is a better place if you learn to stay happy inside yourself. Reach us if you need more help in this area. Emotional stress can cascade the effects. Thank your body and love it

Be blessed.

 

Smitha Hemadri (educator of natural healing practices)

 



09:22 AM | 11-11-2019

नमस्ते,

आंख का संक्रमण एक आम समस्या है,यह बैक्टीरिया, वायरस या फंगी के कारण होता है,यह आंख के किसी विशेष भाग में हो सकता है और यह किसी एक आंख को या दोनों आंखों को भी प्रभावित कर सकता है। आंख में संक्रमण से कई लक्षण होने लगते हैं, जैसे आंख में सुजन, खुजली, लालिमा, दर्द और आंख से पानी आना आदि। 

 शारीरिक स्वच्छता एवं जीवनशैली अपना कर आंख में सक्रमण होने से रोकथाम की जा सकती है-

  • नींद- रात्रि में 7 से 8 घंटे की नींद अवश्य लें, इससे शरीर में स्थित दूषित पदार्थ बाहर निकलते हैं कोशिकाओं की टूट-फूट की मरम्मत होती है।
  • प्रतिदिन सूर्योदय के समय जब सूर्य नारंगी रंग का होता है आंख बंद करके 30 सेकंड-1मिनट तक खड़े हो जाएं, आंखों का रक्त संचार बढ़ता है।
  • जूस- खीरा नारियल पानी, आंवला या एलोवेरा के जूस का सेवन करें ,इससे शरीर में अम्ल एवं क्षार का संतुलन बना रहता है।
  • भोजन-मौसमी फल एवं हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें ,इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में पोषण मिलता है।
  • सप्ताह में एक दिन उपवास रहें, इससे शरीर में स्थित दूषित पदार्थ बाहर निकलते हैं, शरीर में स्थित समस्त अंगों को आराम मिलता है।
  • आंखों पर आलू, खीरा या केला का पेस्ट बनाकर लगाएं दिन में दो से तीन बार एवं रात्रि में सोने से पहले लगाकर रहने दें, प्रातः काल उसे धो दें, आंख के संक्रमण,सूजन , लालिमा में लाभकारी है।
  •  दोनों हथेलियों को आपस में रगडें जब वे गर्म हो जाए आंखों पर लगाएं, आंख का रक्त संचार बढ़ता है।
  •  हाथों को नियमित रूप से धोते रहें , अपनी आंखों को भी नियमित रूप से ठंडे पानी के साथ धोते रहें। 
  • निषेध- गंदे हाथों से अपनी आंखों को ना छुएं, जानवरों से प्राप्त भोज्य पदार्थ, चाय, चावल, चीनी ,अचार ,मिठाईयां ,नमक ,नमकीन ,ठंडे पेय पदार्थ ,रात्रि जागरण ,सोने से 2 घंटे पहले व दिन में कम से कम मोबाइल, टेलीविजन, कंप्यूटर का प्रयोग।


09:19 AM | 11-11-2019

हेलो,

कारण - आँखों में प्रदाह (inflammation) के वजह से ऐसा हो सकता है।

आँखों की समस्या मिनरल की कमी को दर्शाता है।

आँखों का व्यायाम करें।

आँखों को दाएँ से बाएँ और बाएँ से दाएँ करें गर्दन हिलाएँ नहीं। 5 बार करें फिर आँख बंद करें। अब आँखों को ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर करें गर्दन को हिलाना नहीं है। 5 बार करें फिर आँख बंद करें।घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में

और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में घुमाएँ फिर आँखों को बंद कर के आराम दें। 5 बार करें फिर आँख बंद करें। जल्दी जल्दी आँखों को खोलें बंद करें 5 बार फिर आँख को बंद कर के खोले अब त्राटक क्रिया करें।अपने नाक के सीधी दिशा में एक मोमबत्ती जलाएँ। एक हाथ की दूरी रखें अब उस लो को देखें 5 मिनट तक फिर देखें फिर आँख बंद करके आराम करें। ऐसा दिन में दो बार करें। उसके आँख पर गुलाब जल की गीली पट्टी रखें। उसके ऊपर खीरा और धनिया पत्ता का पेस्ट रखें। 20मिनट बाद हटा लें। 

खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें। 

सर पर सूती कपड़ा बाँध कर उसके ऊपर खीरा और मेहंदी या करी पत्ते का पेस्ट लगाएँ,नाभि पर खीरा का पेस्ट लगाएँ।पैरों को 20 मिनट के लिए सादे पानी से भरे किसी बाल्टी या टब में डूबो कर रखें।

कच्चे कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ।

जीवन शैली - आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है। नारियल तेल से

घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

पृथ्वी - सुबह खीरे का जूस लें, खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। बेल का पत्ता 8 से 10 पीस कर I100ml पानी में मिला कर पीएँ। खीरा 1/2 भाग + धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। बेल पत्ता 8 से 10 पीस कर 100 ml पानी में मिला कर लें। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल + सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद + नट्स और अंकुरित अनाज के लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लें। एक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।ओ

सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ  ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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